क्या पीरियड्स के दौरान एचपीवी वैक्सीन लगवाना सुरक्षित है? जानें
सारांश
Key Takeaways
- एचपीवी वैक्सीन लगवाना जरूरी है।
- पीरियड्स के दौरान वैक्सीन लगवाना पूरी तरह सुरक्षित है।
- हल्की प्रतिक्रियाएं सामान्य हैं और पीरियड्स से नहीं जुड़ी हैं।
- किशोरावस्था में वैक्सीनेशन अधिक फायदेमंद है।
- चिकित्सीय रुकावट नहीं है, तो वैक्सीनेशन कराना चाहिए।
नई दिल्ली, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत सरकार ने सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए 14 वर्ष तक की लड़कियों के लिए मुफ्त एचपीवी वैक्सीन कार्यक्रम की शुरुआत की है। लेकिन इस वैक्सीन से संबंधित कई प्रश्न उठ रहे हैं, जिनमें से एक यह है कि क्या पीरियड्स के दौरान वैक्सीन लगवाना सुरक्षित है?
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पीरियड्स के दौरान एचपीवी वैक्सीन लगवाना पूरी तरह से सुरक्षित है। वैक्सीन का उद्देश्य गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर को रोकना है और यह शरीर के हार्मोन या पीरियड्स के चक्र को प्रभावित नहीं करती है।
एचपीवी वैक्सीन का पहला उपयोग 2006 में किया गया था और तब से इसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता पर अनुसंधान जारी है। इन वर्षों में हजारों लड़कियों और महिलाओं को वैक्सीनेशन किया गया है, और किसी भी लंबे समय तक पीरियड्स में परिवर्तन या गंभीर दुष्प्रभाव का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पीरियड्स किसी भी वैक्सीनेशन के लिए बाधा नहीं हैं। यदि किसी लड़की को हल्का दर्द, थकान या बुखार जैसी सामान्य वैक्सीनेशन प्रतिक्रियाएं होती हैं, तो यह वैक्सीन का सामान्य प्रभाव है, न कि पीरियड्स के कारण।
कई लोग मानते हैं कि मासिक धर्म के दौरान शरीर अधिक संवेदनशील होता है और वैक्सीन लगवाने से कुछ जोखिम हो सकता है, लेकिन यह धारणा गलत है। शरीर इस समय भी वैक्सीनेशन को अच्छे से स्वीकार करता है और एंटीबॉडी का निर्माण करता है। वास्तव में, पीरियड्स के दौरान वैक्सीनेशन के लिए कोई चिकित्सीय रुकावट नहीं है। यदि लड़की को दर्द, ऐंठन या अन्य हल्की समस्याएं होती हैं, तो डॉक्टर सामान्य सलाह देते हैं, जैसे कि आराम करना और हल्का दर्द होने पर पेनकिलर लेना।
एचपीवी वैक्सीन हर महिला के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन किशोरावस्था में इसे लगवाना और भी बेहतर माना जाता है। क्वाड्रिवेलेंट एचपीवी वैक्सीन की एक डोज भी बहुत प्रभावी होती है।