गाजियाबाद के इंदिरापुरम में भीषण आग, 9 लोग सुरक्षित बचाए; 3 सिलेंडर फटे, कोई जनहानि नहीं

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गाजियाबाद के इंदिरापुरम में भीषण आग, 9 लोग सुरक्षित बचाए; 3 सिलेंडर फटे, कोई जनहानि नहीं

सारांश

गाजियाबाद के इंदिरापुरम में एक रिहायशी मकान में भीषण आग और 3 गैस सिलेंडर के विस्फोट के बावजूद दमकल विभाग ने 9 लोगों को — 3 छोटे बच्चों से लेकर 75 वर्षीय बुजुर्गों तक — सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन बड़े हादसे को टालने में सफल रहा।

मुख्य बातें

5 मई 2026 को दोपहर 1:30 बजे गाजियाबाद के इंदिरापुरम, नीति खंड-2 स्थित प्लॉट नंबर-495 में भीषण आग लगी।
दमकल विभाग ने 9 लोगों को सुरक्षित बचाया — जिनमें 3 वर्षीय सनी से लेकर 75 वर्षीय जेपी गुप्ता और प्रभा गुप्ता तक शामिल हैं।
आग के दौरान 2 छोटे और 1 बड़े गैस सिलेंडर फटे, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
22,000 लीटर और 14,000 लीटर के दो वाटर बाउजर तथा साहिबाबाद से अतिरिक्त फायर टेंडर बुलाया गया।
घटना में कोई जनहानि नहीं हुई; आग लगने के कारणों की जाँच जारी है।

गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित नीति खंड-2 में 5 मई 2026 को दोपहर करीब 1:30 बजे एक रिहायशी मकान में भीषण आग भड़क उठी, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई से मकान में फंसे 9 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

घटनाक्रम: कैसे लगी आग और कैसे मिली सूचना

फायर स्टेशन वैशाली को यह सूचना 112 आपातकालीन सेवा के माध्यम से मिली। सूचना मिलते ही मुख्य अग्निशमन अधिकारी, गाजियाबाद और प्रभारी अग्निशमन अधिकारी, वैशाली अपनी-अपनी टीमों के साथ तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। जब दमकल दल प्लॉट नंबर-495, नीति खंड-2 पर पहुँचा, तब तक भूतल पर आग विकराल रूप ले चुकी थी। दमकलकर्मियों ने तुरंत होज पाइप बिछाकर आग बुझाने का कार्य शुरू किया।

रेस्क्यू ऑपरेशन: जोखिम उठाकर बचाई 9 जानें

आग की लपटों के बीच मकान में फंसे लोगों को निकालना अत्यंत चुनौतीपूर्ण था। दमकलकर्मियों ने साहस का परिचय देते हुए रेस्क्यू अभियान चलाया और कुल 9 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बचाए गए लोगों में 3 वर्षीय सनी, 7 वर्षीय कार्वीक, 11 वर्षीय गुन्नू, 39 वर्षीय पूजा गुप्ता, 37 वर्षीय नेहा गुप्ता, 42 वर्षीय सीमा, 75 वर्षीय जेपी गुप्ता, 75 वर्षीय प्रभा गुप्ता और 45 वर्षीय शरद शामिल हैं — यानी 3 छोटे बच्चों से लेकर 75 वर्षीय बुजुर्गों तक।

सिलेंडर विस्फोट से बढ़ी मुश्किलें

आग के दौरान मकान में रखे 2 छोटे और 1 बड़े गैस सिलेंडर के फटने से स्थिति और भयावह हो गई। इससे निपटने के लिए वैशाली फायर स्टेशन से 22,000 लीटर और 14,000 लीटर क्षमता वाले दो वाटर बाउजर तथा साहिबाबाद से एक अतिरिक्त फायर टेंडर भी मौके पर बुलाया गया। यह ऐसे समय में आया जब आग पड़ोसी घरों तक फैलने का खतरा भी बन रहा था।

आसपास के घर और वाहन भी बचाए गए

दमकल विभाग की सूझबूझ भरी कार्रवाई के चलते आसपास के मकानों को भी सुरक्षित बचा लिया गया। मौके पर खड़ी 5 मोटरसाइकिल और 3 साइकिलें भी समय रहते सुरक्षित निकाल ली गईं। अधिकारियों के अनुसार, दमकल विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया से एक बड़ा हादसा टल गया।

जाँच जारी, आग का कारण अज्ञात

गौरतलब है कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जो दमकल विभाग की मुस्तैदी का प्रमाण है। फिलहाल, आग लगने के कारणों की जाँच की जा रही है और संबंधित अधिकारी मामले की पड़ताल में जुटे हैं। आने वाले दिनों में जाँच रिपोर्ट सार्वजनिक होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इंदिरापुरम जैसे घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्रों में भवन मालिक अग्निसुरक्षा नियमों का पालन क्यों नहीं करते। तीन सिलेंडरों का एक साथ फटना यह दर्शाता है कि भंडारण प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ होगा — जिसकी जाँच रिपोर्ट में स्पष्टता आनी चाहिए। बिना जवाबदेही तय किए, ऐसी घटनाएँ बार-बार होती रहेंगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गाजियाबाद के इंदिरापुरम में आग कब और कहाँ लगी?
यह आग 5 मई 2026 को दोपहर करीब 1:30 बजे इंदिरापुरम के नीति खंड-2 स्थित प्लॉट नंबर-495 के भूतल पर लगी। घटना की सूचना 112 आपातकालीन सेवा के माध्यम से फायर स्टेशन वैशाली को दी गई।
आग में कितने लोगों को बचाया गया और वे कौन थे?
दमकल विभाग ने कुल 9 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिनमें 3 वर्षीय सनी , 7 वर्षीय कार्वीक , 11 वर्षीय गुन्नू , 39 वर्षीय पूजा गुप्ता , 37 वर्षीय नेहा गुप्ता , 42 वर्षीय सीमा , 75 वर्षीय जेपी गुप्ता , 75 वर्षीय प्रभा गुप्ता और 45 वर्षीय शरद शामिल हैं। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
आग बुझाने के लिए कितने दमकल वाहन भेजे गए?
वैशाली फायर स्टेशन से 22,000 लीटर और 14,000 लीटर क्षमता वाले दो वाटर बाउजर तथा साहिबाबाद से एक अतिरिक्त फायर टेंडर मौके पर भेजा गया। इसके अलावा मुख्य अग्निशमन अधिकारी और प्रभारी अग्निशमन अधिकारी भी अपनी टीमों के साथ मौजूद रहे।
क्या आग के दौरान गैस सिलेंडर फटे?
हाँ, आग के दौरान मकान में रखे 2 छोटे और 1 बड़े गैस सिलेंडर फट गए, जिससे स्थिति और भयावह हो गई। इसके बावजूद दमकल विभाग ने आग पर काबू पाया और आसपास के मकानों को भी सुरक्षित बचा लिया।
आग लगने का कारण क्या था?
अधिकारियों के अनुसार, आग लगने के कारणों की अभी जाँच की जा रही है और कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है। जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
राष्ट्र प्रेस
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