31 अक्टूबर 2026
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ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर तीखा हमला: '2027 में 312 सीटें, 30 साल भाजपा का राज'

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ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर तीखा हमला: '2027 में 312 सीटें, 30 साल भाजपा का राज'

सारांश

यूपी के मंत्री ओपी राजभर ने अंबेडकरनगर में अखिलेश यादव को 'डूबती नाव' करार दिया, 2027 में BJP को 312+ सीटें और 30 साल के राज का दावा किया। 'पीडीए' फॉर्मूले की परिभाषा बदलने पर व्यंग्य और स्वास्थ्य सेवाओं पर पलटवार — 2027 की जंग का आगाज़।

मुख्य बातें

ओपी राजभर ने 31 अक्टूबर 2026 को अंबेडकरनगर में अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला।
राजभर का दावा — 2027 में BJP गठबंधन को 312 से अधिक सीटें मिलेंगी और 30 वर्षों तक सत्ता बनी रहेगी।
लखनऊ मेडिकल कॉलेज में 10,000–12,000 दैनिक ओपीडी का हवाला देते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को सपा काल से ' 100 गुना बेहतर ' बताया।
अखिलेश यादव के स्वामी प्रसाद मौर्य से गठबंधन इनकार को विरोधाभासी और 'बेमतलब' करार दिया।
सपा के ' पीडीए ' फॉर्मूले की परिभाषा में बदलाव पर व्यंग्य — 'अब ए से अग्रहरी हो गया।'

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 31 अक्टूबर 2026 को अंबेडकरनगर में समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव पर कड़े प्रहार किए, यह दावा करते हुए कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का शासन 30 वर्षों तक अविरल रहेगा। राजभर ने 2027 विधानसभा चुनाव में BJP गठबंधन को 312 से अधिक सीटें मिलने का भरोसा जताया।

मुख्य बयान और दावे

ओपी राजभर ने कहा, 'तीसरी बार ही नहीं बल्कि 30 वर्ष तक लगातार शासन रहेगा। 2027 में 312 से अधिक सीटें आएंगी। अखिलेश यादव और राहुल गांधी गलतफहमी में हैं। जिस दिन काउंटिंग होगी, उनका सपना टूट जाएगा।' उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) के प्रश्न पर कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने इस विषय पर सही बात कही है।

अमित शाह के दौरे पर सपा की आलोचना का जवाब

राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव को बोलते रहने दिया जाए, क्योंकि उन्हें स्वयं पता है कि उनकी सरकार नहीं बनेगी। उनके अनुसार, 'चुनाव के बाद वे घूमने विदेश चले जाएंगे।' गौरतलब है कि यह बयान गृह मंत्री अमित शाह के उत्तर प्रदेश दौरे के संदर्भ में आया है।

स्वास्थ्य सेवाओं पर जवाबी हमला

सपा द्वारा प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की आलोचना पर राजभर ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि लखनऊ मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 10,000 से 12,000 मरीजों की ओपीडी हो रही है और छोटे अस्पतालों में भी 3,000 से 4,000 मरीज रोज़ाना देखे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के अस्पताल सपा शासनकाल की तुलना में '100 गुना बेहतर' हैं और चुनौती देते हुए कहा कि यदि अखिलेश यादव को विश्वास न हो, तो वे अंबेडकरनगर में स्वयं दिखाने को तैयार हैं।

स्वामी प्रसाद मौर्य और गठबंधन विवाद

स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ संभावित गठबंधन पर अखिलेश यादव के इनकार को राजभर ने विरोधाभासी बताया। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख ने कुछ ही दिन पहले अपने पुराने सहयोगियों को वापस आने का खुला निमंत्रण दिया था, लेकिन अब वे उसी बात से मुकर रहे हैं। राजभर के अनुसार, अखिलेश यादव की बात में निरंतरता नहीं है।

'पीडीए' की परिभाषा पर कटाक्ष और आगे का रास्ता

राजभर ने व्यंग्य किया कि अखिलेश यादव ने अपने 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले की परिभाषा बदल दी है — अब 'ए' का अर्थ 'अग्रहरी' हो गया है, न कि अगड़ा या अल्पसंख्यक। उन्होंने अखिलेश यादव को 'डूबती हुई नाव' करार देते हुए कहा कि वे उस नाव पर बैठने का जोखिम नहीं उठाएंगे। यह बयान आगामी 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए दिया गया है, जिसके लिए सभी दलों ने अभी से रण-नीतिक पैंतरेबाज़ी शुरू कर दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि असली खबर यह है कि चुनाव से पहले जातीय समीकरणों की बिसात किस तेज़ी से बिछाई जा रही है।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाए?
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव और राहुल गांधी गलतफहमी में हैं और 2027 की मतगणना के दिन उनका सपना टूट जाएगा। उन्होंने अखिलेश यादव को 'डूबती हुई नाव' भी करार दिया।
राजभर ने 2027 चुनाव में BJP को कितनी सीटें मिलने का दावा किया?
राजभर ने दावा किया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में BJP गठबंधन को 312 से अधिक सीटें मिलेंगी और प्रदेश में 30 वर्षों तक भाजपा का शासन रहेगा।
राजभर ने यूपी की स्वास्थ्य सेवाओं पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि लखनऊ मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 10,000 से 12,000 मरीजों की ओपीडी हो रही है और मौजूदा सरकार की स्वास्थ्य सेवाएँ सपा शासनकाल से 100 गुना बेहतर हैं। उन्होंने अखिलेश यादव को अंबेडकरनगर आकर सुधरी स्थिति देखने की चुनौती भी दी।
सपा के 'पीडीए' फॉर्मूले पर राजभर का क्या कहना था?
राजभर ने कटाक्ष किया कि अखिलेश यादव ने 'पीडीए' में 'ए' की परिभाषा बदलकर उसे 'अग्रहरी' कर दिया है — अब यह 'अगड़ा' या 'अल्पसंख्यक' नहीं रहा। यह व्यंग्य सपा के सामाजिक न्याय के दावों पर सीधा प्रहार था।
स्वामी प्रसाद मौर्य और सपा के गठबंधन पर राजभर ने क्या कहा?
राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव ने कुछ दिन पहले ही पुराने सहयोगियों को वापस बुलाने की बात की थी, लेकिन अब स्वामी प्रसाद मौर्य के नाम पर इनकार करना उनकी बातों में विरोधाभास दिखाता है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के बयानों का कोई स्थायी महत्व नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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