मोदी के पिता पर खड़गे की टिप्पणी: पटना कोतवाली में भाजपा नेता ने दर्ज कराई शिकायत
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक नेता ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को पटना के कोतवाली थाने में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। यह शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता के बारे में खड़गे द्वारा कथित तौर पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर दायर की गई है। इस घटना ने बिहार में राजनीतिक विवाद को और गहरा कर दिया है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह विवाद पटना स्थित बापू सभागार में बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर आयोजित कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान उत्पन्न हुआ। कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे मंच पर प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना में भाषण दे रहे थे, तभी दर्शकों में से एक व्यक्ति ने कथित तौर पर बीच में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं। इस पर खड़गे ने जो प्रतिक्रिया दी, वह टिप्पणी विवाद का केंद्र बन गई।
घटना के बाद सामने आए वीडियो में कथित तौर पर हस्तक्षेप करने वाले व्यक्ति और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट होते भी देखी गई। इन परिस्थितिजन्य पहलुओं पर भी संबंधित अधिकारियों का ध्यान गया है।
शिकायत का विवरण
BJP की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य कृष्ण कुमार ने यह शिकायत दायर करते हुए मामले की विस्तृत जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि उन्हें टेलीविजन पर प्रसारित समाचारों के माध्यम से इस कथित टिप्पणी की जानकारी मिली, जिससे उन्हें गहरी ठेस पहुंची।
कृष्ण कुमार ने अपनी शिकायत में पुलिस से अनुरोध किया है कि समाचार रिपोर्टों, उपलब्ध वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर खड़गे द्वारा इस्तेमाल किए गए वास्तविक शब्दों और उनके संदर्भ का सटीक आकलन किया जाए। उन्होंने यह भी माँग की कि यदि जांच में किसी कानून के उल्लंघन का पता चले तो उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
खड़गे की इस कथित टिप्पणी पर BJP के वरिष्ठ नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने सार्वजनिक रूप से इस बयान की निंदा की है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खड़गे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी से माफी की मांग की है।
मुख्यमंत्री चौधरी ने टिप्पणी को 'दुर्भाग्यपूर्ण' करार देते हुए कहा कि कांग्रेस नेतृत्व प्रधानमंत्री के परिवार के प्रति शत्रुतापूर्ण रवैया अपना रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीतिक मतभेद कितने भी गहरे क्यों न हों, किसी के परिवार के सदस्यों को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है।
राजनीतिक असर और आगे की राह
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बिहार में BJP और कांग्रेस के बीच पहले से ही राजनीतिक टकराव चरम पर है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब विपक्षी नेताओं के भाषणों पर शिकायतें दर्ज कराई गई हों — इस तरह की कार्रवाइयाँ राष्ट्रीय स्तर पर एक बढ़ती प्रवृत्ति का हिस्सा बन चुकी हैं।
फिलहाल पटना कोतवाली पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज है और जांच की माँग की गई है। टिप्पणी के सटीक संदर्भ तथा किसी संभावित कानूनी उल्लंघन का आकलन संबंधित अधिकारियों द्वारा किया जाना शेष है। आने वाले दिनों में इस मामले पर कांग्रेस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और पुलिस की कार्रवाई दोनों पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।