जहांगीरपुरी में घर में आग, गैस सिलेंडर विस्फोट से दमकलकर्मी झुलसा
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के जहांगीरपुरी स्थित ई-ब्लॉक में 30 अक्टूबर 2026 को एक आवासीय मकान में भीषण आग भड़क उठी, जिसके दौरान गैस सिलेंडर में विस्फोट होने से एक दमकलकर्मी बुरी तरह झुलस गया। अधिकारियों के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही दमकल की तीन गाड़ियाँ तुरंत मौके पर रवाना की गईं।
मुख्य घटनाक्रम
आग लगने के तुरंत बाद सिलेंडर फटने की आवाज़ ने आसपास के इलाके में दहशत फैला दी और स्थानीय निवासी सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। दमकल विभाग के जवान आग पर काबू पाने में जुट गए। अधिकारियों के अनुसार, घायल दमकलकर्मी सिलेंडर विस्फोट की चपेट में आने से झुलसा, जिसे उपचार के लिए भेजा गया। घटना की आगे की जाँच जारी है।
दिल्ली में आग की हालिया घटनाएँ
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राष्ट्रीय राजधानी में आग की घटनाओं का सिलसिला थमा नहीं है। इसी सप्ताह रायसीना हिल स्थित ऐतिहासिक प्रशासनिक इमारत नॉर्थ ब्लॉक में भी आग लगने की घटना हुई थी, जहाँ आसमान में घना काला धुआँ उठता देखा गया था। आधिकारिक सूत्रों ने बताया था कि इमारत में वेल्डिंग का कार्य चल रहा था, तभी वेल्डिंग से निकली चिंगारी पास के एक टैंक में जा गिरी, जिससे आग भड़की। दिल्ली फायर सर्विस ने छह दमकल गाड़ियाँ भेजकर आग पर काबू पा लिया था; उस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ था।
हौज रानी होटल अग्निकांड की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि सितंबर 2026 में मालवीय नगर के घनी आबादी वाले हौज रानी इलाके में 'फ्लोरिश स्टे' होटल में भीषण आग में 21 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। मृतकों में 9 भारतीय और शेष विदेशी नागरिक थे, जिनमें बांग्लादेश, लाइबेरिया, नाइजीरिया और मोज़ाम्बिक के नागरिक शामिल थे। उस हादसे ने दिल्ली में अग्नि सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
आम जनता पर असर
जहांगीरपुरी जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में गैस सिलेंडर से जुड़ी आग की घटनाएँ अत्यंत खतरनाक होती हैं, क्योंकि यहाँ मकान एक-दूसरे से सटे होते हैं और दमकल गाड़ियों के लिए भीतरी गलियों तक पहुँचना अक्सर मुश्किल होता है। विस्फोट के कारण आसपास के घरों को भी नुकसान होने की आशंका रहती है।
क्या होगा आगे
दमकल विभाग की जाँच टीम घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी है। घायल दमकलकर्मी की स्थिति और नुकसान के पूरे आकलन की रिपोर्ट अपेक्षित है। बार-बार होती ऐसी घटनाएँ राजधानी में आवासीय क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा ऑडिट की माँग को और तेज़ कर सकती हैं।