दिल्ली साउथ कैंपस: सत्य निकेतन के टेकअवे रेस्टोरेंट में भोर को लगी आग, कोई हताहत नहीं
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के साउथ कैंपस स्थित सत्य निकेतन में बुधवार, 17 जून की सुबह एक टेकअवे रेस्टोरेंट में आग भड़क उठी। दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के अनुसार, आग पर काबू पा लिया गया है और इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।
घटनाक्रम: कब और कहाँ
DFS को सुबह 6:09 बजे मदर डेयरी के निकट सत्य निकेतन स्थित टेकअवे रेस्टोरेंट से आग लगने की सूचना मिली। यह क्षेत्र चाणक्यपुरी अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आता है। आग रेस्टोरेंट के ग्राउंड फ्लोर पर रखे फर्नीचर और बर्तनों में लगी थी।
दमकल विभाग की कई गाड़ियाँ तत्काल मौके पर पहुँचीं। एडीओ विनय ने सुबह लगभग 6:50 बजे पुष्टि की कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और कोई जनहानि नहीं हुई है।
जून में दिल्ली में आग की बढ़ती घटनाएँ
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब जून महीने में राजधानी में आगजनी की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। 14 जून को कालकाजी-गोविंदपुरी फ्लाईओवर के निकट एक रेस्तरां में आग लगी, जिसमें बेसमेंट से लेकर तीसरी मंजिल की छत तक के अस्थायी ढाँचे को नुकसान पहुँचा। उस घटना में तीन व्यावसायिक LPG सिलेंडर फटने से आग और भड़क गई थी, जिससे दमकल कर्मियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई। DFS कर्मियों ने उस इमारत की दूसरी मंजिल से 70 से 75 वर्षीया बुजुर्ग महिला सीता देवी को सुरक्षित बाहर निकाला था।
12 जून की रात तुगलकाबाद एक्सटेंशन में एक इमारत में लगी आग में तीन लोगों की मौत हो गई थी। जाँच में सामने आया कि यह आग जानबूझकर लगाई गई थी। पुलिस ने नवजीवन कैंप निवासी एक 17 वर्षीया नाबालिग लड़की को हिरासत में लिया, जिसने बताया कि गिरिनगर निवासी 27 वर्षीया सरिता ने उसे पैसे के विवाद को लेकर दीपक — जो उसी इमारत की पाँचवीं मंजिल पर रहता था — की स्कूटी में आग लगाने के लिए पेट्रोल और माचिस दी थी। पुलिस ने सरिता से पूछताछ के बाद खुलासा किया कि यह साजिश निरंजन (33) और उसके भाई राजकुमार (27) के निर्देश पर एक निजी विवाद का बदला लेने के लिए रची गई थी। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
इससे पहले 3 जून को मालवीय नगर के एक होटल में लगी भीषण आग में 21 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें कई विदेशी नागरिक भी शामिल थे। यह दिल्ली की हालिया सबसे घातक अग्निकांड घटनाओं में से एक रही।
आम जनता और व्यापारियों पर असर
सत्य निकेतन दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से सटा एक व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र है, जहाँ छात्रों और स्थानीय निवासियों की बड़ी आवाजाही रहती है। भोर में आग लगने से बड़ी तादाद में लोगों के मौजूद न होने के कारण जनहानि टल गई। हालाँकि, रेस्टोरेंट के फर्नीचर और बर्तनों को नुकसान पहुँचा है।
आग का कारण और आगे की जाँच
अधिकारियों के अनुसार, आग लगने के कारण की अभी जाँच की जा रही है। जून में दिल्ली में आग की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए अग्निशमन विभाग और नगर निकाय की ओर से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की समीक्षा की माँग तेज होने की संभावना है।