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तुगलकाबाद एक्सटेंशन में 5 मंजिला इमारत में भीषण आग, 3 की मौत; शॉर्ट सर्किट से भड़की लपटें

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तुगलकाबाद एक्सटेंशन में 5 मंजिला इमारत में भीषण आग, 3 की मौत; शॉर्ट सर्किट से भड़की लपटें

सारांश

दिल्ली के तुगलकाबाद एक्सटेंशन में तड़के शॉर्ट सर्किट से भड़की आग ने 5 मंजिला इमारत को लपेटा — 3 की मौत, 2 गंभीर। यह हादसा मालवीय नगर अग्निकांड के 9 दिन बाद आया, जहाँ 21 जानें गई थीं। दिल्ली में आग की बढ़ती घटनाएँ अग्नि सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।

मुख्य बातें

12 जून 2026 की तड़के तुगलकाबाद एक्सटेंशन की 5 मंजिला आवासीय इमारत में भीषण आग लगी।
आग में 3 लोगों की मौत — एक 22 वर्षीय युवक और 2 महिलाएँ ; 2 अन्य की हालत गंभीर।
आग का कारण ग्राउंड फ्लोर पर बिजली का शॉर्ट सर्किट ; चार्जिंग पर लगे इलेक्ट्रिक स्कूटर सहित 7 दोपहिया वाहन जले।
पुलिस-दमकल की संयुक्त टीम ने 8 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला; घायलों को सफदरजंग अस्पताल व एम्स ट्रॉमा सेंटर भेजा।
यह घटना मालवीय नगर रेस्टोरेंट अग्निकांड ( 3 जून, 21 मौतें ) के महज़ 9 दिन बाद आई।

नई दिल्ली के तुगलकाबाद एक्सटेंशन में 12 जून 2026 की तड़के एक पाँच मंजिला आवासीय इमारत में भीषण आग लग गई, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और दो अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस के अनुसार आग ग्राउंड फ्लोर के पार्किंग एरिया में बिजली के शॉर्ट सर्किट से भड़की और देखते-देखते पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया।

घटनाक्रम: कैसे फैली आग

पुलिस अधिकारियों के अनुसार गोविंदपुरी थाने को रात 2:24 बजे पीसीआर कॉल मिली। स्थानीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और इसके कुछ ही मिनट बाद दमकल विभाग को रात 2:27 बजे सूचना दी गई। दमकल विभाग की चार गाड़ियाँ और एंबुलेंस शीघ्र घटनास्थल पर पहुँचीं।

प्रारंभिक जाँच से पता चला है कि आग ग्राउंड फ्लोर पर बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। लपटों ने तेज़ी से सात पार्क किए गए दोपहिया वाहनों को अपनी चपेट में लिया, जिनमें चार्जिंग पर लगा एक इलेक्ट्रिक स्कूटर भी शामिल था। इसके बाद आग तेज़ी से ऊपरी मंजिलों तक फैल गई।

बचाव अभियान और हताहत

पुलिस और दमकल दल ने संयुक्त अभियान चलाकर इमारत में फँसे 8 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। घायलों को सफदरजंग अस्पताल और एम्स ट्रॉमा सेंटर भेजा गया। बाद में तीन लोगों की मृत्यु की पुष्टि हुई — जिनमें 22 वर्षीय एक युवक और दो महिलाएँ शामिल हैं। दो अन्य की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।

चश्मदीद की ज़बानी

घटना के एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि आग रात करीब 2:10 बजे लगी। उन्होंने कहा, 'हमें इसके बारे में रात करीब 2:20 बजे पता चला, तब तक आग काफी फैल चुकी थी। मेरा घर बिल्कुल सामने है और मेरी बेटी बाहर खड़ी थी। मैंने अपनी बेटी के फोन से फायर ब्रिगेड को कॉल किया।' उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बेटी ने पड़ोसी इमारत की ओर एक साड़ी फेंकी, जिसकी मदद से इमारत में फँसे कुछ लोग बाहर निकल सके।

दिल्ली में आग की बढ़ती घटनाएँ

यह घटना ऐसे समय में आई है जब दिल्ली में आगजनी की घटनाएँ चिंताजनक रूप से बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि इससे महज़ 9 दिन पहले, 3 जून को दिल्ली के मालवीय नगर में एक रेस्टोरेंट में लगी आग में कम से कम 21 लोगों की जान चली गई थी, जिनमें विदेशी नागरिक भी शामिल थे। विशेषज्ञ लगातार घनी आबादी वाले इलाकों में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी को इन हादसों का प्रमुख कारण मानते हैं।

आगे की जाँच

फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। पुलिस ने मामले की विस्तृत जाँच शुरू कर दी है। इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग के दौरान आग लगने की यह घटना आवासीय इमारतों में ईवी चार्जिंग के लिए सुरक्षा दिशानिर्देशों पर नए सिरे से बहस छेड़ सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह दिल्ली की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की व्यवस्थागत विफलता की ओर इशारा करती हैं। चार्जिंग पर लगे इलेक्ट्रिक स्कूटर से आग का भड़कना उस बड़े खतरे को रेखांकित करता है जिसे नीति-निर्माता अब तक नज़रअंदाज़ करते रहे हैं — घनी आवासीय इमारतों में ईवी चार्जिंग के लिए कोई स्पष्ट सुरक्षा मानक नहीं हैं। जब तक बिल्डिंग बायलॉज़ और अग्नि सुरक्षा ऑडिट को ज़मीनी हकीकत से नहीं जोड़ा जाता, ये हादसे दोहराते रहेंगे।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तुगलकाबाद एक्सटेंशन में आग कैसे लगी?
प्रारंभिक जाँच के अनुसार आग ग्राउंड फ्लोर के पार्किंग एरिया में बिजली के शॉर्ट सर्किट से लगी। चार्जिंग पर लगे एक इलेक्ट्रिक स्कूटर सहित सात दोपहिया वाहनों में आग फैली और फिर लपटें पूरी 5 मंजिला इमारत में फैल गईं।
इस हादसे में कितने लोगों की मौत हुई और कौन थे?
इस हादसे में तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है — एक 22 वर्षीय युवक और दो महिलाएँ। दो अन्य घायलों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उनका उपचार जारी है।
घायलों को किस अस्पताल में भर्ती कराया गया?
बचाव अभियान के दौरान निकाले गए 8 लोगों को सफदरजंग अस्पताल और एम्स ट्रॉमा सेंटर भेजा गया। इनमें से तीन की बाद में मृत्यु हो गई।
क्या दिल्ली में हाल ही में ऐसी और घटनाएँ हुई हैं?
हाँ, इस हादसे से महज़ 9 दिन पहले 3 जून को दिल्ली के मालवीय नगर में एक रेस्टोरेंट में आग लगने से कम से कम 21 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें विदेशी नागरिक भी शामिल थे। इन दोनों घटनाओं ने दिल्ली में अग्नि सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग से आग का क्या खतरा है?
इस मामले में चार्जिंग पर लगा एक इलेक्ट्रिक स्कूटर आग फैलने का कारण बना। विशेषज्ञों के अनुसार आवासीय इमारतों में ईवी चार्जिंग के लिए अभी तक स्पष्ट सुरक्षा दिशानिर्देश नहीं हैं, जो इस तरह के हादसों को बढ़ावा दे सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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