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ओपी राजभर का दावा: पीडीए और इंडी गठबंधन के सहारे यूपी नहीं जीत पाएंगे अखिलेश यादव

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ओपी राजभर का दावा: पीडीए और इंडी गठबंधन के सहारे यूपी नहीं जीत पाएंगे अखिलेश यादव

सारांश

यूपी मंत्री ओपी राजभर ने एक के बाद एक सपा के हर दावे को खारिज किया — चाहे इंडी गठबंधन की एकता हो, वोट चोरी के आरोप हों या जेनजी की नाराज़गी। आजम खान की ईडी गिरफ्तारी पर ₹520 करोड़ के वित्तीय विवाद को उन्होंने सीधे अखिलेश यादव के दरवाज़े पर रख दिया।

मुख्य बातें

ओपी राजभर ने 1 नवंबर 2026 को कहा कि पीडीए और इंडी गठबंधन के भरोसे अखिलेश यादव यूपी चुनाव नहीं जीत सकते।
यूपी में कांग्रेस के पास केवल 2 विधायक हैं; 2017 के सपा-कांग्रेस गठबंधन की विफलता की याद दिलाई।
वोट चोरी के आरोपों को राजभर ने निराधार बताया, सबूत पेश करने की चुनौती दी।
ABVP की छात्रसंघ चुनावों में जीत और चार राज्यों के एमएलसी चुनावों में कांग्रेस को शून्य सीटें मिलने का हवाला दिया।
आजम खान को ईडी ने फिर गिरफ्तार किया; 14 दिन की न्यायिक हिरासत ; राजभर ने विश्वविद्यालय निर्माण में ₹520 करोड़ की गड़बड़ी का आरोप लगाया।

उत्तर प्रदेश के मंत्री ओपी राजभर ने 1 नवंबर 2026 को लखनऊ में स्पष्ट कहा कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव न तो पीडीए और न ही इंडी गठबंधन की एकता के दम पर उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव जीत सकते हैं। राजभर ने गठबंधन की व्यावहारिकता, वोट चोरी के आरोपों, युवा मतदाताओं की भावनाओं और आजम खान की ईडी गिरफ्तारी — सभी मुद्दों पर सपा की कड़ी आलोचना की।

इंडी गठबंधन पर राजभर की दलील

सपा प्रमुख अखिलेश यादव के इंडी गठबंधन की एकजुटता के दावे पर पलटवार करते हुए मंत्री ओपी राजभर ने कहा, 'एक समूह है जो दिल्ली में आकर प्रदर्शन कर रहा था, जिसमें पूरे देश से लोग आए थे, वे यहां उत्तर प्रदेश में आकर वोट नहीं डालेंगे। चाहे वे राजस्थान, हरियाणा, छत्तीसगढ़ या दिल्ली के लोग हों, जो लोग इकट्ठा हुए थे, वे यूपी में आकर वोट नहीं देंगे।' राजभर ने यह भी याद दिलाया कि यूपी में कांग्रेस के पास मात्र दो विधायक हैं, और 2017 में सपा-कांग्रेस गठबंधन का हश्र सबके सामने है।

वोट चोरी के आरोपों पर पलटवार

अखिलेश यादव के बंगाल, बिहार और अन्य राज्यों में वोट चोरी के दावों को राजभर ने सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा, 'चुनाव आयोग से लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) तक, सभी कह रहे हैं कि हमें आकर इस पर चर्चा करनी चाहिए — चाहे वह लोकसभा में हो या विधानसभा। कम से कम वोट चोरी का कोई सबूत तो दीजिए।' राजभर ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि सपा ने झूठ बोलने का ठेका ले रखा है।

जेनजी और एबीवीपी की जीत का तर्क

सपा प्रमुख के इस दावे पर कि युवा पीढ़ी (जेनजी) भाजपा से नाराज है, मंत्री राजभर ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि यदि युवा भाजपा से नाराज हैं तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) हर जगह छात्रसंघ चुनाव क्यों जीत रही है। राजभर ने यह भी जोड़ा कि चार राज्यों के एमएलसी चुनावों में कांग्रेस को शून्य सीटें मिली हैं, जो गठबंधन की ज़मीनी हकीकत बताता है।

आजम खान की ईडी गिरफ्तारी पर तीखी प्रतिक्रिया

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को रिहाई के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने फिर से गिरफ्तार किया, और उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। अखिलेश यादव का कहना है कि आजम खान को मुसलमान होने और विश्वविद्यालय बनाने की सज़ा मिल रही है। इस पर राजभर ने कहा कि विश्वविद्यालय तो भाजपा ने बनाया, लेकिन इसकी नींव सपा के कार्यकाल में रखी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय निर्माण की वास्तविक लागत ₹600 करोड़ थी, जबकि सपा ने सरकारी अभिलेखों में मात्र ₹80 करोड़ दर्शाई। राजभर के अनुसार, शेष ₹520 करोड़ की जवाबदेही सपा सरकार को देनी होगी, और इसकी नैतिक ज़िम्मेदारी अखिलेश यादव पर है।

आगे की राजनीतिक तस्वीर

गौरतलब है कि यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ शुरू हो रही हैं और सपा गठबंधन को धार देने में जुटी है। राजभर के तीखे हमले यह संकेत देते हैं कि सत्तारूढ़ भाजपा गठबंधन विपक्ष के हर कथन को चुनौती देने की रणनीति पर चल रहा है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, पीडीए की परीक्षा असली चुनाव तक बूथ स्तर पर होगी — जहाँ आँकड़े ही अंतिम फैसला करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि 2024 के लोकसभा चुनावों में उसी पीडीए फ्रेमवर्क ने यूपी में सपा को उल्लेखनीय बढ़त दिलाई थी। आजम खान मामले में ₹520 करोड़ के आँकड़े को राजभर ने बिना दस्तावेज़ी आधार के उछाला — जो एक गंभीर आरोप है, परंतु स्वतंत्र सत्यापन के बिना यह भी एक राजनीतिक दावा ही बना रहेगा। असली सवाल यह है कि क्या भाजपा गठबंधन बूथ स्तर पर पीडीए की काट तैयार कर पाया है, या यह आत्मविश्वास केवल प्रेस-वार तक सीमित है।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओपी राजभर ने अखिलेश यादव के पीडीए दावे पर क्या कहा?
राजभर ने कहा कि दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले दूसरे राज्यों के लोग यूपी में वोट नहीं डालेंगे, इसलिए इंडी गठबंधन की एकता से यूपी का चुनाव नहीं जीता जा सकता। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2017 में सपा-कांग्रेस गठबंधन बुरी तरह विफल रहा था और आज कांग्रेस के पास यूपी में मात्र दो विधायक हैं।
आजम खान को ईडी ने क्यों दोबारा गिरफ्तार किया?
सपा नेता आजम खान को रिहाई के तुरंत बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने फिर से गिरफ्तार किया और उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। मामले के सटीक आरोप की विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन राजभर ने विश्वविद्यालय निर्माण में ₹520 करोड़ की कथित अनियमितता का उल्लेख किया।
ओपी राजभर ने विश्वविद्यालय और ₹600 करोड़ के बारे में क्या दावा किया?
राजभर के अनुसार, आजम खान से जुड़े विश्वविद्यालय के निर्माण में वास्तविक लागत ₹600 करोड़ थी, जबकि सपा सरकार के दौर में केवल ₹80 करोड़ सरकारी अभिलेखों में दर्शाए गए। शेष ₹520 करोड़ की जवाबदेही राजभर ने सपा और अखिलेश यादव पर डाली।
राजभर ने जेनजी की नाराज़गी के दावे का क्या जवाब दिया?
राजभर ने कहा कि यदि युवा पीढ़ी भाजपा से नाराज़ होती तो ABVP छात्रसंघ चुनाव हर जगह नहीं जीतती। उन्होंने यह भी जोड़ा कि चार राज्यों के एमएलसी चुनावों में कांग्रेस को शून्य सीटें मिली हैं, जो ज़मीनी हकीकत दर्शाती है।
वोट चोरी के आरोपों पर राजभर का क्या रुख है?
राजभर ने सपा के वोट चोरी के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि चुनाव आयोग और भाजपा दोनों ने बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने विपक्ष से कोई ठोस सबूत पेश करने की चुनौती दी और इन दावों को निराधार बताया।
राष्ट्र प्रेस
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