सीधी में हाथियों के हमले से बुजुर्ग दंपति की मौत, ग्रामीणों ने शव उठाने से किया इनकार
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के सीधी जिले के चिनगी गाँव में रविवार की देर रात हाथियों के एक झुंड ने एक कच्चे मकान को तोड़ डाला, जिसमें सो रहे बुजुर्ग दंपति भैया लाल और उनकी पत्नी की हाथियों के कुचलने से मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद से गाजर ग्राम पंचायत के ग्रामीणों में तीव्र आक्रोश है और उन्होंने शव उठाने से इनकार कर दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार की देर रात हाथियों का एक झुंड गाजर ग्राम पंचायत के चिनगी गाँव में घुस आया। झुंड ने उस कच्चे मकान को घेर लिया जिसमें भैया लाल और उनकी पत्नी सो रहे थे। कुछ ही देर में हाथी उग्र हो गए और उन्होंने मकान को तोड़ना शुरू कर दिया। बुजुर्ग दंपति बाहर निकलने का मौका नहीं पा सके और हाथियों के कुचलने से दोनों की मौत हो गई।
ग्रामीणों का आक्रोश और प्रशासन पर आरोप
घटना के बाद से गाँव में रोष का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव उठाने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि इस क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही लगातार बनी रहती है, लेकिन वन विभाग के अमले ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया। ग्रामीणों के अनुसार, यदि समय पर चेतावनी और सुरक्षा के उपाय किए गए होते, तो यह हादसा टाला जा सकता था।
विस्थापन नीति की विफलता
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि हाथियों के निरंतर खतरे के चलते इस क्षेत्र के कई परिवारों को विस्थापित किया जा चुका है। हालाँकि, भैया लाल और उनके परिवार सहित कई अन्य परिवारों को विस्थापन का लाभ नहीं मिला और वे गाँव में रहने को मजबूर थे। यह ऐसे समय में आया है जब मानव-हाथी संघर्ष के मामले मध्य प्रदेश के वन क्षेत्रों में लगातार सामने आ रहे हैं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही सीधी जिले का प्रशासनिक, राजस्व और पुलिस अमला मौके पर पहुँच गया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि विस्थापन नीति और मुआवजे का लाभ दिया जाएगा और पूरे मामले की जाँच कराई जाएगी।
क्या होगा आगे
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में मानव-हाथी संघर्ष की यह कोई पहली घटना नहीं है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, वनों की कटाई और हाथियों के प्राकृतिक आवास के सिकुड़ने से ऐसी घटनाएँ बढ़ रही हैं। प्रशासन द्वारा मुआवजे और विस्थापन नीति की समीक्षा की माँग अब और तेज़ होने की संभावना है।