30 अक्टूबर 2026
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ABVP का 'लोकतंत्र बचाओ मार्च': पटना में बैरिकेड तोड़े, DUSU अध्यक्ष यश डबास ने किया संबोधन

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ABVP का 'लोकतंत्र बचाओ मार्च': पटना में बैरिकेड तोड़े, DUSU अध्यक्ष यश डबास ने किया संबोधन

सारांश

ABVP का 'लोकतंत्र बचाओ—अराजकता बंद करो' मार्च पटना की सड़कों पर उतरा — बारिश, वाटर कैनन और बैरिकेड के बावजूद। DUSU अध्यक्ष यश डबास ने बैरिकेड पर चढ़कर संबोधन दिया। यह सब तब हो रहा है जब इंडिया ब्लॉक 1 नवंबर को रामलीला मैदान में 20 से अधिक दलों की रैली कर रहा है।

मुख्य बातें

ABVP के छात्रों ने 30 अक्टूबर 2026 को पटना में 'लोकतंत्र बचाओ—अराजकता बंद करो' मार्च निकाला।
मार्च गांधी मैदान से शुरू हुआ; प्रदर्शनकारियों ने जेपी गोलंबर पर पुलिस बैरिकेड तोड़े।
प्रशासन ने वाटर कैनन , वज्र वाहन और भारी पुलिस बल तैनात किया था।
DUSU अध्यक्ष यश डबास ने बैरिकेड पर चढ़कर प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया और विरोधियों पर अव्यवस्था फैलाने का आरोप लगाया।
इंडिया ब्लॉक ने 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में 20 से अधिक दलों की रैली प्रस्तावित की है।
RJD सांसद संजय यादव ने आरोप लगाया कि दिल्ली सीमा पर पड़ोसी राज्यों से आने वाले लोगों को रोका जा रहा है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े छात्रों और युवाओं ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को पटना में 'लोकतंत्र बचाओ—अराजकता बंद करो' के नारे के साथ एक बड़ा प्रदर्शन किया, जिसमें प्रतिभागियों ने पुलिस बैरिकेड तोड़ते हुए मार्च जारी रखा। लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा की रक्षा की माँग को लेकर निकाले गए इस मार्च ने बिहार के राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी।

मार्च का घटनाक्रम

यह मार्च गांधी मैदान से शुरू हुआ और जेपी गोलंबर होते हुए आगे बढ़ा। जेपी गोलंबर पर पहुँचते ही प्रदर्शनकारियों में से कुछ ने पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए और डाक बंगला चौराहे की ओर बढ़ने लगे, जिससे इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। जिला प्रशासन ने दोनों लेन पर बैरिकेड लगाए थे, तथा भारी संख्या में पुलिस बल, वाटर कैनन और वज्र (दंगा नियंत्रण वाहन) तैनात किए गए थे।

सुरक्षा व्यवस्था और भारी बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारी अपना मार्च जारी रखने और बैरिकेड पार करने में सफल रहे। मध्य पटना में प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

यश डबास का संबोधन

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) के अध्यक्ष यश डबास इस प्रदर्शन के प्रमुख चेहरों में रहे। खराब मौसम के बावजूद वे एक बैरिकेड पर चढ़ गए और प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। अपने राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधते हुए डबास ने आरोप लगाया कि जो लोग अब संविधान की रक्षा की बात करते हैं, वे स्वयं देश में अव्यवस्था फैला रहे हैं। उन्होंने आपातकाल का भी जिक्र करते हुए पिछली पीढ़ियों पर उस दौर में संवैधानिक मूल्यों को कमज़ोर करने का आरोप लगाया।

ABVP कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि उनका यह प्रदर्शन लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं के सुचारु कामकाज को लेकर अपनी चिंताएँ व्यक्त करने के उद्देश्य से था।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ जब इंडिया ब्लॉक ने 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली आयोजित करने का प्रस्ताव रखा है, जिसमें 20 से अधिक दलों के नेताओं के उपस्थित होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि दोनों पक्षों की ये गतिविधियाँ एक-दूसरे के जवाब में तेज़ होती दिख रही हैं।

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद संजय यादव ने कहा कि बिहार से बड़ी संख्या में लोग दिल्ली रैली के लिए जा रहे हैं — जो ट्रेन से नहीं आ सकते, वे सड़क मार्ग से आ रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली की सीमा पर हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे पड़ोसी राज्यों से आने वाले लोगों को रोका जा रहा है।

आम जनता पर असर

प्रदर्शन के दौरान मध्य पटना के प्रमुख चौराहों पर यातायात प्रभावित रहा। भारी पुलिस तैनाती और वाटर कैनन की मौजूदगी के चलते आम नागरिकों को आवाजाही में असुविधा हुई। बैरिकेड तोड़ने की घटना ने प्रशासन की तैयारियों पर भी सवाल खड़े किए।

आगे क्या

1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक की रैली और उससे पहले ABVP के इस प्रदर्शन के साथ, आने वाले दिनों में देश के राजनीतिक तापमान के और बढ़ने के संकेत हैं। यह देखना होगा कि दोनों पक्षों की यह जुटान-राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो बताता है कि 'संविधान की रक्षा' अब सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की राजनीतिक भाषा बन चुकी है। विडंबना यह है कि एक-दूसरे पर 'अव्यवस्था' का आरोप लगाते हुए दोनों पक्ष एक ही शब्दावली का इस्तेमाल कर रहे हैं। बैरिकेड तोड़ना और वाटर कैनन की तैनाती — यह तस्वीर इस बात का प्रमाण है कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा अब सड़कों पर उतर रही है। मुख्यधारा की कवरेज घटनाक्रम पर केंद्रित रहती है, लेकिन असली सवाल यह है कि 1 नवंबर के बाद यह राजनीतिक ऊर्जा किस ठोस एजेंडे में तब्दील होगी।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ABVP का 'लोकतंत्र बचाओ मार्च' पटना में क्यों निकाला गया?
ABVP कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा की रक्षा की माँग को लेकर यह मार्च निकाला। संगठन का कहना था कि यह प्रदर्शन देश में कथित अव्यवस्था के विरोध में था।
पटना में ABVP मार्च के दौरान क्या हुआ?
मार्च गांधी मैदान से शुरू होकर जेपी गोलंबर पहुँचा, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए और डाक बंगला चौराहे की ओर बढ़े। प्रशासन ने वाटर कैनन, वज्र वाहन और भारी पुलिस बल तैनात किया था, लेकिन भारी बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे।
यश डबास कौन हैं और उन्होंने क्या कहा?
यश डबास दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) के अध्यक्ष हैं। उन्होंने पटना मार्च में बैरिकेड पर चढ़कर प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया और आरोप लगाया कि जो लोग संविधान की रक्षा की बात करते हैं, वे खुद देश में अव्यवस्था फैला रहे हैं।
इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर की रैली क्या है?
इंडिया ब्लॉक ने 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली प्रस्तावित की है, जिसमें 20 से अधिक दलों के नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। RJD सांसद संजय यादव के अनुसार बिहार से भारी संख्या में लोग इस रैली के लिए दिल्ली जा रहे हैं।
क्या दिल्ली सीमा पर रैली प्रतिभागियों को रोका जा रहा है?
RJD सांसद संजय यादव ने आरोप लगाया कि हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे पड़ोसी राज्यों से आने वाले लोगों को दिल्ली की सीमा पर रोका जा रहा है। यह आरोप कथित तौर पर 1 नवंबर की इंडिया ब्लॉक रैली से पहले लगाए जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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