नोएडा: द अरण्य सोसायटी की 21वीं मंजिल पर भीषण आग, 6 दमकल गाड़ियों ने 50 मिनट में पाया काबू
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के सेक्टर-119 स्थित द अरण्य हाईराइज सोसायटी में सोमवार, 29 जून 2026 की सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब 21वीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट में अचानक भीषण आग भड़क उठी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग की वजह एयर कंडीशनर (एसी) में विस्फोट को माना जा रहा है, हालाँकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कारणों की आधिकारिक पुष्टि जाँच के बाद ही होगी। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि या घायल होने की सूचना नहीं है।
घटनाक्रम: कैसे फैली आग
प्रत्यक्षदर्शी प्रदीप कुमार, जो उस वक्त सातवीं मंजिल पर मौजूद थे, ने बताया कि उन्हें अचानक एक तेज़ आवाज़ सुनाई दी और ऊपर से कोई वस्तु गिरने जैसा एहसास हुआ। जब उन्होंने ऊपर देखा तो पूरा इलाका धुएँ से भर चुका था। इसके तुरंत बाद नीचे से लोगों की आवाज़ें आने लगीं और सभी निवासियों को सीढ़ियों के ज़रिये सुरक्षित बाहर निकाला गया।
एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी विक्रम सिंह ने बताया कि शुरुआत में अधिकांश निवासियों को आग लगने की जानकारी नहीं थी। सोसायटी के स्टाफ ने तत्परता दिखाते हुए सभी फ्लैटों के लोगों को तुरंत बाहर निकलने की अपील की।
बचाव अभियान: दो मोर्चों पर एक साथ कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही गौतमबुद्धनगर फायर सर्विस की 6 दमकल गाड़ियाँ मौके पर रवाना की गईं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) प्रदीप कुमार स्वयं घटनास्थल पर पहुँचे और पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी की। सेक्टर-113 थाना पुलिस भी मौके पर तैनात रही और भीड़ नियंत्रण तथा निवासियों को सुरक्षित निकालने में सहयोग किया।
सीएफओ ने बताया कि दमकल टीम को दो हिस्सों में बाँटा गया — एक दल ने बालकनी की तरफ से और दूसरे दल ने फ्लैट के अंदर प्रवेश कर आग बुझाने का काम किया। लगभग 40 से 50 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।
पानी पहुँचाने में आई अड़चन
विक्रम सिंह के अनुसार, शुरुआत में दमकल टीम को 21वीं मंजिल तक पानी पहुँचाने में कुछ कठिनाई हुई। इस स्थिति में सोसायटी समिति द्वारा लगाए गए बड़े पानी के टैंकों और अन्य संसाधनों का उपयोग कर आग बुझाने में मदद ली गई। यह घटना हाईराइज इमारतों में अग्निशमन संसाधनों की पर्याप्तता पर सवाल उठाती है।
आग का दायरा और नुकसान
फायर विभाग के अनुसार, आग केवल 21वीं मंजिल के एक फ्लैट तक सीमित रही और इमारत के अन्य हिस्सों में नहीं फैली। आग लगने का संभावित कारण एसी में विस्फोट बताया जा रहा है, जिसकी पुष्टि जाँच के बाद होगी। सबसे बड़ी राहत यह रही कि किसी भी निवासी के फँसने या घायल होने की कोई सूचना नहीं मिली।
आगे क्या
अधिकारियों ने आग के सटीक कारण की जाँच शुरू कर दी है। यह घटना ऐसे समय में आई है जब गर्मी के मौसम में एसी से जुड़ी आग की घटनाएँ देशभर में बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हाईराइज सोसायटियों में नियमित अग्नि-सुरक्षा ऑडिट और उपकरणों की समय पर सर्विसिंग अनिवार्य होनी चाहिए।