खड़गे की PM मोदी के दिवंगत पिता पर अभद्र टिप्पणी, राजस्थान CM भजनलाल सहित BJP नेताओं का कड़ा पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता के बारे में की गई कथित अभद्र टिप्पणी ने राष्ट्रीय राजनीति में तीखी प्रतिक्रिया को जन्म दिया है। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई वरिष्ठ नेताओं ने इस टिप्पणी की तीखी निंदा करते हुए कांग्रेस से सार्वजनिक माफी की माँग की है। यह विवाद 25 अक्टूबर 2026 को पटना, बिहार में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उत्पन्न हुआ।
विवाद का मूल घटनाक्रम
25 अक्टूबर 2026 को पटना में बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री कृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर एक सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस सभा में खड़गे 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) प्रक्रिया और कथित प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना कर रहे थे।
भाषण के दौरान, दर्शकों में से किसी ने कथित तौर पर चिल्लाकर कहा कि PM मोदी बिना किसी बड़े बदलाव के सत्ता में बने रहेंगे। इस पर खड़गे ने कथित तौर पर प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के बारे में अभद्र भाषा में जवाब दिया। इस वक्तव्य के सामने आते ही BJP ने इसे गंभीर रूप से आपत्तिजनक बताते हुए व्यापक विरोध का ऐलान किया।
राजस्थान CM भजनलाल शर्मा की कड़ी प्रतिक्रिया
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार देर शाम सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के ज़रिये खड़गे की आलोचना की। शर्मा ने कहा, 'कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, जो लगातार चुनावी हार से बौखलाए हुए लगते हैं, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता के बारे में अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है। यह कांग्रेस के भीतर गिरते राजनीतिक स्तर और शालीनता की कमी को दर्शाता है।'
उन्होंने आगे कहा, 'चाहे पिता हों या माता, क्या कांग्रेस की राजनीति अब केवल व्यक्तिगत अपमान तक ही सिमट कर रह गई है?' शर्मा ने यह भी जोड़ा कि 'अपनी विफलताओं पर आत्ममंथन करने के बजाय अपशब्दों का सहारा लेना कांग्रेस की हताशा को दिखाता है। यह एक नया भारत है, जहाँ जनता अपमान और अहंकार का जवाब अपने चुनावी जनादेश से देती है।'
BJP का व्यापक विरोध और माफी की माँग
राजस्थान के अन्य BJP नेताओं और निर्वाचित प्रतिनिधियों ने भी खड़गे के बयान की कड़ी आलोचना की। उनका कहना है कि संवैधानिक पदों पर बैठे वरिष्ठ व्यक्तियों के परिजनों के बारे में इस तरह की व्यक्तिगत टिप्पणियाँ लोकतांत्रिक परंपराओं को क्षति पहुँचाती हैं। BJP ने इस बयान के विरोध में प्रदर्शन करने की भी घोषणा की है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, जयपुर और अन्य जिला मुख्यालयों में BJP कार्यकर्ताओं में इस मुद्दे को लेकर काफी आक्रोश है। पार्टी नेताओं ने संकेत दिया है कि राजस्थान में आगामी पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों के प्रचार अभियान में इस विवाद को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
राजनीतिक संदर्भ और व्यापक असर
गौरतलब है कि BJP और कांग्रेस के बीच पहले से ही कई मुद्दों पर तीखी नोकझोंक चल रही है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की व्यक्तिगत टिप्पणियाँ सियासी बहस को नीतिगत मुद्दों से भटकाती हैं और राजनीतिक विमर्श को निचले स्तर पर ले जाती हैं। पटना में शुरू हुआ यह विवाद अब देशभर में BJP और कांग्रेस के बीच चल रहे राजनीतिक टकराव का एक नया केंद्रबिंदु बन गया है।
कांग्रेस की ओर से अब तक इस मामले में कोई औपचारिक स्पष्टीकरण या माफी सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच इस मुद्दे पर और अधिक राजनीतिक संघर्ष की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।