सर्बिया में 53 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान, छात्र गठबंधन को 52.71% वोट की बढ़त
सारांश
मुख्य बातें
सर्बिया के रिपब्लिक इलेक्टोरल कमीशन (आरआईके) के निर्देश पर 1 नवंबर 2026 को देशभर के 53 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान (री-पोलिंग) शुरू हुआ। यह 25 अक्टूबर को आयोजित समयपूर्व संसदीय चुनावों के उन केंद्रों पर कराया जा रहा है, जहाँ तकनीकी या प्रक्रियागत कारणों से मतदान पूर्ण नहीं हो सका था। इस पुनर्मतदान के बाद नई नेशनल असेंबली की तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।
पुनर्मतदान की पृष्ठभूमि
आरआईके ने 31 मतदान केंद्रों पर दोबारा वोटिंग का आदेश इसलिए दिया क्योंकि वहाँ चुनाव परिणाम निर्धारित नहीं हो सके थे। इसके अतिरिक्त 22 केंद्रों पर मतदान पूरी तरह रद्द कर दिया गया था, जिससे इन स्थानों पर भी नए सिरे से मतपत्र डाले जा रहे हैं। कुल मिलाकर 53 केंद्रों पर यह प्रक्रिया एक साथ चल रही है।
प्रारंभिक मतगणना के आँकड़े
सोमवार को जारी प्रारंभिक नतीजों के अनुसार, 8,392 में से 8,187 मतदान केंद्रों की गणना के आधार पर छात्र समर्थित गठबंधन 'स्टूडेंट लिस्ट-स्टूडेंट्स आर विनिंग' को 52.71 प्रतिशत मत प्राप्त हुए हैं। वहीं, सर्बियन प्रोग्रेसिव पार्टी (एसएनएस) के नेतृत्व वाली 'अलेक्जेंडर वुसिक-यूनाइटेड सर्बिया' सूची को 39.17 प्रतिशत वोट मिले हैं। गौरतलब है कि शेष 205 केंद्रों के आँकड़े अभी तक इन नतीजों में शामिल नहीं हैं और पुनर्मतदान के बाद अंतिम तस्वीर बदल भी सकती है।
चुनाव की संरचना और मतदाता आँकड़े
25 अक्टूबर को हुए इन समयपूर्व संसदीय चुनावों में नेशनल असेंबली की 250 सीटों के लिए 18 चुनावी सूचियों के अंतर्गत 2,418 उम्मीदवार मैदान में थे। चुनाव में लगभग 64.5 लाख पंजीकृत मतदाता थे और पूरे देश में 8,392 मतदान केंद्र स्थापित किए गए थे। यह ऐसे समय में आया है जब सर्बिया में राजनीतिक बदलाव की एक बड़ी प्रक्रिया एक साथ चल रही है।
सरकार गठन की प्रक्रिया
सर्बिया के संविधान के अनुसार, नई नेशनल असेंबली के गठन के बाद नई सरकार बनाने की प्रक्रिया आरंभ होगी। सांसदों द्वारा नए संसद अध्यक्ष का चुनाव होगा, जो वर्तमान में कार्यवाहक राष्ट्रपति की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। इसके बाद प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार को अपना सरकारी कार्यक्रम और प्रस्तावित मंत्रिमंडल की सूची संसद के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी और राष्ट्रीय विधानसभा के बहुमत सदस्यों का समर्थन हासिल करना होगा।
वुसिक का इस्तीफा और आगे का राजनीतिक परिदृश्य
5 सितंबर को तत्कालीन राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक ने एसएनएस की ओर से संसदीय चुनाव सूची का नेतृत्व करने और प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बनने का प्रस्ताव स्वीकार किया था। इसके बाद 9 सितंबर को संसद भंग करने का आदेश जारी हुआ और 25 अक्टूबर के लिए समयपूर्व चुनाव घोषित किए गए। 27 सितंबर को वुसिक ने राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद राष्ट्रीय विधानसभा की अध्यक्ष आना ब्रनाबिच ने कार्यवाहक राष्ट्रपति का पद संभाला। सर्बियाई कानून के तहत देश में दिसंबर के अंत तक राष्ट्रपति चुनाव कराना भी अनिवार्य है, जिससे आने वाले हफ्तों में सर्बिया की राजनीति और अधिक सक्रिय रहने की संभावना है।