दिल्ली के तुगलकाबाद में साजिशन लगाई गई आग, 3 की मौत; मास्टरमाइंड समेत 3 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने 14 जून 2025 को खुलासा किया कि तुगलकाबाद के टीकेडी एक्सटेंशन, गली नंबर 1 स्थित एक बहुमंजिला इमारत में शुक्रवार देर रात लगी आग कोई हादसा नहीं, बल्कि पूर्व नियोजित साजिश थी। इस अग्निकांड में पंकज पांडे, सुशीला देवी और सोनिया पांडे की मौत हो गई, जबकि 8 अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। पुलिस ने इस मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
घटनाक्रम: रात के अंधेरे में रची गई साजिश
दिल्ली अग्निशमन विभाग को शुक्रवार रात 2:27 बजे आग की सूचना मिली। तब तक आग ग्राउंड फ्लोर से पाँचवीं मंजिल तक फैल चुकी थी। इस भीषण आग में 7-8 मोटरसाइकिलें और कारें भी जलकर खाक हो गईं। घायलों को एम्स ट्रॉमा सेंटर और सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान तीनों की मौत हो गई।
सीसीटीवी से मिला सुराग, नाबालिग की पहचान
जाँच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में आग लगने से कुछ समय पहले एक महिला को इमारत परिसर में प्रवेश करते देखा गया। पुलिस ने पड़ताल में पाया कि नवजीवन कैंप निवासी एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की ने यह काम अंजाम दिया था। नाबालिग ने पूछताछ में बताया कि गिरिनगर निवासी सरिता (27 वर्ष) ने उसे उकसाया और पेट्रोल व माचिस देकर इमारत की पाँचवीं मंजिल पर रहने वाले दीपक की स्कूटी में आग लगाने को कहा।
मास्टरमाइंड का खुलासा: निजी विवाद का बदला
पुलिस ने सरिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें पूरी साजिश उजागर हुई। सरिता ने बताया कि यह षड्यंत्र नवजीवन कैंप निवासी निरंजन (33 वर्ष) और उसके भाई राजकुमार (27 वर्ष) के निर्देश पर रचा गया था। उद्देश्य था — एक निजी विवाद का बदला लेना। पुलिस ने नाबालिग को हिरासत में लेने के साथ-साथ तीनों वयस्क आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
दिल्ली में आगजनी की बढ़ती घटनाएँ
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राजधानी में आग की बड़ी घटनाएँ लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। इससे पहले 3 जून को मालवीय नगर के एक रेस्टोरेंट में लगी आग में 21 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें विदेशी नागरिक भी शामिल थे। आलोचकों का कहना है कि दिल्ली में अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन और इमारतों की जाँच की व्यवस्था अभी भी अपर्याप्त है।
आगे की जाँच
दिल्ली पुलिस मामले की विस्तृत जाँच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, साजिश के अन्य पहलुओं और संभावित सहयोगियों की भी पड़ताल की जा रही है। नाबालिग आरोपी को किशोर न्याय प्रक्रिया के तहत संभाला जा रहा है।