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सहारनपुर PNB नकली नोटकांड: NIA ने नीतू को दबोचा, अब तक 5 गिरफ्तार

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सहारनपुर PNB नकली नोटकांड: NIA ने नीतू को दबोचा, अब तक 5 गिरफ्तार

सारांश

सहारनपुर के PNB करेंसी चेस्ट से ₹7.29 करोड़ के नकली नोट बरामद होने के मामले में NIA ने उत्तराखंड के हरिद्वार निवासी नीतू को गिरफ्तार किया। सितंबर में अलग-अलग तारीखों पर की गई कार्रवाइयों में अब तक 5 आरोपी पकड़े जा चुके हैं और जांच जारी है।

मुख्य बातें

NIA ने 22 सितंबर 2026 को नीतू को गिरफ्तार किया, जो उत्तराखंड के हरिद्वार के गांव कुंजा बहादुरपुर का निवासी है।
29 अगस्त 2026 को सहारनपुर के PNB करेंसी चेस्ट से ₹7.29 करोड़ के नकली भारतीय नोट बरामद हुए थे।
बैंक के तीन कर्मचारियों की संलिप्तता उजागर होने पर उन्हें निलंबित किया गया।
इससे पहले अमित कुमार ( 7 सितंबर ), आदेश चौधरी व मुकेश कुमार ( 15 सितंबर ), और राजेंद्र ( 20 सितंबर ) को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इस मामले में कुल 5 आरोपी अब NIA की हिरासत में हैं; शेष सह-आरोपियों की तलाश जारी है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 22 सितंबर 2026 को सहारनपुर के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) करेंसी चेस्ट से ₹7.29 करोड़ के नकली नोट बरामद होने के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान नीतू के रूप में हुई है, जो उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के थाना भगवानपुर क्षेत्र के गांव कुंजा बहादुरपुर का मूल निवासी है।

मुख्य घटनाक्रम

अधिकारियों के अनुसार, नीतू इस नकली करेंसी साजिश में पहले गिरफ्तार हो चुके मुख्य आरोपी आदेश चौधरी और अन्य प्रमुख आरोपियों का करीबी सहयोगी था। वह सहारनपुर, उत्तर प्रदेश स्थित पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट के माध्यम से नकली भारतीय नोटों के सर्कुलेशन की साजिश में सीधे तौर पर शामिल बताया जा रहा है।

यह मामला तब सामने आया जब 29 अगस्त 2026 को सहारनपुर के सदर बाजार पुलिस स्टेशन को PNB की करेंसी चेस्ट में ₹7.29 करोड़ के नकली भारतीय नोट मिले। जांच में बैंक के तीन कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आई, जिन्हें बाद में बैंक प्रबंधन ने निलंबित कर दिया।

पिछली गिरफ्तारियाँ

NIA ने इससे पहले इस मामले में क्रमिक कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। एफआईआर में नामजद आरोपी अमित कुमार को 7 सितंबर को, मुख्य आरोपी आदेश चौधरी और मुकेश कुमार को 15 सितंबर को, और राजेंद्र को 20 सितंबर को हिरासत में लिया गया था। नीतू की गिरफ्तारी के साथ अब इस कांड में कुल 5 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।

प्रारंभ में यह मुकदमा 29 अगस्त को सहारनपुर के सदर बाजार थाने में तीन आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया गया था। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े नकली करेंसी मामलों की संवेदनशीलता को देखते हुए NIA ने यह जांच अपने हाथ में ले ली।

जांच की स्थिति

NIA के अनुसार, पूरे षड्यंत्र की जड़ तक पहुँचने और शेष सह-आरोपियों तथा संदिग्धों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए जांच अभी जारी है। यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि साजिश में बैंक कर्मचारियों की कथित भूमिका बताई जा रही है, जो देश की वित्तीय प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती है।

आम जनता और बैंकिंग तंत्र पर असर

किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक की करेंसी चेस्ट से इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट बरामद होना एक असाधारण घटना है। गौरतलब है कि करेंसी चेस्ट भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की ओर से करेंसी के वितरण का माध्यम होती हैं, और इनकी सुरक्षा में सेंध से वित्तीय तंत्र की विश्वसनीयता पर असर पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आगे चलकर करेंसी चेस्ट की निगरानी प्रणाली को और सख्त किए जाने की संभावना है।

जांच एजेंसियों के सामने अब यह पता लगाना प्रमुख चुनौती है कि नकली नोट कहाँ तैयार किए गए और इस नेटवर्क की भौगोलिक पहुँच कितनी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि बैंकिंग निगरानी की संरचनात्मक खामियों का सवाल भी है। तीन बैंक कर्मचारियों की कथित संलिप्तता यह संकेत देती है कि भीतरी तंत्र से ही सुरक्षा तोड़ी गई। NIA की क्रमिक गिरफ्तारियाँ दर्शाती हैं कि नेटवर्क राज्य की सीमाओं के पार फैला है — उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड तक। असली परीक्षा यह होगी कि जांच नकली नोटों के स्रोत और वितरण श्रृंखला तक पहुँच पाती है या नहीं।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सहारनपुर PNB नकली नोटकांड क्या है?
यह मामला 29 अगस्त 2026 को सामने आया जब सहारनपुर के पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट से ₹7.29 करोड़ के नकली भारतीय नोट बरामद हुए। इसमें बैंक के तीन कर्मचारियों की संलिप्तता पाई गई और NIA ने जांच अपने हाथ में ले ली।
NIA ने इस मामले में अब तक कितने लोगों को गिरफ्तार किया है?
22 सितंबर 2026 तक NIA इस कांड में कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है — अमित कुमार (7 सितंबर), आदेश चौधरी व मुकेश कुमार (15 सितंबर), राजेंद्र (20 सितंबर), और नीतू (22 सितंबर)। शेष सह-आरोपियों की तलाश जारी है।
गिरफ्तार आरोपी नीतू कौन है?
नीतू उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के थाना भगवानपुर क्षेत्र के गांव कुंजा बहादुरपुर का मूल निवासी है। वह मुख्य आरोपी आदेश चौधरी का करीबी सहयोगी बताया जा रहा है और सहारनपुर में नकली नोटों के सर्कुलेशन की साजिश में शामिल था।
NIA ने यह मामला अपने हाथ में क्यों लिया?
नकली करेंसी से जुड़े मामले राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाले अपराधों की श्रेणी में आते हैं, इसलिए NIA ने सदर बाजार थाने में दर्ज प्रारंभिक FIR की जांच अपने हाथ में ली। करेंसी चेस्ट में सेंध एक गंभीर वित्तीय अपराध माना जाता है।
इस मामले में बैंक कर्मचारियों की क्या भूमिका है?
जांच में PNB के तीन कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आई, जिन्हें बैंक प्रबंधन ने निलंबित कर दिया। उनकी कथित भूमिका करेंसी चेस्ट के जरिए नकली नोटों के सर्कुलेशन को सुगम बनाने की बताई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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