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भारत-चीन सीमा वार्ता का 25वाँ दौर: वीणा सिकरी बोलीं — डोभाल की मौजूदगी अहम, ब्रिक्स पर भी होगी बात

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भारत-चीन सीमा वार्ता का 25वाँ दौर: वीणा सिकरी बोलीं — डोभाल की मौजूदगी अहम, ब्रिक्स पर भी होगी बात

सारांश

NSA अजीत डोभाल की चीन यात्रा और भारत-चीन सीमा वार्ता के 25वें दौर को पूर्व उच्चायुक्त वीणा सिकरी ने कूटनीतिक दृष्टि से अहम बताया। ब्रिक्स समिट से पहले शी जिनपिंग के संभावित भारत दौरे की पृष्ठभूमि में यह वार्ता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

मुख्य बातें

पूर्व उच्चायुक्त वीणा सिकरी ने NSA अजीत डोभाल की चीन यात्रा को कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बताया।
भारत-चीन सीमा विवाद पर 25वें दौर की वार्ता जारी है; NSA स्तर का प्रतिनिधित्व इसे विशेष वज़न देता है।
15-20 दिनों में भारत में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन होने वाला है; शी जिनपिंग के आगमन की संभावना पर नज़र।
शी जिनपिंग के आने की पुष्टि होने पर भारत-चीन द्विपक्षीय बैठक निश्चित मानी जा रही है।
कनाडाई जाँच एजेंसी ने पुष्टि की कि निज्जर मामले में भारत की कोई जिम्मेदारी नहीं; PM मार्क कार्नी के नेतृत्व में भारत-कनाडा संबंध सामान्य हो रहे हैं।

बांग्लादेश में भारत की पूर्व उच्चायुक्त वीणा सिकरी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के चीन दौरे को कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण करार दिया है। उनके अनुसार, भारत और चीन के बीच सीमा विवाद पर चल रही 25वें दौर की वार्ता एक सकारात्मक संकेत है, और इसमें NSA स्तर का प्रतिनिधित्व इस प्रक्रिया को और अधिक वज़नदार बनाता है। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन कुछ ही हफ्तों दूर है।

सीमा वार्ता का महत्व

वीणा सिकरी ने कहा, 'यह बहुत अच्छी बात है कि भारत और चीन के बीच सीमा को लेकर 25वें दौर की बातचीत हो रही है। खासतौर से इस वार्ता में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।' उन्होंने इसे एक महत्वपूर्ण शृंखला का हिस्सा बताया, जिसका उद्देश्य सीमा के लंबित मुद्दों का व्यावहारिक समाधान निकालना है।

ब्रिक्स समिट से पहले की तैयारी

वीणा सिकरी के अनुसार, 15-20 दिनों के भीतर भारत में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को देखते हुए NSA डोभाल की चीनी प्रतिनिधियों के साथ इस विषय पर भी चर्चा होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि उम्मीद की जा रही है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने भारत आएंगे। ऐसे में उनके आगमन से पूर्व वरिष्ठ स्तर पर संवाद आवश्यक है ताकि द्विपक्षीय बैठक की रूपरेखा तय हो सके।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत के विदेश मंत्री रूस दौरे पर हैं और वहाँ राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के संभावित भारत दौरे को लेकर भी चर्चा हुई होगी।

शी जिनपिंग के दौरे की संभावना और द्विपक्षीय बैठक

वीणा सिकरी ने स्पष्ट किया कि यदि राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत आने की पुष्टि होती है, तो द्विपक्षीय बैठक निश्चित रूप से होगी। उनके अनुसार, ऐसी शिखर-स्तरीय मुलाकातों में सीमा विवाद सहित सभी प्रमुख मुद्दों पर बातचीत होती है।

भारत-कनाडा संबंधों पर नया अध्याय

गोल्डी बरार के ऑडियो प्रकरण और भारत-कनाडा संबंधों पर वीणा सिकरी ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध अब काफी बेहतर हो गए हैं। उन्होंने याद दिलाया कि कुछ वर्ष पूर्व तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने संसद में यह दावा किया था कि उनके पास 'विश्वसनीय आरोप' हैं कि हरदीप सिंह निज्जर की मौत में भारत की भूमिका है। भारत ने तब कड़े शब्दों में इसे खारिज किया था।

उस विवाद के बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों में भारी तनाव आया, राजनयिकों को वापस बुलाया गया और व्यापार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। अब कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के नेतृत्व में स्थिति सामान्य हो रही है। वीणा सिकरी के अनुसार, कनाडाई जाँच एजेंसी ने भी पुष्टि की है कि इस मामले में भारत की कोई जिम्मेदारी नहीं है।

आगे क्या होगा

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों और NSA डोभाल की चीन यात्रा के परिणामों पर सभी की निगाहें टिकी हैं। यदि शी जिनपिंग का भारत दौरा होता है, तो यह भारत-चीन संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह याद रखना ज़रूरी है कि पिछले दो दशकों में इस शृंखला के कई दौर बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हुए हैं। ब्रिक्स की समय-सीमा एक बाहरी दबाव ज़रूर बनाती है, पर शी जिनपिंग के दौरे की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है — जो इस पूरी कूटनीतिक तैयारी को अनिश्चितता के घेरे में रखती है। भारत-कनाडा संबंधों के सामान्य होने की खबर स्वागतयोग्य है, लेकिन यह कनाडाई घरेलू राजनीति की देन अधिक है, भारतीय कूटनीतिक सफलता की कम।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-चीन सीमा वार्ता का 25वाँ दौर क्यों महत्वपूर्ण है?
यह वार्ता इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें भारत की ओर से NSA स्तर के अधिकारी अजीत डोभाल प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जो इस शृंखला को उच्च-स्तरीय राजनीतिक महत्व देता है। साथ ही, यह ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हो रही है, जिससे इसका कूटनीतिक वज़न और बढ़ जाता है।
क्या शी जिनपिंग ब्रिक्स समिट के लिए भारत आएंगे?
पूर्व उच्चायुक्त वीणा सिकरी के अनुसार, उम्मीद की जा रही है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने भारत आएंगे। हालाँकि, अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
NSA डोभाल की चीन यात्रा में ब्रिक्स पर क्या चर्चा होगी?
वीणा सिकरी के अनुसार, NSA डोभाल की चीनी प्रतिनिधियों के साथ ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के एजेंडे और संभावित द्विपक्षीय बैठक की रूपरेखा पर चर्चा होने की संभावना है। शी जिनपिंग के आने की पुष्टि होने पर सीमा विवाद सहित सभी प्रमुख मुद्दे द्विपक्षीय बैठक में उठाए जाएंगे।
भारत-कनाडा संबंध अब किस स्थिति में हैं?
पूर्व उच्चायुक्त वीणा सिकरी के अनुसार, नए कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के नेतृत्व में दोनों देशों के संबंध काफी बेहतर हुए हैं। कनाडाई जाँच एजेंसी ने भी पुष्टि की है कि हरदीप सिंह निज्जर मामले में भारत की कोई जिम्मेदारी नहीं है।
भारत-कनाडा संबंधों में पहले क्या तनाव आया था?
तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने संसद में दावा किया था कि उनके पास 'विश्वसनीय आरोप' हैं कि हरदीप सिंह निज्जर की मौत में भारत शामिल है। भारत ने इसे सिरे से खारिज किया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध बिगड़ गए, राजनयिकों को वापस बुलाया गया और द्विपक्षीय व्यापार पर भी असर पड़ा।
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