ग्रेटर कैलाश की बहुमंजिला इमारत में आग, एसी शॉर्ट सर्किट की आशंका; कोई हताहत नहीं
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के ग्रेटर कैलाश पार्ट-1 एन्क्लेव स्थित डी-24 बिल्डिंग में 9 जून 2026 को मंगलवार की सुबह आग लग गई। अधिकारियों के अनुसार, आग की वजह एयर कंडीशनर में शॉर्ट सर्किट हो सकती है, हालाँकि कारणों की आधिकारिक जाँच अभी जारी है। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है।
घटनाक्रम: कैसे लगी आग
दिल्ली फायर सर्विस (DFS) को सुबह 11:36 बजे आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही दो दमकल गाड़ियाँ तत्काल मौके पर रवाना की गईं। दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। एक अधिकारी ने बताया, 'इस घटना में किसी की जान नहीं गई और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।'
मालवीय नगर अग्निकांड की पृष्ठभूमि
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब दिल्ली अभी मालवीय नगर के एक बी-एंड-बी होटल में लगी भीषण आग के सदमे से उबर भी नहीं पाई थी। उस हादसे में 13 विदेशी नागरिकों समेत 22 लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों घायल हुए थे। उस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिनमें गैर-इरादतन हत्या, आग से नुकसान, लापरवाही से जान को खतरे में डालना और संपत्ति को नुकसान पहुँचाना शामिल हैं।
उस मामले में होटल मालिक लवकेश बजाज और रसोइए केशव नेगी को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि होटल मैनेजर जय मिश्रा ने सोमवार को अदालत में आत्मसमर्पण किया। अधिकारियों के अनुसार, होटल को केवल 6 कमरे चलाने की अनुमति थी, लेकिन वह 20 से अधिक कमरों के साथ संचालित हो रहा था। साथ ही, यह होटल कथित तौर पर दिल्ली फायर सर्विस से आवश्यक 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) लिए बिना सात-आठ वर्षों से चल रहा था।
प्रशासन की कार्रवाई
मालवीय नगर अग्निकांड के बाद दिल्ली प्रशासन ने शहर भर में अग्नि सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। फोरेंसिक जाँच भी जारी है और जाँचकर्ताओं ने कथित तौर पर साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं। इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि लापरवाही, नियमों का उल्लंघन या अन्य कारणों से आग लगी थी या नहीं।
आगे क्या
ग्रेटर कैलाश की डी-24 बिल्डिंग में आग के कारणों की जाँच अधिकारियों द्वारा की जा रही है और आगे की जानकारी की प्रतीक्षा है। दिल्ली में लगातार हो रही अग्निकांड की घटनाएँ शहर की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।