क्या बांग्लादेश में डेंगू से मौतों का सिलसिला थमने वाला है?
सारांश
Key Takeaways
- डेंगू
- सरकार ने बुखार होने पर तुरंत चिकित्सीय सहायता लेने का निर्देश दिया है।
- मच्छरों के प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए उपाय किए जा रहे हैं।
- लोगों को लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
ढाका, 23 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश में डेंगू से होने वाली मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार रात से रविवार सुबह के बीच केवल 24 घंटों में आठ व्यक्तियों ने दम तोड़ दिया।
यूनाइटेड न्यूज ऑफ बांग्लादेश के अनुसार, डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (डीजीएचएस) के हवाले से बताया गया कि इस दौरान 778 नए मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया गया। इस प्रकार, वर्ष 2025 में डेंगू के कुल मामलों की संख्या 90,264 तक पहुँच गई है, जबकि इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 364 हो गई है।
मायमनसिंह डिवीजन में तीन, ढाका साउथ सिटी कॉर्पोरेशन (डीएससीसी) में दो और बरिशाल, ढाका तथा चटगांव डिवीजन में एक-एक मरीज की मौत हुई है।
डीजीएचएस की रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष डेंगू के मरीजों में 62.3 प्रतिशत पुरुष और 37.7 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। मृतकों में 51.9 प्रतिशत पुरुष थे, जबकि 48.1 प्रतिशत महिलाएं थीं।
2024 में डेंगू से 575 लोगों की मौत हुई, जबकि 2023 में यह संख्या 1,705 थी।
बांग्लादेश के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 6 नवंबर को एक एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें एडीज मच्छर से होने वाले मामलों में वृद्धि की बात कही गई थी।
मंत्रालय की एडवाइजरी में, लोगों को बुखार होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने का निर्देश दिया गया था। इसके साथ ही, बीमारी के लक्षणों की पहचान होने पर योग्य डॉक्टर से परामर्श कर ब्लड टेस्ट कराने की सलाह दी गई थी।
यूनाइटेड न्यूज ऑफ बांग्लादेश की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय का मानना है कि जल्दी पहचान और त्वरित उपचार गंभीर समस्याओं से बचने में मदद कर सकता है।
मंत्रालय ने घरों, निर्माण स्थलों, स्कूलों और अन्य स्थानों से जमा पानी हटाने की सलाह दी थी और रात में मच्छरदानी का उपयोग करने का आग्रह किया था।
लोगों से अपील की गई कि जैसे ही बुखार या कोई अन्य समस्या महसूस हो, तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। किसी भी प्रकार के लक्षण को नजरअंदाज न करें।