22 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राज्यसभा चुनाव: यूपी-उत्तराखंड में BJP के बहुमत का दावा, प्रेम शुक्ला बोले — जीत तय

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राज्यसभा चुनाव: यूपी-उत्तराखंड में BJP के बहुमत का दावा, प्रेम शुक्ला बोले — जीत तय

सारांश

चुनाव आयोग की यूपी-उत्तराखंड राज्यसभा चुनाव की घोषणा के तुरंत बाद भाजपा ने जीत का दावा किया। विधानसभा में बहुमत के बल पर पार्टी आश्वस्त है, जबकि SIR और सोनिया गांधी के मतदाता पंजीकरण पर राजनीतिक वाकयुद्ध भी तेज हो गया है।

मुख्य बातें

भारत निर्वाचन आयोग ने 22 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की 1 राज्यसभा सीट पर द्विवार्षिक चुनाव की घोषणा की।
पश्चिम बंगाल की एक राज्यसभा सीट पर उपचुनाव भी होगा।
भाजपा प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने यूपी-उत्तराखंड में पार्टी के विधानसभा बहुमत का हवाला देते हुए जीत को निश्चित बताया।
यूपी में पिछले राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने 8 सीटें जीती थीं; इस बार भी रिकॉर्ड बनाए रखने का दावा।
भाजपा ने SIR मुद्दे पर विपक्ष के आरोप खारिज किए और सोनिया गांधी के 1980 मतदाता पंजीकरण पर सवाल उठाए।
समाजवादी पार्टी पर जाति-आधारित राजनीति का आरोप लगाते हुए भाजपा ने मेरिट-आधारित नौकरियों का दावा किया।

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 22 सितंबर 2026 को राज्यसभा की 11 सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव कराने की घोषणा की — जिसमें उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की 1 सीट शामिल है। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल की एक राज्यसभा सीट पर उपचुनाव भी होगा। घोषणा के तुरंत बाद राजनीतिक दलों ने अपने-अपने दावे पेश करने शुरू कर दिए।

भाजपा का दावा — जीत निश्चित

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने कहा कि राज्यसभा में पार्टी की सीटों की संख्या निश्चित रूप से बढ़ेगी। उन्होंने तर्क दिया कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों राज्यों में भाजपा का विधानसभा में बहुमत है, इसलिए परिणाम पार्टी के पक्ष में रहेंगे। राज्यसभा चुनाव में राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित विधायक मतदान करते हैं, जिससे सत्ताधारी दल को स्वाभाविक बढ़त मिलती है।

लखनऊ में भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि पिछले राज्यसभा चुनाव में पार्टी ने उत्तर प्रदेश से 8 सीटें जीती थीं और इस बार भी वह अपना रिकॉर्ड बनाए रखने का पूरा भरोसा रखती है। त्रिपाठी ने दावा किया कि भाजपा उत्तर प्रदेश की अधिकांश सीटें एक बार फिर जीतेगी।

SIR विवाद पर भाजपा का स्पष्टीकरण

विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर विपक्षी आरोपों को खारिज करते हुए प्रेम शुक्ला ने कहा कि चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि नोटिस पाने वाले मतदाताओं को जवाब देने का पूरा अवसर मिलेगा और जब तक वे जवाब नहीं देते, उनके नाम सूची से नहीं हटाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसमें चिंता की कोई बात नहीं है।

सोनिया गांधी पर भाजपा का हमला

कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की अध्यक्ष सोनिया गांधी के 1980 की मतदाता सूची में नाम होने और 1983 में नागरिकता मिलने से जुड़े कथित विवाद पर भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधा। प्रेम शुक्ला ने आरोप लगाया कि यदि सोनिया गांधी 1980 में भारतीय नागरिक नहीं थीं, तो वे मतदाता के रूप में पंजीकृत कैसे हो सकती थीं। कांग्रेस की ओर से इस आरोप पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी।

समाजवादी पार्टी पर पलटवार

भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने समाजवादी पार्टी (SP) पर आरोप लगाया कि वह जानबूझकर जाति के आधार पर लोगों की भावनाएँ भड़काने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि सपा के कार्यकाल में एक खास जाति के लोगों का सरकारी नौकरियों पर वर्चस्व था, जबकि भाजपा सरकार ने मेरिट, प्रतिभा और क्षमता के आधार पर नियुक्तियाँ की हैं। यह आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावी रण की तीव्रता का संकेत देता है।

आगे क्या

राज्यसभा की इन सीटों पर चुनाव की तारीखें अभी घोषित होनी हैं। उत्तर प्रदेश में विधानसभा के संख्या-बल को देखते हुए भाजपा की स्थिति मजबूत मानी जा रही है, हालाँकि विपक्षी दलों की प्रतिक्रियाएँ अभी सामने आनी बाकी हैं। पश्चिम बंगाल उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रतिक्रिया भी अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि राज्यसभा चुनाव में विधायकों का वोट ही निर्णायक होता है। लेकिन यह कवरेज एक बड़े पैटर्न की कड़ी है — हर राज्यसभा चुनाव से पहले दोनों पक्षों के बड़े-बड़े दावे, जो अंततः संख्याओं में सिमट जाते हैं। SIR और सोनिया गांधी के नागरिकता मुद्दे को इस चुनाव की घोषणा के साथ जोड़ना भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें चुनावी चर्चा को विपक्ष की विश्वसनीयता पर केंद्रित किया जाता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस पहलू को नजरअंदाज करती है कि राज्यसभा के इन नतीजों का संसद में विधेयकों की किस्मत पर सीधा असर पड़ेगा।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राज्यसभा की किन सीटों पर चुनाव होंगे?
चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की 1 राज्यसभा सीट पर द्विवार्षिक चुनाव की घोषणा की है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल की एक सीट पर उपचुनाव भी होगा।
राज्यसभा चुनाव में वोट कौन डालता है?
राज्यसभा चुनाव में राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित विधायक मतदान करते हैं। इसीलिए जिस पार्टी का विधानसभा में बहुमत होता है, उसके उम्मीदवार की जीत की संभावना अधिक होती है।
SIR विवाद क्या है और भाजपा का क्या कहना है?
विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) के तहत कुछ मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं, जिस पर विपक्ष ने आपत्ति जताई है। भाजपा प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने कहा कि चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जवाब मिलने तक किसी का भी नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा।
सोनिया गांधी के मतदाता पंजीकरण पर विवाद क्यों है?
भाजपा प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने आरोप लगाया है कि सोनिया गांधी का नाम 1980 की मतदाता सूची में था, जबकि उन्हें भारतीय नागरिकता 1983 में मिली। उन्होंने सवाल उठाया कि नागरिकता से पहले मतदाता के रूप में पंजीकरण कैसे संभव था। कांग्रेस ने इस पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
उत्तर प्रदेश में पिछले राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने कितनी सीटें जीती थीं?
पिछले राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने उत्तर प्रदेश से 8 सीटें जीती थीं। पार्टी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा है कि इस बार भी पार्टी अपना रिकॉर्ड बनाए रखेगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 8 घंटे पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले