8 जुलाई 2026
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गाजियाबाद के प्रताप नगर में गैस सिलेंडर से भड़की आग, 80 वर्षीय विमला देवी झुलसीं; दमकल ने त्वरित कार्रवाई से बचाया

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गाजियाबाद के प्रताप नगर में गैस सिलेंडर से भड़की आग, 80 वर्षीय विमला देवी झुलसीं; दमकल ने त्वरित कार्रवाई से बचाया

सारांश

गाजियाबाद के प्रताप नगर में बुधवार सुबह गैस सिलेंडर से भड़की आग में 80 वर्षीय विमला देवी झुलस गईं। दमकल की त्वरित कार्रवाई ने आग को फैलने से रोका और एक बड़ी त्रासदी टल गई। महिला की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

मुख्य बातें

8 जुलाई 2026 को सुबह 11:33 बजे गाजियाबाद के प्रताप नगर में एक रिहायशी मकान के ग्राउंड फ्लोर पर गैस सिलेंडर से आग लगी।
आग की चपेट में आने से विमला देवी (लगभग 80 वर्ष ) आंशिक रूप से झुलस गईं; उनकी हालत खतरे से बाहर।
फायर स्टेशन कोतवाली के नेतृत्व में फायर टेंडर, कलेक्ट्रेट टेंडर और एफक्यूआरवी को मौके पर भेजा गया।
हौज पाइप और होजरील की सहायता से दमकल कर्मियों ने आग को अन्य कमरों में फैलने से रोका।
आग लगने के सटीक कारणों की जाँच जारी है; फायर विभाग ने गैस सिलेंडर सुरक्षा को लेकर नागरिकों से अपील की।

गाजियाबाद के प्रताप नगर इलाके में 8 जुलाई 2026 को सुबह 11:33 बजे एक रिहायशी मकान के ग्राउंड फ्लोर पर गैस सिलेंडर से आग भड़क उठी, जिसमें विमला देवी (लगभग 80 वर्ष) आंशिक रूप से झुलस गईं। दमकल विभाग की टीमों ने समय रहते पहुँचकर आग पर काबू पा लिया और एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया।

घटनाक्रम: कैसे लगी आग

फायर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बुधवार सुबह 11:33 बजे फायर स्टेशन कोतवाली को सूचना मिली कि पुलिस लाइन के निकट स्थित एक मकान में आग लग गई है। सूचना मिलते ही अग्निशमन अधिकारी कोतवाली के नेतृत्व में एक फायर टेंडर तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। इसके साथ ही कलेक्ट्रेट में तैनात फायर टेंडर और एफक्यूआरवी (फर्स्ट क्विक रिस्पांस व्हीकल) को भी मौके पर भेजा गया।

दमकल की कार्रवाई और आग पर नियंत्रण

घटनास्थल पर पहुँचने पर दमकल कर्मियों ने पाया कि मकान के ग्राउंड फ्लोर के एक कमरे में गैस सिलेंडर से आग लगी हुई थी। आग के तेज़ी से फैलने की आशंका को भाँपते हुए टीम ने बिना समय गंवाए एक हौज पाइप और होजरील की सहायता से अग्निशमन अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद कुछ ही समय में आग को पूरी तरह बुझा दिया गया।

घायल महिला की स्थिति

आग की चपेट में आने से विमला देवी आंशिक रूप से झुलस गईं। मौके पर मौजूद स्थानीय पुलिस ने उन्हें तत्काल सुरक्षित बाहर निकाला और उपचार के लिए नज़दीकी अस्पताल पहुँचाया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

नुकसान और राहत

फायर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दमकल कर्मियों की त्वरित कार्रवाई के चलते आग को अन्य कमरों में फैलने से रोका जा सका, जिससे मकान को बड़े नुकसान से बचाया गया। यदि समय पर काबू नहीं पाया जाता तो आसपास के हिस्सों में भी आग फैल सकती थी। फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों की जाँच जारी है।

फायर विभाग की अपील

विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि रसोई गैस सिलेंडर और अन्य ज्वलनशील उपकरणों का उपयोग पूरी सावधानी के साथ करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत फायर सर्विस को सूचित करें ताकि राहत एवं बचाव कार्य समय पर शुरू हो सके। यह घटना एक बार फिर घरेलू गैस सुरक्षा के प्रति सजग रहने की ज़रूरत को रेखांकित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी रोकथाम के उपाय अपर्याप्त बने हुए हैं। दमकल की त्वरित प्रतिक्रिया सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि बुज़ुर्ग और अकेले रहने वाले नागरिकों के लिए गैस सुरक्षा जागरूकता अभियान कितने प्रभावी हैं। जब तक नियमित सिलेंडर निरीक्षण और आवासीय क्षेत्रों में सामुदायिक सुरक्षा प्रशिक्षण को प्राथमिकता नहीं दी जाती, ऐसी घटनाएँ होती रहेंगी।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गाजियाबाद के प्रताप नगर में आग कैसे लगी?
फायर विभाग के अनुसार, 8 जुलाई 2026 को एक रिहायशी मकान के ग्राउंड फ्लोर पर बने कमरे में गैस सिलेंडर से आग लगी। आग लगने के सटीक कारणों की अभी जाँच जारी है।
घायल महिला विमला देवी की हालत कैसी है?
विमला देवी (लगभग 80 वर्ष) आग की चपेट में आने से आंशिक रूप से झुलस गईं। स्थानीय पुलिस ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुँचाया और प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
दमकल विभाग ने कितनी जल्दी प्रतिक्रिया दी?
सुबह 11:33 बजे सूचना मिलते ही फायर स्टेशन कोतवाली से फायर टेंडर, कलेक्ट्रेट का फायर टेंडर और एफक्यूआरवी तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किए गए। दमकल कर्मियों ने हौज पाइप और होजरील से आग बुझाकर उसे अन्य हिस्सों में फैलने से रोका।
क्या आग से मकान को बड़ा नुकसान हुआ?
फायर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, समय पर काबू पाने के कारण आग अन्य कमरों में नहीं फैली और मकान को बड़े नुकसान से बचाया जा सका। यदि देरी होती तो आसपास के हिस्सों तक भी आग फैल सकती थी।
गैस सिलेंडर से आग लगने पर क्या करें?
फायर विभाग ने अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत फायर सर्विस को सूचित करें। रसोई गैस सिलेंडर और ज्वलनशील उपकरणों का उपयोग पूरी सावधानी के साथ करें और नियमित रूप से सिलेंडर व रेगुलेटर की जाँच करवाएँ।
राष्ट्र प्रेस
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