इंडिया ब्लॉक की रामलीला मैदान रैली को कांग्रेस ने बताया ऐतिहासिक, सैलजा बोलीं — विपक्ष एकजुट
सारांश
मुख्य बातें
इंडिया गठबंधन की 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान, नई दिल्ली में आयोजित मेगा रैली को कांग्रेस ने ऐतिहासिक सफलता करार दिया है। कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि इस रैली से देशभर में यह संदेश गया कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए विपक्ष पूरी तरह एकजुट है। कांग्रेस नेता मधु गौड़ यास्की ने दावा किया कि यह जनसमूह मोदी सरकार के शासन और कथित वोट चोरी के विरुद्ध जनता के स्वतःस्फूर्त आक्रोश का प्रतीक है।
रैली का माहौल और भागीदारी
कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने कहा, 'आज की मेगा रैली बहुत सफल रही। न सिर्फ कार्यक्रम स्थल पर, बल्कि पूरे शहर में भीड़ जुटी थी। देशभर से आए लोगों में असाधारण उत्साह दिखा।' उन्होंने यह भी कहा कि एनडीए के कुछ सहयोगियों की भागीदारी ने इस रैली को और व्यापक बना दिया और यह संदेश और मजबूत हुआ कि 'राहुल गांधी की अगुवाई में लोकतंत्र की यह लड़ाई साझा है।'
पूर्व लोकसभा सांसद मधु गौड़ यास्की ने इस आयोजन को किसी एक दल की रैली नहीं, बल्कि 'जनता की स्वतःस्फूर्त प्रतिक्रिया' बताया। उनके अनुसार, 'यह दिल्ली के हर कोने और पूरे देश के लोगों की सहभागिता है — किसी एक नेता या पार्टी की कोशिश से यह संभव नहीं होता।'
मोदी सरकार पर कांग्रेस के आरोप
यास्की ने आरोप लगाया कि लोग मोदी सरकार के शासन और 'वोट चोरी' से तंग आ चुके हैं। उन्होंने कहा, 'लोग उन झूठे वादों को समझ चुके हैं, जो सत्ता में आने और बने रहने के लिए किए गए थे। यह मोदी सरकार के अंत की शुरुआत है।' गौरतलब है कि ये कांग्रेस के आरोप हैं; भारतीय जनता पार्टी (BJP) या सरकार की ओर से इन दावों पर कोई तत्काल आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
अमित शाह के बयान पर पलटवार
गृह मंत्री अमित शाह के 'नफरत की दुकान' वाले बयान पर सैलजा ने कटाक्ष करते हुए कहा कि नफरत फैलाने वाले कौन हैं, यह दुनिया जानती है। उन्होंने इसे BJP और RSS की सोच बताया। यास्की ने कहा कि शाह 'घबरा गए हैं' और ऐसे मुद्दे उठा रहे हैं जो इस समय कोई मुद्दा नहीं है।
कांग्रेस नेता माणिकराव ठाकरे ने आरोप लगाया कि अमित शाह 'बौखला गए हैं' क्योंकि राहुल गांधी के बयानों पर ही प्रतिक्रिया देना उनकी मजबूरी बन गई है। ठाकरे ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग के ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना पड़ेगा और दोषियों पर कार्रवाई अवश्यंभावी है — हालाँकि यह कांग्रेस का राजनीतिक दावा है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
राहुल गांधी की भूमिका और आगे की राह
ठाकरे ने कहा कि राहुल गांधी ने रैली में 'मोहब्बत से आगे जाने, संविधान बचाने और लोकतंत्र की रक्षा' का संदेश दिया, जो जनमानस तक पहुँचा है। उन्होंने संकेत दिया कि इंडिया गठबंधन के भावी कार्यक्रमों को बड़े पैमाने पर लागू किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष एकजुटता की परीक्षाओं के बीच खुद को पुनर्संगठित करने की कोशिश कर रहा है। आने वाले हफ्तों में इंडिया गठबंधन की रणनीति और उसका स्वरूप अधिक स्पष्ट होगा।