ABVP का 'लोकतंत्र बचाओ मार्च': पटना में बैरिकेड तोड़े, DUSU अध्यक्ष यश डबास ने किया संबोधन
सारांश
मुख्य बातें
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े छात्रों और युवाओं ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को पटना में 'लोकतंत्र बचाओ—अराजकता बंद करो' के नारे के साथ एक बड़ा प्रदर्शन किया, जिसमें प्रतिभागियों ने पुलिस बैरिकेड तोड़ते हुए मार्च जारी रखा। लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा की रक्षा की माँग को लेकर निकाले गए इस मार्च ने बिहार के राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी।
मार्च का घटनाक्रम
यह मार्च गांधी मैदान से शुरू हुआ और जेपी गोलंबर होते हुए आगे बढ़ा। जेपी गोलंबर पर पहुँचते ही प्रदर्शनकारियों में से कुछ ने पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए और डाक बंगला चौराहे की ओर बढ़ने लगे, जिससे इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। जिला प्रशासन ने दोनों लेन पर बैरिकेड लगाए थे, तथा भारी संख्या में पुलिस बल, वाटर कैनन और वज्र (दंगा नियंत्रण वाहन) तैनात किए गए थे।
सुरक्षा व्यवस्था और भारी बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारी अपना मार्च जारी रखने और बैरिकेड पार करने में सफल रहे। मध्य पटना में प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
यश डबास का संबोधन
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) के अध्यक्ष यश डबास इस प्रदर्शन के प्रमुख चेहरों में रहे। खराब मौसम के बावजूद वे एक बैरिकेड पर चढ़ गए और प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। अपने राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधते हुए डबास ने आरोप लगाया कि जो लोग अब संविधान की रक्षा की बात करते हैं, वे स्वयं देश में अव्यवस्था फैला रहे हैं। उन्होंने आपातकाल का भी जिक्र करते हुए पिछली पीढ़ियों पर उस दौर में संवैधानिक मूल्यों को कमज़ोर करने का आरोप लगाया।
ABVP कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि उनका यह प्रदर्शन लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं के सुचारु कामकाज को लेकर अपनी चिंताएँ व्यक्त करने के उद्देश्य से था।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ जब इंडिया ब्लॉक ने 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली आयोजित करने का प्रस्ताव रखा है, जिसमें 20 से अधिक दलों के नेताओं के उपस्थित होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि दोनों पक्षों की ये गतिविधियाँ एक-दूसरे के जवाब में तेज़ होती दिख रही हैं।
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद संजय यादव ने कहा कि बिहार से बड़ी संख्या में लोग दिल्ली रैली के लिए जा रहे हैं — जो ट्रेन से नहीं आ सकते, वे सड़क मार्ग से आ रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली की सीमा पर हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे पड़ोसी राज्यों से आने वाले लोगों को रोका जा रहा है।
आम जनता पर असर
प्रदर्शन के दौरान मध्य पटना के प्रमुख चौराहों पर यातायात प्रभावित रहा। भारी पुलिस तैनाती और वाटर कैनन की मौजूदगी के चलते आम नागरिकों को आवाजाही में असुविधा हुई। बैरिकेड तोड़ने की घटना ने प्रशासन की तैयारियों पर भी सवाल खड़े किए।
आगे क्या
1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक की रैली और उससे पहले ABVP के इस प्रदर्शन के साथ, आने वाले दिनों में देश के राजनीतिक तापमान के और बढ़ने के संकेत हैं। यह देखना होगा कि दोनों पक्षों की यह जुटान-राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।