ओपी राजभर का कांग्रेस पर पलटवार: 'सीईसी विवाद सिर्फ 2027 की हार का बहाना', योगी दो-तिहाई बहुमत से जीतेंगे
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 2 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में विपक्ष द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) पर सवाल उठाने को 'राजनीतिक ड्रामा' करार देते हुए कांग्रेस और सपा पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट दावा किया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो-तिहाई बहुमत से फिर सत्ता में आएंगे।
सीईसी विवाद पर राजभर का तर्क
राजभर ने विपक्ष के तर्कों को ही उन पर पलटते हुए कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 303 सीटें जीती थीं, जो बाद में 240 रह गईं। उनके अनुसार, 'अगर चुनाव आयोग से गड़बड़ी होती तो सीटें घटतीं नहीं, बढ़तीं।' उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष 2027 के यूपी चुनाव से पहले ही 'वोट चोरी' का माहौल बनाने में जुट गया है, ताकि संभावित पराजय का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ा जा सके।
कांग्रेस और सपा पर सीधा निशाना
राजभर ने कहा कि 2014 से पहले पूरे प्रशासनिक तंत्र पर कांग्रेस का नियंत्रण था और 2012 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार थी। उनके शब्दों में, 'तब यदि चुनाव आयोग सत्ताधारी दल के इशारे पर चलता, तो मोदी प्रधानमंत्री और योगी मुख्यमंत्री कभी नहीं बनते।' उन्होंने कहा कि जनता ने शासन से नाराज होकर मौजूदा नेतृत्व को चुना, न कि किसी आयोग की मदद से।
राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव की 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) राजनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनावों में सपा ने अल्पसंख्यक, ब्राह्मण और अति पिछड़े समुदाय की अनदेखी कर परिवार के लोगों को तरजीह दी।
विहिप और ओवैसी के बयानों पर प्रतिक्रिया
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) नेता आलोक कुमार के बयान का समर्थन करते हुए राजभर ने कहा कि चुनाव आयोग केवल चुनाव प्रक्रिया संचालित करता है, परिणाम जनता तय करती है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा समान नागरिक संहिता (UCC) का विरोध किए जाने पर उन्होंने कहा कि एनआरसी और नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के खिलाफ भी ऐसे ही भय फैलाया गया था, परंतु तीन वर्ष बाद कोई भी आशंका सच नहीं निकली।
ममता बनर्जी के आरोपों पर पलटवार
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों को राजभर ने 'गलत' बताया। उन्होंने याद दिलाया कि ममता बनर्जी स्वयं ईवीएम के ज़रिए ही मुख्यमंत्री बनी थीं और बंगाल में 1978 से कांग्रेस सत्ता में नहीं लौटी है — जो उनके अनुसार चुनाव आयोग की विफलता नहीं, जनमत का प्रतिबिंब है।
2027 यूपी चुनाव पर दावा
राजभर ने बेबाकी से कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ दो-तिहाई बहुमत के साथ फिर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे। यह बयान ऐसे समय आया है जब सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर भी 2027 की रणनीति को लेकर मंथन जारी है। आने वाले महीनों में यूपी की राजनीति में जातीय समीकरण और चुनाव आयोग की विश्वसनीयता केंद्रीय मुद्दे बने रहने की संभावना है।