पीएम किसान 24वीं किस्त: राजस्थान के 66.59 लाख किसानों को ₹1,335 करोड़ हस्तांतरित, देशभर में ₹18,690 करोड़ जारी
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) योजना की 24वीं किस्त जारी की, जिसके तहत राजस्थान के 66.59 लाख से अधिक किसान परिवारों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से ₹1,335 करोड़ से अधिक की राशि सीधे भेजी गई। यह किस्त गुजरात के बनासकांठा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जारी की गई, जहाँ कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी हुआ।
राष्ट्रीय स्तर पर किस्त का आकार
देशभर में 9.34 करोड़ से अधिक किसान परिवारों के खातों में ₹18,690 करोड़ से अधिक की राशि एक साथ हस्तांतरित की गई। राज्य सरकार के अनुसार, योजना की शुरुआत से अब तक देशभर में किसानों को कुल ₹4.47 लाख करोड़ से अधिक की राशि पहुँचाई जा चुकी है। प्रधानमंत्री ने स्वयं उल्लेख किया कि पीएम किसान योजना के तहत छोटे किसानों के खातों में अब तक ₹4.5 लाख करोड़ भेजे गए हैं।
राजस्थान को अब तक का लाभ
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने सरकारी आवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में योजना आरंभ होने के बाद से राजस्थान के किसानों को 23 किस्तों के माध्यम से पहले से ₹29,099 करोड़ से अधिक की राशि प्राप्त हो चुकी थी। 24वीं किस्त के साथ यह कुल आँकड़ा और ऊपर चला गया है।
मुख्यमंत्री शर्मा ने किसानों को देश का 'अन्नदाता' बताते हुए कहा, "देश की समृद्धि किसानों की खुशहाली से जुड़ी हुई है।" उन्होंने किसानों के कल्याण और सशक्तिकरण को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
प्रधानमंत्री के संबोधन की मुख्य बातें
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि किसानों का कल्याण और सशक्तिकरण केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 14 की तुलना में कृषि बजट में पाँच गुना से अधिक वृद्धि की गई है। प्रधानमंत्री के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से देश के किसानों को करीब ₹50 लाख करोड़ का लाभ या बचत हुई है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को लगभग ₹2 लाख करोड़ का फसल बीमा मुआवजा दिया गया है। गेहूँ और धान उत्पादक किसानों के खातों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के तहत ₹24 लाख करोड़ से अधिक की राशि पहुँचाई गई है। सस्ती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए करीब ₹16 लाख करोड़ खर्च होने की बात भी उन्होंने कही।
कृषि तकनीक और नवाचार में प्रगति
प्रधानमंत्री ने बताया कि देशभर में 26 करोड़ से अधिक मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा चुके हैं और किसानों को बदलती जलवायु के अनुरूप विकसित 3,000 नई बीज किस्मों तक पहुँच उपलब्ध कराई गई है। पीएम कुसुम योजना के तहत किसानों को 12 लाख सौर पंप उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे 80 करोड़ लीटर से अधिक डीजल की बचत हुई है।
पशुपालन क्षेत्र में प्रधानमंत्री ने बताया कि पशुओं को विभिन्न बीमारियों से बचाने के लिए करीब 150 करोड़ वैक्सीन डोज लगाई गई हैं। उन्होंने कहा, "वर्ष 2013 14 में प्रति गाय या भैंस औसतन प्रतिदिन पाँच लीटर से भी कम दूध उत्पादन होता था, जो अब बढ़कर लगभग आठ लीटर हो गया है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश बन गया है।" इसके अलावा उन्होंने कहा कि भारत अब प्राकृतिक शहद का दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक देश बन चुका है।
कार्यक्रम में उपस्थिति और अन्य घोषणाएँ
कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। अनेक राज्यों के मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधि और अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। प्रधानमंत्री ने अहमदाबाद (साबरमती) वाराणसी एक्सप्रेस सहित दो रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाई।
प्रधानमंत्री ने 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर नागरिकों से 'रन फॉर यूनिटी' में भाग लेने और 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के संकल्प को मजबूत करने की अपील की। इस किस्त के साथ राजस्थान समेत करोड़ों किसान परिवारों को इस योजना का सीधा लाभ मिलता रहेगा।