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ब्रिक्स एनएसए बैठक: अजित डोभाल ने इथियोपिया के मिलियन लेमा टैडेसे से की मुलाकात, भारत-इथियोपिया रणनीतिक साझेदारी पर मंथन

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ब्रिक्स एनएसए बैठक: अजित डोभाल ने इथियोपिया के मिलियन लेमा टैडेसे से की मुलाकात, भारत-इथियोपिया रणनीतिक साझेदारी पर मंथन

सारांश

नई दिल्ली में 16वीं ब्रिक्स एनएसए बैठक के दौरान अजित डोभाल ने इथियोपिया के एनआईएसएस निदेशक मिलियन लेमा टैडेसे से मुलाकात की। भारत-इथियोपिया रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने और गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों पर विचार-विमर्श हुआ। यह बैठक सितंबर में प्रस्तावित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की अहम तैयारी मानी जा रही है।

मुख्य बातें

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने 22 जून को 16वीं ब्रिक्स एनएसए बैठक के दौरान इथियोपिया के एनआईएसएस के कार्यकारी निदेशक मिलियन लेमा टैडेसे से मुलाकात की।
दोनों पक्षों ने भारत-इथियोपिया रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ करने के लिए सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर चर्चा की।
बैठक की थीम 'गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियाँ' रही; प्रतिभागियों में चीन के वांग यी , रूस के सर्गेई शोइगु और ईरान के सुरक्षा प्रतिनिधि नेजामी शामिल हुए।
ईरान जनवरी 2024 से ब्रिक्स का पूर्ण सदस्य है और समूह में उसकी भूमिका बढ़ती जा रही है।
यह बैठक सितंबर 2026 में भारत में प्रस्तावित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों का हिस्सा मानी जा रही है।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने सोमवार, 22 जून को नई दिल्ली में आयोजित 16वीं ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) बैठक के दौरान इथियोपिया की राष्ट्रीय खुफिया और सुरक्षा सेवा (एनआईएसएस) के विश्लेषण विभाग के कार्यकारी निदेशक मिलियन लेमा टैडेसे से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने भारत-इथियोपिया रणनीतिक साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ एवं गहरा बनाने के लिए सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।

बैठक में किन मुद्दों पर हुई चर्चा

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि दोनों वरिष्ठ अधिकारियों के बीच द्विपक्षीय सहयोग के अनेक पहलुओं पर चर्चा हुई। इस बैठक में सीमा-पार आतंकवाद, पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति, उभरते भू-राजनीतिक संकट और ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने जैसे अहम मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान होने की उम्मीद जताई गई।

बैठक का व्यापक स्वरूप

डोभाल की अध्यक्षता में हो रही इस उच्चस्तरीय बैठक में चीन के विदेश मंत्री वांग यी, रूस की सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु और ईरान के सुरक्षा प्रतिनिधि नेजामी सहित कई देशों के वरिष्ठ अधिकारी भाग ले रहे हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक की केंद्रीय थीम 'आज दुनिया के सामने मौजूद गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियाँ' रखी गई है, जिस पर सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधि अपने-अपने दृष्टिकोण साझा करेंगे।

भारत की ब्रिक्स रणनीति और इस बैठक का महत्व

यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब भारत ब्रिक्स मंच पर वैश्विक शासन, सुरक्षा सहयोग और तकनीकी चुनौतियों पर अपनी भूमिका को और सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहा है। गौरतलब है कि ब्रिक्स समूह अब केवल आर्थिक मुद्दों तक सीमित नहीं रहा — रणनीतिक और सुरक्षा संबंधी चिंताएँ भी इसके एजेंडे का अभिन्न हिस्सा बन चुकी हैं। हाल के ईरान-संबंधित घटनाक्रमों और क्षेत्रीय तनावों के बीच यह बैठक विशेष महत्व रखती है।

सितंबर शिखर सम्मेलन की तैयारी

इस एनएसए बैठक को सितंबर 2026 में भारत में प्रस्तावित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि ईरान जनवरी 2024 से ब्रिक्स का पूर्ण सदस्य है और हाल के वर्षों में समूह के भीतर उसकी सक्रियता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। नई दिल्ली में आयोजित यह सुरक्षा बैठक सदस्य देशों के बीच रणनीतिक समन्वय को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर तब जब चीन इथियोपिया सहित पूरे अफ्रीकी महाद्वीप में अपना प्रभाव तेज़ी से बढ़ा रहा है। ब्रिक्स का विस्तार और उसमें ईरान जैसे देशों की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि यह मंच अब आर्थिक समूह से आगे निकलकर एक भू-राजनीतिक संतुलन-शक्ति बनने की कोशिश में है। भारत के लिए असली परीक्षा यह है कि वह इस विविध और कभी-कभी परस्पर-विरोधी हितों वाले समूह में अपनी स्वतंत्र विदेश नीति की साख बनाए रखते हुए सामरिक लाभ कैसे उठाता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

16वीं ब्रिक्स एनएसए बैठक क्या है और यह कहाँ हो रही है?
16वीं ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बैठक नई दिल्ली में आयोजित हो रही है, जिसकी अध्यक्षता भारत के एनएसए अजित डोभाल कर रहे हैं। इसमें ब्रिक्स सदस्य देशों के वरिष्ठ सुरक्षा प्रतिनिधि 'गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों' थीम पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।
अजित डोभाल और मिलियन लेमा टैडेसे की मुलाकात में क्या हुआ?
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने इथियोपिया की एनआईएसएस के विश्लेषण विभाग के कार्यकारी निदेशक मिलियन लेमा टैडेसे से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने भारत-इथियोपिया रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर चर्चा की।
इस ब्रिक्स एनएसए बैठक में कौन-कौन से देश शामिल हैं?
बैठक में चीन के विदेश मंत्री वांग यी, रूस की सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु, ईरान के सुरक्षा प्रतिनिधि नेजामी और इथियोपिया सहित कई ब्रिक्स सदस्य देशों के वरिष्ठ अधिकारी भाग ले रहे हैं।
यह बैठक सितंबर 2026 के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से कैसे जुड़ी है?
इस एनएसए बैठक को सितंबर 2026 में भारत में प्रस्तावित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह सदस्य देशों के बीच रणनीतिक समन्वय को पहले से मजबूत करने का अवसर है।
ब्रिक्स में ईरान की क्या भूमिका है?
ईरान जनवरी 2024 से ब्रिक्स का पूर्ण सदस्य है और हाल के वर्षों में समूह के भीतर उसकी सक्रियता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। हाल के क्षेत्रीय तनावों के बीच नई दिल्ली की इस बैठक में ईरानी प्रतिनिधि की उपस्थिति इसे विशेष रूप से महत्वपूर्ण बनाती है।
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