1 नवंबर 2026
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चक्रवात 'मुरासु' का खतरा: CM चंद्रबाबू ने दिल्ली यात्रा रद्द की, 2-3 नवंबर को आंध्र तट से टक्कर संभव

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चक्रवात 'मुरासु' का खतरा: CM चंद्रबाबू ने दिल्ली यात्रा रद्द की, 2-3 नवंबर को आंध्र तट से टक्कर संभव

सारांश

आंध्र प्रदेश पर मात्र कुछ दिनों में दूसरा चक्रवाती खतरा — 'अर्नब' के बाद अब 'मुरासु'। CM चंद्रबाबू ने दिल्ली यात्रा रद्द कर मोर्चा संभाला। 2-3 नवंबर को 120 किमी प्रति घंटे की हवाओं के साथ लैंडफॉल और 12 जिलों में हज़ारों बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त होने का अनुमान।

मुख्य बातें

चक्रवात 'मुरासु' के 2-3 नवंबर को नेल्लोर और नरसपुर के बीच दक्षिणी आंध्र प्रदेश तट से टकराने की संभावना है।
लैंडफॉल के दौरान 100-110 किमी प्रति घंटे की हवाएँ और 120 किमी प्रति घंटे तक के झोंके अनुमानित।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार की दिल्ली यात्रा रद्द कर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
IMD ने आंध्र प्रदेश और उत्तरी तमिलनाडु के तटों के लिए चक्रवात अलर्ट जारी किया।
20 मंडलों में अत्यधिक भारी वर्षा की आशंका; 12 जिलों में 12,102 से 15,128 बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त होने का प्रारंभिक अनुमान।
यह 28 अक्टूबर को आए चक्रवात 'अर्नब' के महज कुछ दिनों बाद राज्य पर दूसरा बड़ा चक्रवाती संकट है।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने रविवार, 1 नवंबर को राज्य में आसन्न चक्रवात 'मुरासु' के संभावित प्रभाव की गहन समीक्षा की और चक्रवात के बढ़ते खतरे को देखते हुए सोमवार को निर्धारित अपनी दिल्ली यात्रा रद्द कर दी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव चक्रवाती तूफान में तब्दील हो चुका है और यह 2-3 नवंबर को दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका है।

चक्रवात की तीव्रता और लैंडफॉल का अनुमान

IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, 'मुरासु' के 2 नवंबर की सुबह पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में और अधिक तीव्र होकर गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। यह चक्रवात 2 नवंबर की मध्यरात्रि और 3 नवंबर की सुबह के दौरान नेल्लोर और नरसपुर के बीच 100 से 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं और 120 किमी प्रति घंटे तक के झोंकों के साथ दक्षिणी आंध्र प्रदेश तट को पार कर सकता है।

आंध्र प्रदेश और उससे सटे उत्तरी तमिलनाडु के तटों के लिए चक्रवात अलर्ट जारी किया गया है। गौरतलब है कि यह उसी राज्य पर दूसरा बड़ा चक्रवाती खतरा है, जहाँ महज कुछ दिन पहले 28 अक्टूबर को चक्रवात 'अर्नब' ने भी तबाही मचाई थी।

वर्षा और बाढ़ का अनुमान

2 नवंबर को दक्षिणी और मध्य तटीय जिलों में मध्यम से भारी वर्षा और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की आशंका है। 3 और 4 नवंबर को कई स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी वर्षा का अनुमान है।

अधिकारियों ने बताया कि जिन 20 मंडलों में अत्यधिक भारी वर्षा की आशंका है, उनमें से 9 एलुरु जिले में, 5 कृष्णा में, 5 एनटीआर में और 1 बापटला जिले में हैं। 3 नवंबर को जिलेवार औसत वर्षा का अनुमान इस प्रकार है — एलुरु: 179 मिमी, कृष्णा: 163 मिमी, एनटीआर: 161 मिमी, पश्चिम गोदावरी: 147 मिमी, गुंटूर: 119 मिमी और बापटला: 104 मिमी।

3 नवंबर को बुडामेरू में लगभग 32,500 क्यूसेक जल प्रवाह की संभावना जताई गई है। एर्राकलवा, गोनेलावगु, जल्लेरू और पम्पा जैसे जल निकायों में भारी बाढ़ आने की आशंका है।

बुनियादी ढाँचे को नुकसान का प्रारंभिक अनुमान

प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, तेज हवाओं से 12 जिलों में 12,102 से 15,128 बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। यह आँकड़ा बताता है कि राज्य में विद्युत आपूर्ति व्यापक पैमाने पर प्रभावित हो सकती है।

यह ऐसे समय में आया है जब अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि चक्रवात 'अर्नब' से प्रभावित सभी क्षेत्रों में रविवार रात तक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।

मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में वर्षा और हवा के पूर्वानुमान, जलाशयों की स्थिति और प्रभावित क्षेत्रों में एहतियाती उपायों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने चक्रवात 'अर्नब' से हुए नुकसान और राहत कार्यों की प्रगति के बारे में भी जानकारी ली। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्थिति की नज़ाकत को देखते हुए मुख्यमंत्री राज्य में ही रहेंगे।

आगे की राह

लैंडफॉल के पश्चात राहत और बचाव कार्यों की तैयारी पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। तटीय जिलों के निवासियों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। यह स्थिति आंध्र प्रदेश की आपदा प्रबंधन क्षमता और राज्य के तटीय बुनियादी ढाँचे की परीक्षा होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चक्रवात 'मुरासु' आंध्र प्रदेश से कब और कहाँ टकराएगा?
IMD के अनुसार, चक्रवात 'मुरासु' के 2 नवंबर की मध्यरात्रि और 3 नवंबर की सुबह के दौरान नेल्लोर और नरसपुर के बीच दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की संभावना है। लैंडफॉल के समय हवाओं की रफ्तार 100-110 किमी प्रति घंटे और झोंकों की गति 120 किमी प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है।
CM चंद्रबाबू नायडू ने दिल्ली यात्रा क्यों रद्द की?
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, चक्रवात 'मुरासु' के बढ़ते खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को निर्धारित अपनी दिल्ली यात्रा रद्द कर दी। उन्होंने 1 नवंबर को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर वर्षा, हवा के पूर्वानुमान और जलाशयों की स्थिति का जायज़ा लिया।
चक्रवात 'मुरासु' से कितने जिले प्रभावित होंगे?
अधिकारियों के अनुसार, 20 मंडलों में अत्यधिक भारी वर्षा की आशंका है — जिनमें 9 एलुरु, 5 कृष्णा, 5 एनटीआर और 1 बापटला जिले में हैं। इसके अलावा, 12 जिलों में 12,102 से 15,128 बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त होने का प्रारंभिक अनुमान है।
क्या आंध्र प्रदेश पहले भी हाल ही में किसी चक्रवात से प्रभावित हुआ था?
हाँ, 28 अक्टूबर को चक्रवात 'अर्नब' आंध्र प्रदेश से टकरा चुका है। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को उससे हुए नुकसान और राहत कार्यों की प्रगति से अवगत कराया और रविवार रात तक सभी प्रभावित क्षेत्रों में बिजली बहाल करने का आश्वासन दिया।
3 नवंबर को कौन-से जिलों में सबसे अधिक वर्षा का अनुमान है?
IMD के अनुमानों के अनुसार, 3 नवंबर को एलुरु जिले में सबसे अधिक लगभग 179 मिमी वर्षा होने का अनुमान है। इसके बाद कृष्णा में 163 मिमी, एनटीआर में 161 मिमी, पश्चिम गोदावरी में 147 मिमी, गुंटूर में 119 मिमी और बापटला में 104 मिमी वर्षा अनुमानित है।
राष्ट्र प्रेस
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