ओपी राजभर का दावा: 2027 में BJP दो-तिहाई बहुमत से जीतेगी UP, अखिलेश के दावे फ्लॉप
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 6 अक्टूबर 2026 को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की 403 में से दो-तिहाई से अधिक सीटें जीतकर सरकार बनाएगी। उन्होंने समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव की राज्यसभा रणनीति को 'फ्लॉप' करार दिया और विपक्ष के चुनाव आयोग विरोधी आंदोलन को भी निराधार बताया।
राज्यसभा उम्मीदवारों में सामाजिक प्रतिनिधित्व
राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में BJP ने राज्यसभा के लिए घोषित आठ उम्मीदवारों की सूची में पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग और अनुसूचित वर्ग सहित विभिन्न सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व दिया है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संविधान में जिन वर्गों की बात की थी, BJP ने उन सभी को समायोजित करने का प्रयास किया है। राजभर ने पाल समाज का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसे सामाजिक वर्ग के व्यक्ति को भी राज्यसभा जाने का अवसर मिला है, जिसकी पहले कल्पना करना कठिन था। उन्होंने नाई, प्रजापति, कुम्हार, लोहार और मुस्लिम समाज का उल्लेख करते हुए दावा किया कि BJP विभिन्न वर्गों को राजनीतिक अवसर देने में अन्य दलों से आगे है।
अखिलेश यादव पर तीखा हमला
अखिलेश यादव के उस दावे पर कि SP का तीसरा राज्यसभा उम्मीदवार 'ऐसा होगा जिससे BJP के पैरों तले जमीन खिसक जाएगी', राजभर ने कहा कि यह दावा अंततः जमीन पर नहीं दिखा। उन्होंने आरोप लगाया कि SP ने तीसरे उम्मीदवार के चयन में 'परिवार' और 'धन' को प्राथमिकता दी — परिवार के लिए रामगोपाल यादव और धन के लिए धनीराम को उम्मीदवार बनाया गया। राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि SP के कार्यकर्ता केवल दरी बिछाते रहेंगे और नारे लगाते रहेंगे, लेकिन उन्हें राजनीतिक रूप से कुछ हासिल नहीं होगा।
2027 विधानसभा चुनाव पर BJP का दावा
अखिलेश यादव के 403 विधानसभा सीटों पर नज़र होने के बयान का जवाब देते हुए राजभर ने कहा कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में BJP दो-तिहाई से भी अधिक सीटें जीतेगी। उन्होंने यहाँ तक कहा कि BJP की सरकार बनवाने की 'जिम्मेदारी' भी अखिलेश यादव की ही होगी — यह इशारा करते हुए कि SP की कमज़ोरी ही BJP की ताकत बनेगी।
चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया पर विपक्ष को जवाब
नई दिल्ली में इंडिया ब्लॉक के सांसदों द्वारा SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे आंदोलन पर राजभर ने इसे गलत और बेबुनियाद बताया। उन्होंने तर्क दिया कि यदि चुनावों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी होती, तो 2019 में 303 सीटें जीतने के बाद 2024 में BJP की सीटें घटकर 240 पर नहीं आतीं। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में यदि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी होती, तो SP को 37 और कांग्रेस को 6 सीटें कैसे मिलतीं? राजभर ने आरोप लगाया कि विपक्ष हार के बाद हमेशा चुनाव आयोग और EVM को जिम्मेदार ठहराता है, जो एक स्थापित राजनीतिक पैटर्न बन चुका है।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव अभी करीब डेढ़ साल दूर है, लेकिन राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन के साथ ही सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। यह ऐसे समय में आया है जब इंडिया ब्लॉक दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखे हुए है। आने वाले हफ्तों में राज्यसभा नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद UP की राजनीतिक तस्वीर और साफ होगी।