धमतरी में ₹3.12 करोड़ की शेयर ट्रेडिंग ठगी, मुख्य आरोपी विक्रम सिंह शाह इंदौर से गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के धमतरी में शेयर ट्रेडिंग पर 4 प्रतिशत मासिक मुनाफे का झांसा देकर ₹3.12 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी करने वाले मुख्य आरोपी विक्रम सिंह शाह (37) को पुलिस ने मध्य प्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया है। 29 अक्टूबर 2026 को की गई यह गिरफ्तारी पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय के निर्देशन में गठित विशेष टीम की कार्रवाई का परिणाम है।
मामले का मुख्य घटनाक्रम
मामले की शुरुआत बालोद जिले के गुरूर निवासी 62 वर्षीय शिवकुमार साहू की शिकायत से हुई। शिकायत के अनुसार, आरोपी विक्रम सिंह शाह ने धमतरी के कलेक्ट्रेट रोड स्थित अपने 'वेल्थ ट्रैकर' कार्यालय के ज़रिए लोगों को शेयर मार्केट और ट्रेडिंग ऐप में निवेश कराने के नाम पर हर महीने 4 प्रतिशत मुनाफे का लालच दिया।
पुलिस के बयान के अनुसार, शिवकुमार साहू और उनके परिजनों ने झांसे में आकर ₹25 लाख का निवेश किया। शुरुआत में आरोपी ने कुछ मुनाफा देकर उनका भरोसा बनाए रखा, लेकिन बाद में मूलधन और मुनाफे की राशि लौटाए बिना फरार हो गया।
आरोपी का छलावे भरा तरीका
जांच में सामने आया कि विक्रम सिंह शाह निवेशकों का विश्वास जीतने के लिए नोटरीकृत इकरारनामा और बैंक सुरक्षा चेक भी देता था, जो उसकी योजना को वैध दिखाने का हथियार था। यह ऐसे समय में आया है जब ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रचलन के साथ निवेश धोखाधड़ी के मामले तेज़ी से बढ़े हैं।
गौरतलब है कि आरोपी शुरुआती दौर में कुछ लोगों को मामूली मुनाफा देकर उनका भरोसा मज़बूत करता था और फिर बड़ी रकम लेकर गायब हो जाता था — यह पोंज़ी-स्कीम शैली की ठगी का एक सुपरिचित पैटर्न है।
प्रमुख पीड़ित और ठगी की राशि
पुलिस की जांच में अब तक सामने आए प्रमुख पीड़ितों में संगीता सिन्हा से ₹81 लाख, अंबिका प्रसाद सोनवानी से ₹60 लाख, भूषण सिन्हा से ₹28 लाख, चेतन सिन्हा से ₹16 लाख और प्रभुलाल सिन्हा से ₹12 लाख की धोखाधड़ी शामिल है। कुल मिलाकर अब तक की जांच में ₹3.12 करोड़ से अधिक की ठगी का खुलासा हुआ है।
गिरफ्तारी और बरामदगी
तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर धमतरी पुलिस की विशेष टीम ने आरोपी की लोकेशन इंदौर में ट्रेस की। वहाँ घेराबंदी कर विक्रम सिंह शाह को हिरासत में लिया गया और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर 29 अक्टूबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार किया गया।
आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, एक टैबलेट और निवेश संबंधी दस्तावेज बरामद किए गए। पुलिस उसे न्यायालय में पेश कर रिमांड लेने की तैयारी कर रही है।
आगे की जांच और पुलिस की अपील
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि निवेशकों से ली गई करोड़ों की राशि कहाँ निवेश की गई या किन माध्यमों से स्थानांतरित की गई। साथ ही मामले में अन्य लोगों की संभावित संलिप्तता की भी जांच जारी है।
धमतरी पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि असामान्य और निश्चित मासिक मुनाफे का वादा करने वाली निवेश योजनाओं से सतर्क रहें और किसी भी योजना में धन लगाने से पहले उसकी वैधता की पूरी जांच करें।