1 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एनएसए अजीत डोभाल हनोई पहुंचे, भारत-वियतनाम 'एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेन्सिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' पर होगी अहम बातचीत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एनएसए अजीत डोभाल हनोई पहुंचे, भारत-वियतनाम 'एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेन्सिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' पर होगी अहम बातचीत

सारांश

NSA अजीत डोभाल की हनोई यात्रा महज़ एक शिष्टाचार भेंट नहीं — यह भारत-वियतनाम की नई 'एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेन्सिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' को ज़मीनी हकीकत देने की कोशिश है। रक्षा, व्यापार और AI तक फैले इस रिश्ते को हिंद-प्रशांत समीकरण में भारत की बढ़ती भूमिका का संकेत माना जा रहा है।

मुख्य बातें

NSA अजीत डोभाल 1 नवंबर 2026 को आधिकारिक दौरे पर हनोई पहुंचे।
यात्रा का उद्देश्य भारत-वियतनाम एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेन्सिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के तहत वियतनामी नेतृत्व से बातचीत करना है।
मई 2026 में वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने यह उन्नत साझेदारी दर्जा हासिल किया था।
सितंबर 2026 में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और वियतनामी उप रक्षा मंत्री के बीच रक्षा उद्योग सहयोग पर विशेष चर्चा हुई।
27 अक्टूबर को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच में वियतनामी सांसदों से मिलकर व्यापार, IT और AI सहयोग पर चर्चा की।

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल 1 नवंबर 2026 को आधिकारिक दौरे पर वियतनाम की राजधानी हनोई पहुंचे। इस यात्रा के दौरान वे भारत-वियतनाम एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेन्सिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के ढाँचे के अंतर्गत वियतनामी नेतृत्व के साथ उच्चस्तरीय वार्ता करेंगे। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग तेज़ी से गहरा हो रहा है।

दूतावास की पुष्टि और यात्रा का उद्देश्य

वियतनाम में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस यात्रा की पुष्टि करते हुए लिखा, 'वियतनाम में आपका स्वागत है। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल आधिकारिक दौरे पर हनोई पहुंचे हैं। इस यात्रा के दौरान वह वियतनामी नेतृत्व के साथ बातचीत करेंगे, जो भारत-वियतनाम एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेन्सिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के अनुरूप होगी।' डोभाल की यह यात्रा रणनीतिक साझेदारी को ठोस नीतिगत रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

साझेदारी का पृष्ठभूमि और ताज़ा घटनाक्रम

मई 2026 में वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को उन्नत करते हुए एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेन्सिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया था। गौरतलब है कि उसी वर्ष सितंबर में नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और वियतनाम के उप रक्षा मंत्री सीनियर लेफ्टिनेंट जनरल गुयेन ट्रुओंग थांग के बीच रक्षा उद्योग सहयोग को मज़बूत करने पर विशेष चर्चा हुई थी।

उस बैठक में दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग के साथ-साथ रणनीतिक साझेदारी को और अधिक गहरा करने तथा विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त पहलों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी।

संसदीय स्तर पर भी बढ़ रहा है सहयोग

27 अक्टूबर 2026 को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नई दिल्ली में आयोजित 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के दौरान वियतनाम की सांसद माई डुंग थाई क्विन्ह और संसदीय मैत्री समूह के अन्य सदस्यों से मुलाकात की। इस बैठक में संसदीय सहयोग बढ़ाने, संस्थागत साझेदारी को सुदृढ़ करने और व्यापार, उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसे क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ।

बिरला ने विश्वास जताया कि इस तरह के संवाद से दोनों देशों के संसदीय संबंध और सुदृढ़ होंगे तथा दोनों देशों की पुरानी मित्रता को नई ऊर्जा मिलेगी। इस बैठक में कांग्रेस सांसद शशि थरूर और भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद दिलीप सैकिया भी उपस्थित रहे।

रणनीतिक महत्व और आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की कूटनीतिक सक्रियता लगातार बढ़ रही है और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता के लिए नए गठजोड़ बन रहे हैं। वियतनाम, दक्षिण चीन सागर में अपनी रणनीतिक स्थिति के कारण, भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' में एक केंद्रीय भागीदार बन चुका है। NSA डोभाल की यह यात्रा दोनों देशों के बीच सुरक्षा और कूटनीतिक तालमेल को नई दिशा देने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सुरक्षा-केंद्रित बनाने की कोशिश कर रहा है। वियतनाम के साथ 'एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेन्सिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' का दर्जा पाना महत्वपूर्ण है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि रक्षा उद्योग सहयोग कागज़ों से निकलकर साझा उत्पादन और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण तक कितनी दूर पहुंचता है। दक्षिण चीन सागर पर चीन के बढ़ते दबाव के बीच वियतनाम एक स्वाभाविक साझेदार है, और भारत की एक्ट ईस्ट नीति को इस रिश्ते से ठोस रणनीतिक लाभ उठाने का यह सबसे उपयुक्त समय है।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NSA अजीत डोभाल की हनोई यात्रा का उद्देश्य क्या है?
NSA अजीत डोभाल 1 नवंबर 2026 को हनोई पहुंचे हैं और भारत-वियतनाम एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेन्सिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के ढाँचे के तहत वियतनामी नेतृत्व के साथ उच्चस्तरीय वार्ता करेंगे। यह यात्रा रक्षा, सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को मज़बूत करने पर केंद्रित है।
भारत-वियतनाम एन्हांस्ड कॉम्प्रिहेन्सिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप क्या है?
यह द्विपक्षीय संबंधों का सर्वोच्च दर्जा है जो मई 2026 में वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने एक-दूसरे को दिया। इसके तहत रक्षा, व्यापार, सूचना प्रौद्योगिकी, AI और संसदीय सहयोग समेत कई क्षेत्रों में साझेदारी को नई ऊर्जा देने की योजना है।
भारत और वियतनाम के बीच रक्षा सहयोग की ताज़ा स्थिति क्या है?
सितंबर 2026 में नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और वियतनाम के उप रक्षा मंत्री सीनियर लेफ्टिनेंट जनरल गुयेन ट्रुओंग थांग के बीच रक्षा उद्योग सहयोग को मज़बूत करने पर विशेष वार्ता हुई थी। दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई है।
संसदीय स्तर पर भारत-वियतनाम संबंध कैसे बढ़ रहे हैं?
27 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने वियतनाम की सांसद माई डुंग थाई क्विन्ह और संसदीय मैत्री समूह के सदस्यों से मुलाकात की। बैठक में व्यापार, IT और AI जैसे क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा हुई।
भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी में वियतनाम कितना महत्वपूर्ण है?
वियतनाम दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का एक केंद्रीय स्तंभ है, विशेषकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में। दक्षिण चीन सागर में अपनी भौगोलिक स्थिति और साझा सामरिक हितों के कारण वियतनाम भारत के लिए एक स्वाभाविक और महत्वपूर्ण भागीदार बन चुका है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 1 साल पहले