1 नवंबर 2026
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इंडिया ब्लॉक की रामलीला मैदान रैली को कांग्रेस ने बताया ऐतिहासिक, सैलजा बोलीं — विपक्ष एकजुट

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इंडिया ब्लॉक की रामलीला मैदान रैली को कांग्रेस ने बताया ऐतिहासिक, सैलजा बोलीं — विपक्ष एकजुट

सारांश

रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की मेगा रैली को कांग्रेस ने ऐतिहासिक सफलता बताया। कुमारी सैलजा, मधु गौड़ यास्की और माणिकराव ठाकरे ने एक स्वर में दावा किया कि यह जनता का स्वतःस्फूर्त आक्रोश है और मोदी सरकार के अंत की शुरुआत — हालाँकि BJP ने इन दावों को खारिज किया है।

मुख्य बातें

इंडिया गठबंधन की रामलीला मैदान रैली 1 नवंबर 2026 को आयोजित हुई; कांग्रेस ने इसे ऐतिहासिक सफलता बताया।
कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्षी एकजुटता का मजबूत संदेश गया।
पूर्व सांसद मधु गौड़ यास्की ने दावा किया कि यह जनता की स्वतःस्फूर्त प्रतिक्रिया है और मोदी सरकार के अंत की शुरुआत है।
गृह मंत्री अमित शाह के 'नफरत की दुकान' बयान पर कांग्रेस नेताओं ने पलटवार किया।
माणिकराव ठाकरे ने चुनाव आयोग के ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग दोहराई।

इंडिया गठबंधन की 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान, नई दिल्ली में आयोजित मेगा रैली को कांग्रेस ने ऐतिहासिक सफलता करार दिया है। कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि इस रैली से देशभर में यह संदेश गया कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए विपक्ष पूरी तरह एकजुट है। कांग्रेस नेता मधु गौड़ यास्की ने दावा किया कि यह जनसमूह मोदी सरकार के शासन और कथित वोट चोरी के विरुद्ध जनता के स्वतःस्फूर्त आक्रोश का प्रतीक है।

रैली का माहौल और भागीदारी

कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने कहा, 'आज की मेगा रैली बहुत सफल रही। न सिर्फ कार्यक्रम स्थल पर, बल्कि पूरे शहर में भीड़ जुटी थी। देशभर से आए लोगों में असाधारण उत्साह दिखा।' उन्होंने यह भी कहा कि एनडीए के कुछ सहयोगियों की भागीदारी ने इस रैली को और व्यापक बना दिया और यह संदेश और मजबूत हुआ कि 'राहुल गांधी की अगुवाई में लोकतंत्र की यह लड़ाई साझा है।'

पूर्व लोकसभा सांसद मधु गौड़ यास्की ने इस आयोजन को किसी एक दल की रैली नहीं, बल्कि 'जनता की स्वतःस्फूर्त प्रतिक्रिया' बताया। उनके अनुसार, 'यह दिल्ली के हर कोने और पूरे देश के लोगों की सहभागिता है — किसी एक नेता या पार्टी की कोशिश से यह संभव नहीं होता।'

मोदी सरकार पर कांग्रेस के आरोप

यास्की ने आरोप लगाया कि लोग मोदी सरकार के शासन और 'वोट चोरी' से तंग आ चुके हैं। उन्होंने कहा, 'लोग उन झूठे वादों को समझ चुके हैं, जो सत्ता में आने और बने रहने के लिए किए गए थे। यह मोदी सरकार के अंत की शुरुआत है।' गौरतलब है कि ये कांग्रेस के आरोप हैं; भारतीय जनता पार्टी (BJP) या सरकार की ओर से इन दावों पर कोई तत्काल आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।

अमित शाह के बयान पर पलटवार

गृह मंत्री अमित शाह के 'नफरत की दुकान' वाले बयान पर सैलजा ने कटाक्ष करते हुए कहा कि नफरत फैलाने वाले कौन हैं, यह दुनिया जानती है। उन्होंने इसे BJP और RSS की सोच बताया। यास्की ने कहा कि शाह 'घबरा गए हैं' और ऐसे मुद्दे उठा रहे हैं जो इस समय कोई मुद्दा नहीं है।

कांग्रेस नेता माणिकराव ठाकरे ने आरोप लगाया कि अमित शाह 'बौखला गए हैं' क्योंकि राहुल गांधी के बयानों पर ही प्रतिक्रिया देना उनकी मजबूरी बन गई है। ठाकरे ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग के ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना पड़ेगा और दोषियों पर कार्रवाई अवश्यंभावी है — हालाँकि यह कांग्रेस का राजनीतिक दावा है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

राहुल गांधी की भूमिका और आगे की राह

ठाकरे ने कहा कि राहुल गांधी ने रैली में 'मोहब्बत से आगे जाने, संविधान बचाने और लोकतंत्र की रक्षा' का संदेश दिया, जो जनमानस तक पहुँचा है। उन्होंने संकेत दिया कि इंडिया गठबंधन के भावी कार्यक्रमों को बड़े पैमाने पर लागू किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष एकजुटता की परीक्षाओं के बीच खुद को पुनर्संगठित करने की कोशिश कर रहा है। आने वाले हफ्तों में इंडिया गठबंधन की रणनीति और उसका स्वरूप अधिक स्पष्ट होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह जनसमूह चुनावी समर्थन में तब्दील होगा — जो 2024 के बाद से इंडिया गठबंधन की सबसे बड़ी चुनौती रही है। कांग्रेस के 'मोदी सरकार के अंत की शुरुआत' जैसे दावे हर बड़ी रैली के बाद दोहराए जाते हैं, परंतु गठबंधन की आंतरिक एकता और साझा न्यूनतम कार्यक्रम अभी भी अस्पष्ट हैं। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग से यह भी संकेत मिलता है कि विपक्ष की लड़ाई अब संस्थागत मोर्चे पर भी केंद्रित हो रही है। मुख्यधारा की कवरेज भीड़ के आँकड़ों पर टिकी रहती है — असली जाँच यह होगी कि अगले राज्य चुनावों में इस एकजुटता का स्वरूप क्या होता है।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया गठबंधन की रामलीला मैदान रैली क्या थी?
1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन ने एक मेगा रैली आयोजित की, जिसमें राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने भाग लिया। कांग्रेस ने इसे मोदी सरकार के खिलाफ जनता के व्यापक असंतोष की अभिव्यक्ति बताया।
कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने रैली के बारे में क्या कहा?
कुमारी सैलजा ने कहा कि यह मेगा रैली बहुत सफल रही और देशभर से आए लोगों में असाधारण उत्साह था। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी की अगुवाई में लोकतंत्र की लड़ाई में विपक्ष की एकजुटता का मजबूत संदेश गया है।
मधु गौड़ यास्की ने मोदी सरकार पर क्या आरोप लगाए?
पूर्व लोकसभा सांसद मधु गौड़ यास्की ने कहा कि लोग मोदी सरकार के शासन और कथित वोट चोरी से तंग आ चुके हैं और यह मोदी सरकार के अंत की शुरुआत है। हालाँकि ये कांग्रेस के राजनीतिक दावे हैं जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अमित शाह के 'नफरत की दुकान' बयान पर कांग्रेस ने क्या कहा?
कांग्रेस नेताओं ने गृह मंत्री अमित शाह के इस बयान को खारिज करते हुए कहा कि नफरत फैलाने का काम BJP और RSS ने किया है। यास्की ने कहा कि शाह घबरा गए हैं और ऐसे मुद्दे उठा रहे हैं जो इस समय प्रासंगिक नहीं हैं।
माणिकराव ठाकरे ने ज्ञानेश कुमार के बारे में क्या कहा?
कांग्रेस नेता माणिकराव ठाकरे ने दावा किया कि चुनाव आयोग के ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना पड़ेगा और दोषियों पर कार्रवाई अवश्यंभावी है। यह कांग्रेस का राजनीतिक दावा है; इस पर किसी आधिकारिक पुष्टि या सरकारी प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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