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खड़गे के बयान पर शायना एनसी का पलटवार: 'मोदी के विकास कार्य ही कांग्रेस को हराने के लिए काफी'

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खड़गे के बयान पर शायना एनसी का पलटवार: 'मोदी के विकास कार्य ही कांग्रेस को हराने के लिए काफी'

सारांश

महाराष्ट्र में चुनावी सरगर्मी के बीच शिवसेना प्रवक्ता शायना एनसी ने कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे पर पलटवार किया — पीएम मोदी के दिवंगत पिता पर टिप्पणी को 'बेहद निंदनीय' बताया और माफी की माँग की। साथ ही महायुति की एकजुटता, पंजाब चुनाव और कांग्रेस की प्रस्तावित रैली पर भी तीखे तंज कसे।

मुख्य बातें

शिवसेना प्रवक्ता शायना एनसी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पीएम मोदी के दिवंगत पिता पर दिए बयान को 'बेहद निंदनीय' करार दिया।
शायना एनसी ने कहा कि पीएम मोदी के 140 करोड़ भारतीयों के आशीर्वाद और विकास कार्य ही कांग्रेस को हराने के लिए काफी हैं।
महायुति में दरार की अटकलों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि गठबंधन पूरी तरह एकजुट है।
2014 से अब तक कांग्रेस के 99 चुनावी हार के आँकड़े गिनाते हुए पंजाब 2027 पर तंज कसा।
1 नवंबर की कांग्रेस रैली को 'ड्रामा' बताया और दीपावली व न्यायालय आदेश का हवाला दिया।
दिग्विजय सिंह के सनातन धर्म समर्थन वाले बयान को 'वोट के लिए तुष्टिकरण की राजनीति' कहा।

शिवसेना की राष्ट्रीय प्रवक्ता शायना एनसी ने 26 अक्टूबर 2026 को मुंबई में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई टिप्पणी की कड़ी निंदा की। उन्होंने खड़गे से सार्वजनिक रूप से माफी माँगने की माँग की और कहा कि पीएम मोदी के विकास कार्य ही कांग्रेस को चुनाव में हराने के लिए पर्याप्त हैं।

खड़गे के बयान पर शायना का तीखा जवाब

शायना एनसी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'पीएम मोदी द्वारा किए गए विकास कार्य ही आपको हराने के लिए काफी हैं। आप पीएम मोदी के पिता का नाम लेते हैं, लेकिन देश में जो काम हुआ है, उसे याद नहीं करते। इसीलिए जनता ने हमें चुना है और आपको नहीं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि जनता किसके साथ है, यह कांग्रेस को तब पता चलेगा जब वह चौथी बार चुनाव हारेगी।

शायना एनसी ने आरोप लगाया कि खड़गे यह भूल गए हैं कि पीएम मोदी के पास 140 करोड़ भारतीयों का आशीर्वाद है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी विकास की राजनीति छोड़ कर गाली-गलौज और व्यक्तिगत हमलों की राजनीति पर उतर आई है, जो लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत है।

महायुति की एकजुटता पर शायना का रुख

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) द्वारा वित्त मंत्री पद की माँग को लेकर पूछे गए सवाल पर शायना एनसी ने कहा कि यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है और महायुति का अंदरूनी मामला है, जिस पर वे कोई टिप्पणी नहीं करेंगी। उन्होंने ऐसी अटकलों को खारिज किया जो महायुति गठबंधन में दरार की बात करती हैं और कहा कि यह सब 'अफवाहें' हैं। शायना ने दोहराया कि महायुति पूरी तरह एकजुट है और महाराष्ट्र की प्रगति के लिए मिलकर काम करती रहेगी।

पंजाब 2027 पर कांग्रेस और शिवसेना की स्थिति

पंजाब में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे पर तंज कसते हुए शायना एनसी ने कहा कि 2014 से अब तक के आँकड़ों के अनुसार कांग्रेस 99 बार चुनाव हार चुकी है। उन्होंने व्यंग्यात्मक ढंग से कहा कि पंजाब में हार के साथ कांग्रेस हार का शतक पूरा कर लेगी और शायद इसी शतक को पूरा करने के लिए राहुल गांधी पंजाब जा रहे हैं।

शिवसेना के पंजाब चुनाव में उतरने की संभावना पर उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे एक जनप्रिय नेता हैं और शिवसेना एक राष्ट्रीय पार्टी है। कार्यकर्ता चाहते हैं कि पार्टी अन्य राज्यों में भी चुनाव लड़े। उन्होंने कहा कि जहाँ-जहाँ शिंदे केवल प्रचार करने गए, वहाँ भी पार्टी को फायदा हुआ है।

कांग्रेस की 1 नवंबर की रैली और दिग्विजय के बयान पर प्रतिक्रिया

1 नवंबर को कांग्रेस की प्रस्तावित रैली पर शायना ने कहा कि यह दीपावली के त्योहार और न्यायालय के आदेश को नज़रअंदाज़ करके आम जनता को असुविधा पहुँचाने की कोशिश है। उन्होंने इसे 'ड्रामा और नौटंकी' बताते हुए कहा कि इस रैली का एकमात्र उद्देश्य मीडिया में बने रहना है और यह रैली पूरी तरह फ्लॉप होगी।

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के उस बयान पर — जिसमें उन्होंने कहा कि वे सनातन धर्म का समर्थन करते हैं, हिंदुत्व का नहीं — शायना एनसी ने कहा कि यह स्वीकारोक्ति स्वयं बताती है कि यह पार्टी वोट के लिए कहीं भी कुछ भी मान लेती है। उन्होंने इसे 'तुष्टिकरण की राजनीति' करार दिया। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो बात मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर छूट जाती है, वह यह है कि खड़गे का मूल बयान क्या था और उसका संदर्भ क्या था — उस पर बहस की बजाय प्रतिक्रिया की राजनीति हावी हो रही है। महायुति में एनसीपी की वित्त मंत्री पद की माँग जैसे ठोस आंतरिक तनाव को 'अंदरूनी मामला' कहकर टाल देना गठबंधन की असली चुनौतियों को छुपाने का प्रयास है। पंजाब 2027 पर शिवसेना की महत्वाकांक्षा और उसकी ज़मीनी हकीकत के बीच का फासला अभी बहुत बड़ा है।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शायना एनसी ने खड़गे के किस बयान की निंदा की?
शायना एनसी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई टिप्पणी को 'बेहद निंदनीय' बताया। उन्होंने खड़गे से पूरे देश से माफी माँगने की माँग की।
शायना एनसी ने कांग्रेस के बारे में क्या कहा?
शायना एनसी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी विकास की राजनीति छोड़कर गाली-गलौज पर उतर आई है और पीएम मोदी के विकास कार्य ही उसे हराने के लिए पर्याप्त हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 2014 से अब तक कांग्रेस 99 बार चुनाव हार चुकी है।
महायुति में दरार की खबरों पर शायना एनसी ने क्या कहा?
शायना एनसी ने महायुति में दरार की अटकलों को 'अफवाहें' करार देते हुए खारिज किया। उन्होंने कहा कि महायुति पूरी तरह एकजुट है और महाराष्ट्र की प्रगति के लिए मिलकर काम करती रहेगी।
पंजाब 2027 चुनाव को लेकर शिवसेना की क्या स्थिति है?
शायना एनसी ने कहा कि शिवसेना एक राष्ट्रीय पार्टी है और नेता एकनाथ शिंदे की लोकप्रियता को देखते हुए कार्यकर्ता चाहते हैं कि पार्टी अन्य राज्यों में भी चुनाव लड़े। पंजाब 2027 में शिवसेना के उतरने की संभावना पर उन्होंने उत्साहजनक संकेत दिए।
दिग्विजय सिंह के सनातन धर्म वाले बयान पर शायना एनसी की प्रतिक्रिया क्या रही?
शायना एनसी ने दिग्विजय सिंह के सनातन धर्म समर्थन वाले बयान को 'वोट के लिए तुष्टिकरण की राजनीति' बताया। उन्होंने कहा कि यह सेक्युलर पार्टी वोट के लिए कहीं भी कुछ भी मान लेती है।
राष्ट्र प्रेस
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