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खड़गे के लिए GDP का मतलब 'गांधी परिवार डेवलपमेंट प्रोग्राम': शायना एनसी का तीखा पलटवार

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खड़गे के लिए GDP का मतलब 'गांधी परिवार डेवलपमेंट प्रोग्राम': शायना एनसी का तीखा पलटवार

सारांश

शिवसेना प्रवक्ता शायना एनसी ने खड़गे के जीडीपी-पीआर वाले बयान को पलटते हुए कहा कि उनके लिए GDP सिर्फ 'गांधी परिवार डेवलपमेंट प्रोग्राम' है। अमेरिकी टैरिफ और वैश्विक युद्धों के बावजूद 7.8% वृद्धि को उन्होंने मोदी का 'परफॉर्मेंस' बताया — कांग्रेस राज की 4% ग्रोथ की याद दिलाते हुए।

मुख्य बातें

शायना एनसी ने 2 सितंबर को मुंबई में मल्लिकार्जुन खड़गे के जीडीपी बयान पर तीखा पलटवार किया।
खड़गे ने एक्स पर 7.8% जीडीपी वृद्धि को पीएम मोदी का 'पीआर' करार दिया था।
शायना एनसी ने कहा — कांग्रेस राज में 4% ग्रोथ को चमत्कार माना जाता था, आज 7.8% को पीआर बताया जा रहा है।
धनुष-बाण चिह्न विवाद पर कहा — 60 विधायक और 13 सांसद शिंदे के साथ, असली शिवसेना स्पष्ट है।
राहुल गांधी के नासिक दौरे पर व्यंग्य — 10 करोड़ नौकरियों और चंद्रयान पर भी नजरिया स्पष्ट करें।

शिवसेना की प्रवक्ता शायना एनसी ने 2 सितंबर को मुंबई में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि खड़गे केवल एक जीडीपी समझते हैं — और वह है 'गांधी परिवार डेवलपमेंट प्रोग्राम।' यह प्रतिक्रिया खड़गे के उस बयान के जवाब में आई जिसमें उन्होंने 7.8 फीसदी जीडीपी वृद्धि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का महज 'पीआर' करार दिया था।

खड़गे के बयान की पृष्ठभूमि

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा था, 'लाइट्स। कैमरा और निष्क्रियता। जब अर्थव्यवस्था की बात आती है तो पीएम मोदी के प्रचार की यही कहानी है।' इस टिप्पणी में उन्होंने देश की 7.8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि दर को सरकार की छवि-निर्माण की कवायद बताया था। यह बयान ऐसे समय आया जब भारत वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच अपेक्षाकृत मजबूत विकास दर बनाए हुए है।

शायना एनसी का तीखा जवाब

शायना एनसी ने कहा, 'खड़गे सिर्फ एक तरह की जीडीपी समझते हैं और वह है गांधी परिवार डेवलपमेंट प्रोग्राम।' उन्होंने आगे कहा कि 7.8 फीसदी की वृद्धि दर किसी पीआर फैक्ट्री में नहीं, बल्कि देश के खेतों और दुकानों में हासिल होती है। शायना एनसी ने याद दिलाया कि कांग्रेस के शासनकाल में 4 फीसदी की ग्रोथ रेट को चमत्कार माना जाता था, जबकि आज वही पार्टी 7.8 फीसदी की वृद्धि को 'पीआर' बता रही है। उन्होंने कहा, 'यह पीआर नहीं, पेट में दर्द है।'

उन्होंने वैश्विक चुनौतियों का हवाला देते हुए जोड़ा कि अमेरिका के 50 फीसदी टैरिफ और यूक्रेन व ईरान में जारी संघर्षों के बावजूद भारत का 7.8 फीसदी की दर से आगे बढ़ना पीएम मोदी का 'परफॉर्मेंस' है, न कि प्रचार।

धनुष-बाण चुनाव चिह्न विवाद पर प्रतिक्रिया

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना गुट द्वारा 'धनुष-बाण' चुनाव चिह्न को फ्रीज करने की मांग पर शायना एनसी ने स्पष्ट किया कि यह निशान 2022 में संघर्ष से अर्जित किया गया था, खरीदा नहीं गया था। उन्होंने बालासाहेब ठाकरे का हवाला देते हुए कहा कि जिसके पास सैनिक होते हैं, सेना उसी की होती है। शायना एनसी ने कहा कि जब 60 विधायक और 13 सांसद एकनाथ शिंदे के साथ हैं और स्थानीय निकायों में उनकी तारीफ हो रही है, तो यह स्पष्ट है कि असली शिवसेना किसकी है।

उन्होंने जोड़ा कि धनुष-बाण सिर्फ एक चुनाव चिह्न नहीं, बल्कि 60 वर्षों में बनी एक विचारधारा और भरोसे का प्रतीक है — चाहे वह ऑटो-रिक्शा चालक हो या वड़ा-पाव विक्रेता, सब जानते हैं कि धनुष-बाण का मतलब एकनाथ शिंदे का समर्थन है।

राहुल गांधी के नासिक दौरे पर टिप्पणी

नासिक में कांग्रेस की बैठक और राहुल गांधी के दौरे पर शायना एनसी ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'राहुल गांधी, महाराष्ट्र में आपका स्वागत है। नासिक आए हैं तो सुला वाइनयार्ड्स जाइए, कुंभ मेला देखिए — लेकिन झूठ मत फैलाइए।' उन्होंने कहा कि नासिक के छात्र समझदार हैं और 'व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी' से शिक्षा नहीं लेते। शायना एनसी ने राहुल गांधी को चुनौती दी कि जब भारत 7.8 फीसदी जीडीपी वृद्धि हासिल कर रहा है, 10 करोड़ नौकरियाँ पैदा हो रही हैं और चंद्रयान मिशन सफल हो रहा है, तो इन उपलब्धियों पर भी अपना नजरिया स्पष्ट करें।

यह राजनीतिक नोकझोंक ऐसे समय में सामने आई है जब महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन और विपक्षी महाविकास अघाड़ी के बीच वैचारिक और राजनीतिक तकरार तेज हो रही है। आने वाले दिनों में इस बहस के और गहराने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 7.8% जीडीपी वृद्धि का लाभ आम नागरिक तक कितना पहुँच रहा है — जो न खड़गे के बयान में था, न शायना के जवाब में। कांग्रेस की आलोचना और भाजपा-शिवसेना का बचाव दोनों ही वृद्धि के वितरण और रोजगार की गुणवत्ता जैसे ठोस सवालों को दरकिनार करते हैं। महाराष्ट्र में धनुष-बाण विवाद और नासिक दौरे की राजनीति बताती है कि दोनों पक्ष आर्थिक बहस को चुनावी जमीन पर लड़ रहे हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक रही है, वह यह है कि इस पूरी नोकझोंक में नीतिगत जवाबदेही गायब है और सुर्खी-केंद्रित राजनीति हावी है।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शायना एनसी ने खड़गे के जीडीपी बयान पर क्या कहा?
शायना एनसी ने कहा कि खड़गे केवल एक जीडीपी समझते हैं — 'गांधी परिवार डेवलपमेंट प्रोग्राम।' उन्होंने 7.8% वृद्धि दर को पीएम मोदी का परफॉर्मेंस बताया और याद दिलाया कि कांग्रेस राज में 4% ग्रोथ को चमत्कार माना जाता था।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने 7.8% जीडीपी वृद्धि पर क्या कहा था?
खड़गे ने एक्स पर पोस्ट कर कहा था कि 'लाइट्स। कैमरा और निष्क्रियता — जब अर्थव्यवस्था की बात आती है तो पीएम मोदी के प्रचार की यही कहानी है।' उन्होंने 7.8% जीडीपी वृद्धि को सरकार की पीआर कवायद करार दिया।
धनुष-बाण चुनाव चिह्न विवाद पर शायना एनसी का क्या कहना है?
शायना एनसी ने कहा कि धनुष-बाण 2022 में संघर्ष से हासिल हुआ था, खरीदा नहीं गया था। उनके अनुसार 60 विधायकों और 13 सांसदों के साथ एकनाथ शिंदे की मौजूदगी यह साबित करती है कि असली शिवसेना उन्हीं के साथ है।
राहुल गांधी के नासिक दौरे पर शायना एनसी ने क्या टिप्पणी की?
शायना एनसी ने व्यंग्यात्मक लहजे में राहुल गांधी का महाराष्ट्र में स्वागत करते हुए कहा कि नासिक के छात्र समझदार हैं और झूठ नहीं सुनेंगे। उन्होंने राहुल से आग्रह किया कि वे 7.8% जीडीपी वृद्धि, 10 करोड़ नौकरियों और चंद्रयान मिशन पर भी अपना नजरिया स्पष्ट करें।
शायना एनसी किस पार्टी की प्रवक्ता हैं?
शायना एनसी शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) की प्रवक्ता हैं, जो महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन का हिस्सा है। वे पार्टी के राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख प्रवक्ताओं में से एक हैं।
राष्ट्र प्रेस
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