ब्रिक्स एनएसए बैठक: अजित डोभाल ने ईरान के गदीर नेजामी से पश्चिम एशिया और द्विपक्षीय संबंधों पर की चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने सोमवार, 22 जून को नई दिल्ली में आयोजित 16वीं ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बैठक के दौरान ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) के रक्षा मामलों के उप सचिव गदीर नेजामी से द्विपक्षीय वार्ता की। इस बैठक में पश्चिम एशिया की मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति, ब्रिक्स ढाँचे के अंतर्गत सहयोग और भारत-ईरान के आपसी संबंधों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में क्या हुई चर्चा
विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि दोनों पक्षों ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। इसके साथ ही ब्रिक्स के तहत सहयोग के संभावित क्षेत्रों और भारत-ईरान द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर भी बातचीत हुई। जायसवाल ने कहा, 'दोनों पक्षों ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। इसके अलावा ब्रिक्स के तहत सहयोग और भारत-ईरान के द्विपक्षीय संबंधों पर भी चर्चा हुई।'
इथियोपिया से भी हुई रणनीतिक बातचीत
डोभाल ने इथियोपिया की नेशनल इंटेलिजेंस एंड सिक्योरिटी सर्विस के विश्लेषण विभाग के कार्यकारी निदेशक मिलियन लेमा टैडेसे से भी मुलाकात की। इस वार्ता में भारत और इथियोपिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने तथा सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
16वीं ब्रिक्स एनएसए बैठक का एजेंडा
भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस दो दिवसीय बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और प्रतिनिधिमंडल प्रमुख 'आज दुनिया के सामने मौजूद गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों' पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। MEA के अनुसार, अधिकारी तेजी से बदलती राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों और नई तकनीकों से उत्पन्न खतरों पर भी चर्चा करेंगे।
आतंकवाद विरोध और साइबर सुरक्षा पर फोकस
बैठक में हाल ही में संपन्न ब्रिक्स आतंकवाद विरोधी संयुक्त कार्य समूह और सूचना एवं संचार तकनीक (ICT) के सुरक्षित इस्तेमाल से जुड़े संयुक्त कार्य समूह की बैठकों के नतीजों की भी समीक्षा की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर साइबर खतरे और क्षेत्रीय अस्थिरता दोनों बढ़ रहे हैं।
आगे की दिशा
गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है और ब्रिक्स समूह अपने विस्तार के बाद नई भू-राजनीतिक जिम्मेदारियाँ निभाने की कोशिश कर रहा है। भारत की अध्यक्षता में हो रही यह बैठक नई दिल्ली की बहुपक्षीय कूटनीति और वैश्विक सुरक्षा संवाद में सक्रिय भागीदारी को रेखांकित करती है।