चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के 20वें पूर्णाधिवेशन में सख्त पार्टी शासन के 7 सिद्धांत पारित
सारांश
मुख्य बातें
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) की 20वीं केंद्रीय कमेटी का पाँचवाँ पूर्णाधिवेशन 26 से 29 अक्टूबर 2024 तक बीजिंग में संपन्न हुआ, जिसमें पार्टी के व्यापक और सख्त शासन को निरंतर आगे बढ़ाने संबंधी सीपीसी केंद्रीय कमेटी के ऐतिहासिक फैसले पर विचार कर उसे पारित किया गया। यह पूर्णाधिवेशन नए युग में पार्टी के आंतरिक अनुशासन और शासन-ढाँचे को पुनर्परिभाषित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।
पूर्णाधिवेशन में क्या हुआ
चार दिवसीय इस अधिवेशन में नए युग में पार्टी के व्यापक और सख्त शासन की उपलब्धियों तथा अनुभवों का व्यापक सारांश प्रस्तुत किया गया। साथ ही, वर्तमान और भविष्य में पार्टी-निर्माण के सामने आने वाली स्थितियों एवं कार्यों का गहन विश्लेषण किया गया।
पूर्णाधिवेशन में पार्टी के व्यापक और सख्त शासन को आगे बढ़ाने के लिए रणनीतिक योजनाएँ तैयार की गईं तथा सिलसिलेवार रणनीतिक कार्यों और प्रमुख उपायों को भी प्रस्तुत किया गया।
सात महत्वपूर्ण सिद्धांत
पूर्णाधिवेशन में पार्टी के व्यापक और सख्त शासन को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए पालन किए जाने वाले सात महत्वपूर्ण सिद्धांत सामने रखे गए, जो इस प्रकार हैं:
पहला, मिशन और कार्य की सेवा पर कायम रहना। दूसरा, पार्टी के राजनीतिक निर्माण की नेतृत्वकारी भूमिका पर कायम रहना। तीसरा, चौतरफा तौर पर सख्त शासन करने पर कायम रहना।
चौथा, प्रश्न-उन्मुख दृष्टिकोण अपनाना। पाँचवाँ, मूल सिद्धांत का पालन करने के साथ-साथ सृजन करने पर कायम रहना। छठा, ऊपर से नीचे के दृष्टिकोण पर कायम रहना। सातवाँ, नियमों के मुताबिक पार्टी का संचालन करना।
पार्टी शासन की विशिष्ट पहचान
गौरतलब है कि पार्टी का व्यापक और सख्त शासन नए युग में सीपीसी के शासन की एक विशिष्ट विशेषता के रूप में स्थापित हो चुका है। यह ढाँचा पार्टी के भीतर भ्रष्टाचार-विरोधी अभियानों, अनुशासनात्मक कार्रवाइयों और विचारधारात्मक शुद्धता पर जोर देता है।
यह ऐसे समय में आया है जब चीन में शीर्ष स्तर पर कई उच्चाधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाइयाँ हो चुकी हैं और पार्टी अपनी आंतरिक निगरानी-प्रणाली को और सुदृढ़ करने की दिशा में काम कर रही है।
रणनीतिक महत्व
इस पूर्णाधिवेशन के निर्णयों का व्यापक महत्व है, क्योंकि ये दिशानिर्देश पार्टी के करोड़ों सदस्यों के आचरण, प्रशासनिक कार्यशैली और नीति-निर्माण की प्रक्रिया को सीधे प्रभावित करेंगे। विश्लेषकों के अनुसार, इन सात सिद्धांतों के माध्यम से सीपीसी अपने शासन-तंत्र को दीर्घकालिक और संस्थागत रूप देने का प्रयास कर रही है।
आगामी समय में इन रणनीतिक कार्यों के क्रियान्वयन की दिशा में विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए जाने की संभावना है।