30 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नेपाल-बिहार नकली नोट तस्करी: NIA ने मधुबनी मामले में भारत महासेठ व शिव कुमार राउत के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नेपाल-बिहार नकली नोट तस्करी: NIA ने मधुबनी मामले में भारत महासेठ व शिव कुमार राउत के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की

सारांश

NIA ने बिहार के मधुबनी जिले में नेपाल से नकली नोट तस्करी के मामले में भारत महासेठ और शिव कुमार राउत उर्फ मेहमान के खिलाफ 30 अक्टूबर 2026 को चार्जशीट दाखिल की। जांच में 12 ठिकानों पर छापे और FICN नेटवर्क के व्यापक तार उजागर हुए हैं।

मुख्य बातें

NIA ने 30 अक्टूबर 2026 को मधुबनी FICN तस्करी मामले में भारत महासेठ और शिव कुमार राउत उर्फ मेहमान के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
2 अगस्त 2026 को दुहाबी बाजार से SSB, बिहार STF और बिहार पुलिस की संयुक्त छापेमारी में 281 नकली नोट (अंकित मूल्य ₹50,150 ) बरामद हुए थे।
8 अक्टूबर 2026 को NIA ने मधुबनी के 12 स्थानों पर छापे मारे, डिजिटल उपकरण व दस्तावेज जब्त किए।
आरोप है कि आरोपी हीरा महासेठ उर्फ चाची के जरिये नेपाल से नकली नोट सीमावर्ती बाजारों में खपाते थे।
NIA के अनुसार, तस्करी नेटवर्क की जांच अभी जारी है और अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी पड़ताल हो रही है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 30 अक्टूबर 2026 को बिहार के मधुबनी जिले में नेपाल से नकली भारतीय मुद्रा (FICN) की तस्करी से जुड़े मामले में दो आरोपियों — भारत महासेठ और शिव कुमार राउत उर्फ मेहमान — के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की है। यह मामला सीमा पार से संगठित नकली नोट नेटवर्क के खिलाफ NIA की बड़ी कार्रवाई का हिस्सा है।

मुख्य घटनाक्रम

इस मामले की शुरुआत 2 अगस्त 2026 को हुई, जब सशस्त्र सीमा बल (SSB), बिहार STF और बिहार पुलिस ने संयुक्त छापेमारी में मधुबनी के बासोपट्टी थाना क्षेत्र के दुहाबी बाजार से 281 नकली भारतीय नोट बरामद किए। जब्त नोटों का कुल अंकित मूल्य ₹50,150 था।

उसी दिन बासोपट्टी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसमें हीरा महासेठ उर्फ चाची, भारत महासेठ और शिव कुमार राउत को आरोपी बनाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जांच NIA को सौंप दी।

NIA की जांच और छापेमारी

NIA ने 8 अक्टूबर 2026 को मधुबनी जिले के 12 स्थानों पर एक साथ छापे मारे। इन छापों में डिजिटल उपकरण, आपत्तिजनक दस्तावेज, नगदी और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री जब्त की गई।

जांच में सामने आया कि भारत महासेठ और शिव कुमार राउत, हीरा महासेठ उर्फ चाची के माध्यम से नेपाल से भारत में नकली नोट लाते थे। इन नोटों को भारत के सीमावर्ती बाजारों में असली मुद्रा के रूप में चलाने की साजिश रची गई थी। यह नेटवर्क सीमावर्ती जिलों की कमज़ोर आर्थिक निगरानी का फायदा उठाकर काम करता था।

आरोपियों पर क्या आरोप हैं

NIA ने BNS, 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें नकली मुद्रा के प्रचलन और तस्करी से संबंधित प्रावधान शामिल हैं। भारत महासेठ और शिव कुमार राउत उर्फ मेहमान दोनों इस नेटवर्क में सक्रिय भूमिका में थे।

गौरतलब है कि यह मामला बिहार-नेपाल सीमा से संचालित FICN तस्करी नेटवर्क की उस व्यापक कड़ी का हिस्सा है, जिसे भारतीय सुरक्षा एजेंसियाँ वर्षों से निशाना बना रही हैं। नेपाल सीमा से लगे जिले — विशेष रूप से मधुबनी, सीतामढ़ी और सुपौल — नकली नोट तस्करी के लिए संवेदनशील रूट माने जाते हैं।

आगे की जांच

NIA ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। एजेंसी के अनुसार, नेटवर्क में और भी संदिग्धों की भूमिका की जांच की जा रही है।

इस मामले में तीसरे आरोपी हीरा महासेठ उर्फ चाची को लेकर जांच अलग से जारी है। आने वाले हफ्तों में इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों के खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

STF और पुलिस की त्रिस्तरीय कार्रवाई के बावजूद नेटवर्क सक्रिय रहे, यह सवाल उठाता है कि सीमा-प्रबंधन की तकनीकी और खुफिया क्षमता कहाँ कमज़ोर पड़ रही है। NIA का फोकस अभी केवल दो आरोपियों पर है, जबकि तीसरे प्रमुख संदिग्ध हीरा महासेठ उर्फ चाची की स्थिति अभी अस्पष्ट है — यह अंतर जांच की पूर्णता पर सवाल खड़ा करता है। असली परीक्षा यह होगी कि NIA इस नेटवर्क की पूरी आपूर्ति श्रृंखला — नेपाल स्थित निर्माण स्रोत से लेकर भारतीय बाजार तक — को उजागर कर पाती है या नहीं।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मधुबनी नकली नोट तस्करी मामले में NIA की चार्जशीट क्या है?
NIA ने 30 अक्टूबर 2026 को बिहार के मधुबनी जिले में नेपाल से FICN तस्करी के मामले में भारत महासेठ और शिव कुमार राउत उर्फ मेहमान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की है। यह मामला 2 अगस्त 2026 को 281 नकली नोटों की बरामदगी से शुरू हुआ था।
मधुबनी में नकली नोट कब और कैसे पकड़े गए?
2 अगस्त 2026 को SSB, बिहार STF और बिहार पुलिस की संयुक्त छापेमारी में बासोपट्टी थाना क्षेत्र के दुहाबी बाजार से 281 नकली भारतीय नोट जब्त किए गए, जिनका कुल अंकित मूल्य ₹50,150 था। इसके बाद मामले की जांच NIA को सौंपी गई।
इस नकली नोट नेटवर्क में आरोपी कैसे काम करते थे?
जांच के अनुसार, भारत महासेठ और शिव कुमार राउत, हीरा महासेठ उर्फ चाची के माध्यम से नेपाल से नकली नोट भारत में लाते थे और इन्हें सीमावर्ती बाजारों में असली मुद्रा के रूप में चलाने की साजिश थी। यह नेटवर्क भारत-नेपाल सीमा की भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर संचालित था।
NIA ने इस मामले में और क्या कार्रवाई की?
NIA ने 8 अक्टूबर 2026 को मधुबनी जिले के 12 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की, जिसमें डिजिटल उपकरण, दस्तावेज और नगदी जब्त की गई। एजेंसी ने बताया है कि तस्करी नेटवर्क से जुड़े और पहलुओं की जांच अभी जारी है।
क्या इस मामले में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं?
NIA के अनुसार, मामले की जांच जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी पड़ताल हो रही है। प्राथमिकी में नामजद तीसरे आरोपी हीरा महासेठ उर्फ चाची के संदर्भ में कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले