सर्वाइकल कैंसर से बचाव में एचपीवी वैक्सीन सबसे कारगर, 14 साल की बेटियों को ज़रूर लगवाएं: विशेषज्ञ
सारांश
मुख्य बातें
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी (ह्यूमन पैपीलोमा वायरस) वैक्सीन सबसे प्रभावी उपाय है — यह बात स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार दोहरा रहे हैं। नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) ने इस वैक्सीन को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल करते हुए अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी 14 वर्षीय बेटियों को यह टीका अवश्य लगवाएं। विशेषज्ञों के अनुसार, सही उम्र में यह वैक्सीन लगवाने से जीवनभर के लिए इस खतरनाक बीमारी से सुरक्षा मिलती है।
क्यों ज़रूरी है एचपीवी वैक्सीन
सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले कैंसर के प्रमुख कारणों में से एक है। यह बीमारी ह्यूमन पैपीलोमा वायरस (HPV) के संक्रमण से होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, टीकाकरण के ज़रिए इस वायरस के संक्रमण को रोका जा सकता है, जिससे भविष्य में कैंसर का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। 14 वर्ष की आयु को इस टीके के लिए सबसे उपयुक्त समय माना जाता है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारत में महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के मामले चिंताजनक दर से बढ़ रहे हैं। समय पर टीकाकरण न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य की रक्षा करता है, बल्कि परिवार और समाज को भी स्वस्थ रखने में सहायक है।
विशेषज्ञों की राय
उत्तर प्रदेश में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के महाप्रबंधक डॉ. मनोज कुमार शुक्ला ने बताया कि यह वैक्सीन किशोरियों को जीवनभर के लिए सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा प्रदान करती है। उन्होंने कहा, 'चेचक और पोलियो का खात्मा करने के बाद अब हम गर्भाशय मुख के कैंसर से लड़ने के लिए तैयार हैं।'
डॉ. शुक्ला ने यह भी जानकारी दी कि प्रधानमंत्री के निर्देशन में एचपीवी वैक्सीन को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया गया है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपनी 14 वर्षीय बेटियों को यह टीका अवश्य लगवाएं, क्योंकि देरी करना खतरनाक साबित हो सकता है।
वैक्सीन कहाँ और कैसे लगवाएं
विशेषज्ञों के अनुसार, अभिभावक अपनी नज़दीकी आशा कार्यकर्ता, ANM या किसी भी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करके अपनी 14 साल की बेटी का एचपीवी टीकाकरण करवा सकते हैं। डॉ. शुक्ला के अनुसार, यह वैक्सीन पूरे उत्तर प्रदेश में हर जगह उपलब्ध है।
यह वैक्सीन बेटियों के लिए एक 'सुरक्षा कवच' की तरह है — डॉक्टरों का कहना है कि समय पर टीका लगवाने से किशोरियाँ जीवनपर्यंत सर्वाइकल कैंसर के खतरे से मुक्त रह सकती हैं।
आम जनता पर असर
यह पहल उन परिवारों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो स्वास्थ्य सुविधाओं तक आसानी से नहीं पहुँच पाते। सरकारी टीकाकरण कार्यक्रम के तहत यह वैक्सीन निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे समाज के हर वर्ग की बेटियाँ इसका लाभ उठा सकती हैं।
क्या होगा आगे
NHM का लक्ष्य है कि देशभर में एचपीवी टीकाकरण की दर को बढ़ाया जाए और सर्वाइकल कैंसर के मामलों में उल्लेखनीय कमी लाई जाए। चेचक और पोलियो उन्मूलन की तर्ज पर, स्वास्थ्य अधिकारी सर्वाइकल कैंसर को भी नियंत्रित करने के प्रति आशावादी हैं — बशर्ते टीकाकरण अभियान को व्यापक जन-जागरूकता का साथ मिले।