सर्बिया चुनाव: 'स्टूडेंट लिस्ट' को 52% वोट, वुसिच ने माना 2012 के बाद का सबसे बड़ा झटका
सारांश
मुख्य बातें
बेलग्रेड में 26 अक्टूबर 2026 को हुए संसदीय चुनाव में सर्बिया के पूर्व राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिच ने हार स्वीकार कर ली, जब शुरुआती अनुमानों में 'स्टूडेंट लिस्ट — स्टूडेंट्स विन' गठबंधन को 52 प्रतिशत वोट मिलते दिखे — उनकी पार्टी के 39.3 प्रतिशत से कहीं अधिक। पोलिंग एजेंसियों इप्सोस और सीईएसआईडी के अनुमान बताते हैं कि छात्र-समर्थित गठबंधन 250 सदस्यीय संसद में 135 से 140 सीटें जीत सकता है, जो स्पष्ट बहुमत के लिए आवश्यक 126 सीटों की सीमा से काफी अधिक है।
चुनावी नतीजों का स्वरूप
वुसिच ने बेलग्रेड में अपनी पार्टी सर्बियाई प्रोग्रेसिव पार्टी (एसएनएस) के मुख्यालय में समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, 'स्तरीकृत नमूने के आधार पर यह साफ है कि हम ये चुनाव हार गए हैं। स्टूडेंट लिस्ट जीत गई है। उनके पास 135 से 140 सीटें होंगी, और हमारे पास लगभग 105 सीटें होंगी।' उनके अनुमानों के अनुसार, छात्र-समर्थित सूची को करीब 22 लाख वोट मिले, जबकि 'अलेक्जेंडर वुसिच — यूनाइटेड सर्बिया' गठबंधन को लगभग 17.2 लाख वोट प्राप्त हुए।
वुसिच ने आधिकारिक नतीजे आने से पहले ही हार की घोषणा करने का फैसला लिया, ताकि उनके समर्थकों में कोई अनिश्चितता न रहे। उन्होंने यह भी कहा कि वे उन दावों को गलत साबित करना चाहते थे, जिनमें आशंका जताई जा रही थी कि वे चुनावी हार मानने से इनकार कर देंगे।
छात्र आंदोलन की ऐतिहासिक जीत
'स्टूडेंट लिस्ट' के मुख्यालय में जश्न शुरू होते ही प्रमुख उम्मीदवार और बेलग्रेड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एवं सर्बियाई एकेडमी ऑफ साइंसेज एंड आर्ट्स के सदस्य रादोमिर साइचिक ने इसे सर्बियाई नागरिकों की ऐतिहासिक जीत बताया। उन्होंने कहा, 'आज रात लोगों की आवाज सुनी गई है।' साइचिक ने आगे कहा, 'यह डर पर साहस की जीत है, उदासीनता पर उम्मीद की जीत है, और इस विश्वास की जीत है कि सर्बिया अलग हो सकता है और उसे अलग होना ही चाहिए... यह जीत किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि हम सबकी है।'
साइचिक ने अपने समर्थकों से शांति और गरिमा के साथ जश्न मनाने की अपील की और नागरिकों को किसी भी उकसावे या विवाद से दूर रहने की हिदायत दी।
आंदोलन की पृष्ठभूमि: नोवी साद हादसे से जन्मा विरोध
इस चुनावी उलटफेर की जड़ें नवंबर 2024 में नोवी साद रेलवे स्टेशन पर हुई एक दर्दनाक त्रासदी में हैं। स्टेशन पर कंक्रीट की छतरी गिरने से 16 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद छात्रों ने निर्माण कार्य में कथित लापरवाही, भ्रष्टाचार और जवाबदेही की कमी को लेकर विरोध शुरू किया, जो समय के साथ समाज के व्यापक वर्गों — शिक्षाविदों, किसानों और खिलाड़ियों — को भी अपने साथ लेकर एक बड़े जन-आंदोलन में तब्दील हो गया।
गौरतलब है कि यह वही आंदोलन है जिसने 'स्टूडेंट लिस्ट' के रूप में संसद की सभी 250 सीटों पर उम्मीदवार उतारे। आंदोलन के मुख्य लक्ष्यों में भ्रष्टाचार पर लगाम, आर्थिक सुधार और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करना शामिल था।
वुसिच युग का अंत और आगे का रास्ता
यह नतीजा 2012 में सत्ता में आने के बाद से एसएनएस के लिए सबसे बड़ा चुनावी झटका है। वुसिच ने संसदीय चुनाव लड़ने के लिए 27 सितंबर 2026 को राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया था। चूँकि अब राष्ट्रपति पद रिक्त है, इसलिए दिसंबर 2026 के अंत तक नए राष्ट्रपति के लिए चुनाव अनिवार्य है।
वुसिच ने अपने समर्थकों का धन्यवाद करते हुए वादा किया कि उनका राजनीतिक आंदोलन एकजुट रहेगा और विपक्ष में रहकर काम जारी रखेगा। उन्होंने पार्टी की संभावित हार के लिए विरोध प्रदर्शनों को मिले कथित विदेशी समर्थन को भी जिम्मेदार ठहराया। सर्बिया अब एक नए राजनीतिक अध्याय की दहलीज पर खड़ा है, जहाँ छात्र-नेतृत्व वाली सरकार के गठन और दिसंबर में राष्ट्रपति चुनाव पर सभी की निगाहें टिकी होंगी।