ढाका टेस्ट: बांग्लादेश दूसरी पारी में 79/6 पर संकट में, वेस्टइंडीज की पकड़ मज़बूत
सारांश
मुख्य बातें
शेर-ए-बांग्ला नेशनल क्रिकेट स्टेडियम, ढाका में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक बांग्लादेश की दूसरी पारी बुरी तरह लड़खड़ा गई — मेज़बान टीम ने 79 रनों पर 6 विकेट गँवा दिए। वेस्टइंडीज के गेंदबाज़ों ने दिनभर बल्लेबाज़ों पर कहर बरपाए रखा और अब मैच पर उनकी पकड़ निर्णायक रूप से मज़बूत हो चुकी है। बांग्लादेश की कुल बढ़त अभी 106 रन की है।
पहली पारी का हिसाब-किताब
शुक्रवार, 29 अक्टूबर को वेस्टइंडीज अपनी पहली पारी में 245 रन बनाकर ऑलआउट हुई। कैरेबियाई पारी को जॉन कैंपबेल (54 रन) और टैगेनारिन चंद्रपॉल (56 रन) के अर्धशतकों ने आधार दिया। जस्टिन ग्रीव्स ने 46 रन का ठोस योगदान किया, जबकि कप्तान रोस्टन चेज 43 रन बनाकर नाबाद रहे।
बांग्लादेश की ओर से नईम हसन सबसे प्रभावी गेंदबाज़ रहे — उन्होंने 33 रन देकर 4 विकेट चटकाए। मेहदी हसन मिराज और तैजुल इस्लाम ने 2-2 विकेट लिए, जबकि हसन महमूद और शोरिफुल इस्लाम ने एक-एक सफलता हासिल की।
इससे पहले बांग्लादेश ने अपनी पहली पारी में शादमान इस्लाम की शतकीय पारी के बूते 272 रन बनाए थे, जिससे मेज़बान टीम को पहली पारी में 27 रनों की मामूली बढ़त मिली।
दूसरी पारी में बांग्लादेश का बिखराव
दूसरी पारी में बांग्लादेश का आगाज़ बेहद निराशाजनक रहा। सलामी बल्लेबाज़ तंजीद हसन तमीम बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। इसके बाद कप्तान नजमुल हुसैन शांतो महज़ 10 रन बनाकर आउट हुए।
पहली पारी के शतकवीर शादमान इस्लाम इस बार 30 गेंदों में केवल 13 रन ही बना सके। तौहीद हृदय को कप्तान रोस्टन चेज ने बिना खाता खोले आउट कर मैच में वेस्टइंडीज की पकड़ और कसी। लिटन दास 4 रन और मेहदी हसन मिराज 9 रन बनाकर आउट हुए।
मैदान पर टिके जेकर अली और नईम हसन
दिन का खेल खत्म होने तक जेकर अली (18 रन) और नईम हसन (18 रन) क्रीज़ पर डटे हुए हैं। दोनों ने सातवें विकेट के लिए अब तक 26 रन की साझेदारी की है। बांग्लादेश की उम्मीद अब इन्हीं दो बल्लेबाज़ों पर टिकी है कि वे कल पारी को लंबा खींच सकें।
चौथे दिन का दृश्य
चौथे दिन वेस्टइंडीज शेष 4 विकेट जल्द से जल्द निपटाकर एक हासिल लक्ष्य का पीछा करने उतरना चाहेगी। 106 रनों की मौजूदा बढ़त यदि बांग्लादेश 150-160 रन से आगे नहीं ले जा पाया, तो वेस्टइंडीज के पास मैच जीतने का सुनहरा मौका होगा। गौरतलब है कि ढाका की पिच चौथे-पाँचवें दिन स्पिनरों के लिए और अनुकूल होती जाती है, जो मैच को और दिलचस्प बना सकती है।