राजनाथ सिंह का पलटवार: खरगे की टिप्पणी से मोदी विचलित नहीं होंगे, कांग्रेस का वैचारिक पतन
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता पर की गई टिप्पणी की कड़ी निंदा की और स्पष्ट किया कि ऐसी बातों से न तो मोदी विचलित होंगे और न ही जनसेवा के प्रति उनका संकल्प कमज़ोर पड़ेगा। रक्षा मंत्री ने इसे कांग्रेस की 'हताशा और वैचारिक शून्यता' का प्रमाण बताया।
विवाद की पृष्ठभूमि
रविवार को पटना में आयोजित एक कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी के पिता पर एक टिप्पणी की, जिसे भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आपत्तिजनक और मर्यादाहीन करार दिया। यह प्रकरण उस समय और विवादास्पद हो गया जब कांग्रेस ने माफ़ी माँगने के बजाय खरगे के बयान को सही ठहराने की कोशिश की।
राजनाथ सिंह की तीखी प्रतिक्रिया
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 'मैं कांग्रेस को स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि प्रधानमंत्री मोदी को ऐसी टिप्पणियों से न तो विचलित किया जा सकता है और न ही जनसेवा के उनके संकल्प को कमज़ोर किया जा सकता है।' उन्होंने कहा कि खरगे जिस पद पर आसीन हैं, उनसे 'सार्वजनिक जीवन में अधिक गंभीरता, संयम, मर्यादा और ज़िम्मेदार आचरण' की अपेक्षा की जाती है। राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह टिप्पणी पार्टी के किसी साधारण कार्यकर्ता ने नहीं, बल्कि 'देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी' होने का दावा करने वाली कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने की है।
कांग्रेस पर सीधा हमला
रक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी गलती स्वीकार कर खेद व्यक्त करने के बजाय इस बयान को जायज़ ठहराने में जुटी है, जिससे करोड़ों देशवासियों की भावनाएँ बार-बार आहत हो रही हैं। उन्होंने कहा, 'वैचारिक विरोध को व्यक्तिगत अपमान में बदल देना, राजनीतिक असहमति को अभद्र भाषा तक ले जाना और प्रधानमंत्री के परिवार को निशाना बनाना कांग्रेस की हताशा और वैचारिक शून्यता को दर्शाता है।' राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि यह केवल एक व्यक्ति या परिवार का अपमान नहीं, बल्कि 'भारतीय राजनीति की गरिमा पर प्रहार' है।
ऐतिहासिक संदर्भ और व्यापक रुझान
यह ऐसे समय में आया है जब भारत में चुनावी राजनीति के दौरान व्यक्तिगत हमलों को लेकर बहस तेज़ होती जा रही है। गौरतलब है कि राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस के कुछ नेता पहले भी प्रधानमंत्री की पारिवारिक पृष्ठभूमि और उनकी माता पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर चुके हैं, और अब यह 'स्तरहीन राजनीति' पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुँच गई है।
लोकतंत्र और राजनीतिक मर्यादा पर संदेश
रक्षा मंत्री ने अपने बयान में कहा, 'लोकतंत्र में विरोध कीजिए, नीतियों पर सवाल उठाइए, सरकार की आलोचना कीजिए — लेकिन व्यक्तिगत मर्यादाओं का उल्लंघन मत कीजिए।' उन्होंने कांग्रेस को चेतावनी देते हुए कहा कि 'लोकतंत्र में जनता हर बात का हिसाब रखती है और समय आने पर जवाब भी देती है।' यह विवाद आने वाले दिनों में संसद और सार्वजनिक मंचों पर और तीखा हो सकता है।