सीएआईटी ने राहुल गांधी को लिखा पत्र, 1 नवंबर रैली से व्यापारियों के नुकसान पर माँगा जवाब
सारांश
मुख्य बातें
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) ने नई दिल्ली में 1 नवंबर 2026 को आयोजित रैली और पिछले एक महीने के विरोध-प्रदर्शनों के कारण व्यापारियों को हुए आर्थिक नुकसान पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को औपचारिक पत्र लिखकर पाँच प्रमुख सवालों के जवाब माँगे हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद और सीएआईटी के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने 5 नवंबर 2026 को यह जानकारी दी।
नुकसान की जिम्मेदारी और पत्र का सार
प्रवीण खंडेलवाल ने बताया कि दिल्ली में पिछले एक महीने के दौरान अलग-अलग आंदोलनों और विरोध-प्रदर्शनों के कारण व्यापारियों को भारी आर्थिक हानि उठानी पड़ी। 1 नवंबर की रैली के दौरान भी यह नुकसान जारी रहा। सीएआईटी ने पत्र में स्पष्ट रूप से पूछा है कि इस नुकसान की भरपाई कौन करेगा और इसकी जवाबदेही किस पर तय होगी।
संगठन ने पाँच बड़े सवाल उठाते हुए राहुल गांधी से लिखित उत्तर की माँग की है। खंडेलवाल ने कहा कि सीएआईटी अब उनके जवाब का इंतजार कर रहा है।
व्यापारियों की आगामी रणनीति
खंडेलवाल ने बताया कि दीपावली के तुरंत बाद देशभर के व्यापारी नेता दिल्ली में एकत्रित होंगे और आगे की कार्ययोजना तय करेंगे। उन्होंने आशंका जताई कि यदि राजधानी में इस तरह के आंदोलन निर्बाध जारी रहे, तो देश के अन्य हिस्सों में भी व्यापारियों को इसी प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।
राहुल गांधी और कांग्रेस पर सीधा हमला
BJP सांसद ने कहा कि राहुल गांधी को बेबुनियाद आरोप लगाने की आदत हो गई है और अब देश की जनता इस सच्चाई को समझ चुकी है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर भी निशाना साधते हुए कहा कि खड़गे जैसे वरिष्ठ नेता भी बिना ठोस तथ्यों के राहुल गांधी के सुर में सुर मिलाते हैं।
खंडेलवाल ने कांग्रेस के भीतर 'दरबारी संस्कृति' होने का आरोप लगाया और कहा कि राहुल गांधी के बयानों में कोई ठोस सबूत नहीं होता। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता भी इन आरोपों की हकीकत को समझ रही है और आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को जनता के विरोध का सामना करना पड़ेगा।
अग्निवीर योजना पर मोदी-राजनाथ का आभार
खंडेलवाल ने अग्निवीर योजना के तहत सैनिकों का सेवा कार्यकाल चार साल से बढ़ाकर छह साल किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आभार व्यक्त किया। उनके अनुसार, सेवा अवधि में दो साल की यह बढ़ोतरी सैनिक परिवारों को मज़बूती प्रदान करेगी और युवाओं में उत्साह बढ़ाएगी।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अग्निवीर योजना विपक्षी दलों के निशाने पर रही है। गौरतलब है कि सीएआईटी का यह कदम दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच राजनीतिक जवाबदेही की माँग को व्यापारिक हितों से जोड़ने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है।