5 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

हाथरस में भीषण आग: दम घुटने से बुजुर्ग दंपति शहजाद और सलमा की मौत, शॉर्ट सर्किट का अंदेशा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
हाथरस में भीषण आग: दम घुटने से बुजुर्ग दंपति शहजाद और सलमा की मौत, शॉर्ट सर्किट का अंदेशा

सारांश

हाथरस के सादाबाद में रात को मकान में लगी भीषण आग ने बुजुर्ग दंपति शहजाद और सलमा बेगम की जान ले ली। दम घुटने से हुई मौत, शॉर्ट सर्किट का अंदेशा। पुलिस और SDRF मौके पर पहुँचे, लेकिन बचाव में देर हो चुकी थी।

मुख्य बातें

हाथरस के मोहल्ला कहारान में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात भीषण आग लगी।
मृतकों की पहचान शहजाद (70 वर्ष) और उनकी पत्नी सलमा बेगम (68 वर्ष) के रूप में हुई।
CFO आरके बाजपेयी के अनुसार दोनों की मौत दम घुटने से हुई, आग की सीधी चपेट में आने से नहीं।
प्रथम दृष्टया आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया; मकान के निचले हिस्से में कपड़ों का काम होता था।
SDRF अधिकारी रजत कुमार वृंदावन से टीम लेकर पहुँचे; दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए।
संकरी गली में मकान होने से दमकल वाहनों को पहुँचने में बाधा आई।

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सादाबाद कोतवाली क्षेत्र स्थित मोहल्ला कहारान में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात एक मकान में भीषण आग लगने से 70 वर्षीय शहजाद और उनकी 68 वर्षीय पत्नी सलमा बेगम की दर्दनाक मौत हो गई। दोनों की मृत्यु आग की लपटों से नहीं, बल्कि दम घुटने के कारण हुई — यह जानकारी हाथरस के मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) आरके बाजपेयी ने दी। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

घटनाक्रम: रात 1:49 बजे मिली थी सूचना

CFO आरके बाजपेयी के अनुसार, रात करीब 1.49 बजे यह सूचना मिली कि सादाबाद इलाके में एक मकान में आग लगी है और कुछ लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका है। तत्काल दमकल की गाड़ियाँ रवाना की गईं और कुछ समय बाद दो दमकल वाहन घटनास्थल पर पहुँचे। हालाँकि मकान एक संकरी गली के भीतर होने के कारण अग्निशमन दल को भारी मशक्कत करनी पड़ी।

बाजपेयी ने बताया, 'मौके पर पहुँचने पर देखा कि आग विकराल रूप से जल रही थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि मकान में रहने वाले बाहर नहीं निकल पाए — वे अंदर फंस चुके थे।' आग बुझाने के अभियान के दौरान दोनों बुजुर्ग बिस्तर पर पड़े मिले, जिन्हें कपड़ों में लपेटकर बाहर निकाला गया।

SDRF की भी तैनाती, फिर भी नहीं बच सकी जान

घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीम भी मौके पर पहुँची। SDRF अधिकारी रजत कुमार अपने दल के साथ वृंदावन से घटनास्थल पर आए और बचाव कार्य में जुट गए। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम पहले से राहत-बचाव में लगी थी, लेकिन जब तक सभी दल पहुँचे, तब तक दंपति की मौत हो चुकी थी।

मौत की वजह: धुआँ, आग की लपटें नहीं

CFO बाजपेयी ने स्पष्ट किया कि पति-पत्नी का आग से सीधा संपर्क नहीं हुआ था। दोनों की मृत्यु दम घुटने (श्वास अवरोध) के कारण हुई। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता है, क्योंकि आग पहले मकान के निचले हिस्से में फैली — जहाँ कपड़ों का कारोबार होता था — और बाद में ऊपरी हिस्से को चपेट में लिया। आग लगने के सटीक कारणों की जाँच अभी जारी है।

पीड़ित परिचय और इलाके की स्थिति

मृतक शहजाद (70 वर्ष) और उनकी पत्नी सलमा बेगम (68 वर्ष) मोहल्ला कहारान, सादाबाद के उस मकान में रहते थे, जिसकी निचली मंजिल पर कपड़ों का काम होता था। रात में दोनों घर के अंदर सो रहे थे जब आग भड़की। संकरी गली में स्थित होने के कारण दमकल वाहनों को घटनास्थल के निकट पहुँचने में बाधा आई, जिससे बचाव कार्य और कठिन हो गया।

आगे क्या होगा

पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आग लगने के कारणों की विधिवत जाँच जारी है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब उत्तर प्रदेश में सर्दी के मौसम की दस्तक के साथ घरों में बिजली उपकरणों का उपयोग बढ़ने लगा है, जिससे शॉर्ट सर्किट से आग लगने की घटनाएँ बढ़ जाती हैं। अधिकारियों द्वारा जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही आग की असली वजह स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ दमकल वाहन समय पर नहीं पहुँच पाते। मकान में कपड़ों का काम होना और शॉर्ट सर्किट की आशंका यह भी संकेत देती है कि व्यावसायिक गतिविधियाँ और आवासीय उपयोग एक ही इमारत में बिना अग्नि-सुरक्षा मानकों के चल रहे हैं। उत्तर प्रदेश में हर साल सर्दियों की शुरुआत में ऐसे हादसों की संख्या बढ़ती है, फिर भी स्थानीय निकायों द्वारा आवासीय-व्यावसायिक मिश्रित इमारतों का विद्युत ऑडिट नियमित रूप से नहीं होता। जाँच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होना चाहिए कि क्या बिजली तारों की जाँच हाल में हुई थी — और यदि नहीं, तो जवाबदेही तय होनी चाहिए।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हाथरस आग हादसे में किनकी मौत हुई?
हाथरस के मोहल्ला कहारान में लगी आग में 70 वर्षीय शहजाद और उनकी 68 वर्षीय पत्नी सलमा बेगम की मौत हुई। दोनों उस मकान में सो रहे थे जब रात को आग भड़की।
हाथरस में आग कैसे लगी?
CFO आरके बाजपेयी के अनुसार, प्रथम दृष्टया आग का कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता है। आग पहले मकान के निचले हिस्से में लगी जहाँ कपड़ों का कारोबार होता था, और बाद में ऊपरी हिस्से तक फैल गई। आधिकारिक जाँच जारी है।
बुजुर्ग दंपति की मौत किस कारण हुई — आग से या धुएँ से?
CFO बाजपेयी ने स्पष्ट किया कि दोनों की मौत आग की लपटों से नहीं, बल्कि दम घुटने (धुएँ के कारण श्वास अवरोध) से हुई। उनका आग से सीधा संपर्क नहीं हुआ था।
घटनास्थल पर बचाव कार्य में देरी क्यों हुई?
मकान एक संकरी गली के भीतर स्थित था, जिससे दमकल वाहनों को घटनास्थल के नज़दीक पहुँचने में कठिनाई हुई। रात 1:49 बजे सूचना मिलने के बाद दमकल और SDRF दल पहुँचे, लेकिन तब तक दंपति की मौत हो चुकी थी।
अब आगे क्या होगा — जाँच और कानूनी प्रक्रिया?
पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आग लगने के कारणों की विधिवत जाँच जारी है और जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही आग की असली वजह आधिकारिक रूप से स्पष्ट होगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले