एनआईए ने नकली नोट रैकेट में दो मुख्य साजिशकर्ता गिरफ्तार, सहारनपुर PNB करेंसी चेस्ट से ₹17.29 करोड़ के जाली नोट बरामद
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 22 अक्टूबर 2026 को सहारनपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट में जाली भारतीय नोट पहुँचाने की साजिश से जुड़े दो मुख्य साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजय कुमार और हरीश रौंटा के रूप में हुई है, जो पहले से गिरफ्तार मुख्य आरोपी आदेश चौधरी के करीबी सहयोगी बताए जा रहे हैं।
गिरफ्तारी का विवरण
अजय कुमार को 16 अक्टूबर 2026 को हरियाणा के अंबाला से और हरीश रौंटा को 22 अक्टूबर 2026 को हिमाचल प्रदेश के मनाली से पकड़ा गया। एनआईए के अनुसार, दोनों आरोपी पीएनबी की सिविल लाइंस करेंसी चेस्ट में जाली नोट खपाने की व्यापक साजिश का हिस्सा थे। यह मामला आरसी-02/2026/एनआईए/एलकेडब्ल्यू के तहत दर्ज है।
मामले की पृष्ठभूमि
29 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के सदर बाजार पुलिस स्टेशन को सूचना मिली कि पीएनबी करेंसी चेस्ट से ₹17.29 करोड़ मूल्य के जाली भारतीय नोट बरामद हुए हैं। इस सूचना के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 178 के तहत एफआईआर संख्या 0431/2026 दर्ज की गई, जिसे बाद में 3 सितंबर 2026 को एनआईए ने पुनः पंजीकृत किया।
अब तक की गिरफ्तारियाँ
इस मामले में अब तक कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 7, 15, 20 और 22 सितंबर 2026 को एनआईए ने क्रमशः अमित कुमार, आदेश चौधरी, मुकेश कुमार, राजेंदर और नीतू को हिरासत में लिया था। अब अजय कुमार और हरीश रौंटा की गिरफ्तारी के साथ यह संख्या सात हो गई है। गौरतलब है कि मुख्य आरोपी आदेश चौधरी, जो पीएनबी करेंसी चेस्ट में तैनात एक संविदा चालक है, सहारनपुर के मानक मऊ स्थित कुतुब शेर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत न्यू नंदपुरी कॉलोनी, गंगोह रोड का निवासी है। अधिकारियों के अनुसार, चौधरी पर उच्च मूल्य के नकली नोटों के प्रचलन से जुड़े इस रैकेट में केंद्रीय भूमिका निभाने का संदेह है।
बैंक कर्मचारियों की संलिप्तता
जांच के दौरान एनआईए को पता चला कि पीएनबी के तीन कर्मचारी भी इस साजिश में शामिल थे। बैंक ने तीनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। यह खुलासा इस मामले को एक साधारण जालसाजी से अलग करता है — एक राष्ट्रीयकृत बैंक की सुरक्षित करेंसी चेस्ट में नकली नोट पहुँचाने के लिए 'अंदरूनी' सहायता का उपयोग इस रैकेट की गहरी पैठ को दर्शाता है।
आगे की जांच
एनआईए ने स्पष्ट किया है कि पूरी साजिश का खुलासा करने और शेष संदिग्धों को गिरफ्तार करने के लिए जांच जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब देश में नकली नोटों के प्रचलन पर नकेल कसने के लिए केंद्रीय एजेंसियाँ सक्रिय हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बैंकिंग तंत्र में ही सेंध लगाने की इस कोशिश से मुद्रा सुरक्षा के मौजूदा प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल उठते हैं।