पुणे-सोलापुर हाईवे हादसा: मिट्टी धंसने से मजदूर की मौत, डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार ने जांच के आदेश दिए
सारांश
मुख्य बातें
पुणे-सोलापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर इंदापुर तालुका के राजवडी गांव के निकट निर्माणाधीन फ्लाईओवर के पास शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 10 बजे साइड पट्टी के भराव कार्य के दौरान मिट्टी और मुरम का ढेर अचानक ढह गया, जिसमें एक मजदूर की मौत हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने तत्काल जांच के आदेश जारी किए हैं।
हादसे का घटनाक्रम
घटनास्थल पर उस वक्त तीन मजदूर फ्लाईओवर निर्माण से जुड़े भराव कार्य में लगे हुए थे। अचानक मिट्टी और मुरम का विशाल ढेर धंस जाने से अफरा-तफरी मच गई। तीनों में से एक मजदूर ने समय रहते स्थिति भांपकर खुद को सुरक्षित कर लिया, जबकि शेष दो मजदूर मलबे में दब गए।
स्थानीय निवासियों ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया, जिसमें एक मजदूर को जीवित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, दूसरे मजदूर की मलबे में दबने से मौत हो गई। घायल मजदूर को फौरन इंदापुर उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
प्रशासन और एजेंसियों की प्रतिक्रिया
सूचना मिलते ही भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें घटनास्थल पर पहुँच गईं। प्रशासन ने राहत कार्य तेज करने के साथ-साथ हादसे के कारणों की जांच भी शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि निर्माणाधीन राजमार्ग परियोजनाओं पर मजदूरों की सुरक्षा से जुड़ी घटनाएं देश में लगातार सामने आती रही हैं, और यह मामला एक बार फिर निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों के पालन पर सवाल खड़ा करता है।
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार का बयान
महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने इस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने मृतक मजदूर के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और प्रशासन को मामले की तत्काल जांच के निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। प्रशासन की ओर से आवश्यक कार्रवाई जारी है।
आम जनता और मजदूरों पर असर
यह हादसा उन हजारों प्रवासी और स्थानीय मजदूरों के लिए एक गंभीर चेतावनी है जो देश भर की राजमार्ग परियोजनाओं पर काम करते हैं, अक्सर अपर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के साथ। श्रम विशेषज्ञों के अनुसार, भराव और खुदाई कार्यों के दौरान मिट्टी धंसने की घटनाएं उन जोखिमों में शामिल हैं जिन्हें उचित जियोटेक्निकल आकलन और सुरक्षा बाधाओं से रोका जा सकता है।
आगे क्या होगा
प्रशासन की ओर से मामले में जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है। NHAI को निर्माण कार्य की सुरक्षा प्रक्रियाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए जाने की उम्मीद है। घायल मजदूर के उपचार की प्रगति और मृतक के परिजनों को मुआवजे के संबंध में प्रशासन का फैसला आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।