क्या बांग्लादेश में हाइपरटेंशन एक नई समस्या बन गई है?
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नई दिल्ली, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश में स्वास्थ्य से संबंधित एक सर्वे ने सबको चौंका दिया है। बांग्लादेशी मीडिया द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, 'हेल्थ एंड मॉर्बिडिटी स्टेटस सर्वे (एचएमएसएस) 2025' ने बांग्लादेश में एक अध्ययन किया, जिसमें यह सामने आया कि 1,000 लोगों में से 332 किसी न किसी बीमारी से प्रभावित हैं।
एचएमएसएस की रिपोर्ट के अनुसार, 90 दिनों के सर्वे के दौरान, हर 1,000 में से 332, यानी कि 10 में से 3 या 33 फीसदी लोग किसी न किसी बीमारी से जूझ रहे थे। यह सर्वे पिछले साल नवंबर और दिसंबर के बीच बांग्लादेश ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स (बीबीएस) द्वारा किया गया था।
बीबीएस ने सर्वे के आंकड़े जारी किए हैं, जिसमें बताया गया कि 1,89,986 लोगों और 47,040 घरों पर सर्वे किया गया। इस अध्ययन में यह पता चला है कि हाइपरटेंशन या उच्च रक्तचाप देश में सबसे आम बीमारी है। रिपोर्ट के अनुसार, सबसे ज्यादा लोग हाइपरटेंशन से प्रभावित हैं।
बांग्लादेशी मीडिया यूएनबी ने रिपोर्ट के हवाले से बताया कि सर्वे में हाइपरटेंशन के बाद पेप्टिक अल्सर, डायबिटीज, आर्थराइटिस, त्वचा की बीमारियां, दिल की बीमारियां, अस्थमा, ऑस्टियोपोरोसिस, हेपेटाइटिस और डायरिया जैसी बीमारियों की संख्या भी चिंताजनक है।
सर्वेक्षण के अनुसार, पिछले तीन महीनों में, हर व्यक्ति का औसत चिकित्सा खर्च 2,487 टका था। महिलाओं के लिए, औसत खर्च 2,576 टका था, जबकि पुरुषों के लिए यह 2,387 टका था। इसके साथ ही सर्वे में यह भी सामने आया है कि महिलाएं पुरुषों की तुलना में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर अधिक निर्भर हैं।
सर्वे के अनुसार, 15 साल और उससे अधिक उम्र के 26.7 फीसदी लोग किसी न किसी तरह के तंबाकू या तंबाकू उत्पादों का उपयोग करते हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच इस मामले में स्पष्ट अंतर देखा गया है। ग्रामीण इलाकों में तंबाकू उत्पादों का उपयोग करने की दर 27.7 फीसदी है, जबकि शहरी क्षेत्रों में 24.1 फीसदी लोग इसका इस्तेमाल करते हैं।