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क्या बांग्लादेश में डेंगू से एक और मौत हुई? 2025 में अब तक 105 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं

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क्या बांग्लादेश में डेंगू से एक और मौत हुई? 2025 में अब तक 105 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं

सारांश

बांग्लादेश में डेंगू के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है, जिससे अब तक 105 लोगों की जान जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जानें इस विषाणु के संक्रमण और सुरक्षा उपायों के बारे में।

मुख्य बातें

बांग्लादेश में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
इस वर्ष 105 मौतें हो चुकी हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
अस्पतालों को मच्छरदानी और आईवी तरल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा के लिए व्यक्तिगत सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

ढाका, 17 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश में डेंगू से पिछले 24 घंटे में एक और मरीज की मौत हो गई, जिससे इस वर्ष अब तक मरने वालों की संख्या 105 हो गई है।

यूनाइटेड न्यूज ऑफ बांग्लादेश के अनुसार, रविवार सुबह तक के आंकड़ों में 466 नए मरीज अस्पताल में भर्ती हुए, जिससे 2025 में अब तक कुल पुष्ट मामलों की संख्या बढ़कर 26,378 हो गई है। निदेशालय सामान्य स्वास्थ्य सेवा (डीजीएचएस) के मुताबिक, मौत का मामला ढाका साउथ सिटी कॉर्पोरेशन (डीएससीसी) क्षेत्र का है।

नए मामलों में 83 मरीज बरीसाल डिवीजन, 74 ढाका नॉर्थ सिटी कॉर्पोरेशन, 66 राजशाही डिवीजन, 60 चटगांव डिवीजन, 60 ढाका डिवीजन, 57 ढाका साउथ सिटी कॉर्पोरेशन, 47 खुलना डिवीजन, 8 मयमनसिंह डिवीजन, 6 सिलहट डिवीजन और 5 रंगपुर डिवीजन से हैं।

वर्तमान में बांग्लादेश के विभिन्न अस्पतालों में 1,262 मरीज डेंगू का इलाज करा रहे हैं। वर्ष 2024 में डेंगू से 575 लोगों की मौत हुई थी।

बीते महीने स्वास्थ्य अधिकारियों ने सभी अस्पतालों को नए दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिनमें आउटडोर विभाग में फीवर/फ्लू कॉर्नर बनाने और डेंगू मरीजों के लिए अलग बेड की व्यवस्था करने को कहा गया था। इसके अलावा मरीजों को रोग की गंभीरता के आधार पर ए, बी और सी श्रेणियों में विभाजित करने और राष्ट्रीय गाइडलाइन के अनुसार इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

सरकारी अस्पतालों को डेंगू की जांच के लिए प्रयोगशाला सुविधाएं और पर्याप्त मात्रा में डेंगू जांच किट उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं। मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर उच्च स्तरीय अस्पतालों में रेफर करने और प्रत्येक अस्पताल में डेंगू उपचार के लिए प्रशिक्षित चिकित्सीय टीम सुनिश्चित करने को कहा गया है।

अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में अंतःशिरा (आईवी) तरल उपलब्ध होना चाहिए और मरीजों के तरल सेवन और उत्सर्जन का रिकॉर्ड भी नियमित रूप से रखा जाना जरूरी है। साथ ही, अस्पतालों को भर्ती डेंगू मरीजों के लिए पर्याप्त मच्छरदानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

डीजीएचएस ने कोविड-19 मरीजों के इलाज को लेकर भी अलग दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जून में कोविड-19, डेंगू और चिकनगुनिया तीनों बीमारियों का प्रकोप एक साथ देखने को मिला था। डीजीएचएस के अस्पताल निदेशक अबु हुसैन मोहम्मद मैनुल अहसान ने 16 जुलाई को जारी निर्देश में कहा था कि कोविड-19 मामलों में गिरावट आ रही है, जबकि डेंगू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें भी व्यक्तिगत स्तर पर सावधानी बरतनी चाहिए।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डेंगू से कैसे बचा जा सकता है?
डेंगू से बचने के लिए मच्छरदानी का उपयोग करें, घर में मच्छरों को पनपने से रोकें और नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच कराएं।
डेंगू के लक्षण क्या हैं?
डेंगू के लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, और त्वचा पर चकत्ते शामिल हैं।
डेंगू का उपचार कैसे किया जाता है?
डेंगू का किसी विशेष दवा से उपचार नहीं होता, लेकिन लक्षणों के अनुसार उपचार किया जाता है।
क्या डेंगू संक्रामक है?
डेंगू मच्छर द्वारा फैलता है, इसलिए यह सीधे संक्रमित व्यक्ति से नहीं फैलता।
क्या डेंगू का टीका उपलब्ध है?
हां, डेंगू के लिए टीका उपलब्ध है, लेकिन यह सभी उम्र के लोगों के लिए नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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