नोएडा में दो स्थानों पर आग: सेक्टर-74 के फ्लैट और सेक्टर-52 के मकान में भड़की लपटें, कोई हताहत नहीं
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के सेक्टर-74 और सेक्टर-52 में शुक्रवार, 5 जून को दो अलग-अलग स्थानों पर आग लगने की घटनाएँ सामने आईं, जिससे दोनों इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दमकल विभाग की कई गाड़ियाँ तत्काल मौके पर पहुँचीं और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए गए। फिलहाल दोनों घटनाओं में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
सेक्टर-74: आईवी कंट्री सोसाइटी के फ्लैट में आग
पहली घटना सेक्टर-74 स्थित आईवी कंट्री सोसाइटी में हुई, जहाँ एक फ्लैट में अचानक आग भड़क उठी। सूचना मिलते ही सोसाइटी के निवासियों में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचित किया। दमकल कर्मियों ने समय रहते मोर्चा संभाल लिया और आग को पड़ोसी फ्लैटों तक फैलने से रोकने में सफलता मिली। आग फ्लैट के अंदर ही सीमित रही, हालाँकि आग लगने के वास्तविक कारणों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
सेक्टर-52: रेस्टोरेंट-पीजी भवन में भीषण आग
दूसरी घटना थाना सेक्टर-24 क्षेत्र के सेक्टर-52 स्थित गिझोड़, शताब्दी विहार में एक मकान में हुई। बताया जा रहा है कि इस भवन के निचले हिस्से में एक रेस्टोरेंट संचालित होता है, जबकि ऊपरी मंजिलों पर पेइंग गेस्ट (PG) की व्यवस्था है। आग की लपटें उठते ही आसपास के निवासियों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचित किया। मौके पर पहुँची टीम आग पर काबू पाने में जुटी रही।
आग का संभावित कारण और जाँच
स्थानीय लोगों के अनुसार, आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट हो सकती है, हालाँकि अधिकारियों की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। फायर विभाग के अधिकारी दोनों स्थानों पर आग लगने के कारणों की जाँच में जुटे हुए हैं। घटनाओं के समय भवनों में मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
राहत: कोई जनहानि नहीं
दोनों घटनाओं में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, जो बड़ी राहत की बात है। प्रशासन और दमकल विभाग स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं। गौरतलब है कि यह घटनाएँ ऐसे समय में सामने आई हैं जब दिल्ली-एनसीआर में तेज आँधी-तूफान और बारिश का दौर जारी है, जो बिजली के उपकरणों और विद्युत तारों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।
आगे क्या
दमकल विभाग के अधिकारियों द्वारा आग लगने के कारणों की विस्तृत जाँच रिपोर्ट जल्द आने की उम्मीद है। दोनों प्रभावित स्थानों पर नुकसान के आकलन का काम भी जारी है।