क्या इंदौर क्राइम ब्रांच ने 'प्रधानमंत्री आवास योजना' के नाम पर ठगी करने वाले को पकड़ा?

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क्या इंदौर क्राइम ब्रांच ने 'प्रधानमंत्री आवास योजना' के नाम पर ठगी करने वाले को पकड़ा?

सारांश

इंदौर की क्राइम ब्रांच ने एक ठग को गिरफ्तार किया है, जिसने 'प्रधानमंत्री आवास योजना' के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी की। यह मामला न केवल इंदौर बल्कि अन्य राज्यों में भी फैला है। क्या यह ठगी का मामला और भी गंभीर है? आइए जानें।

मुख्य बातें

क्राइम ब्रांच ने एक ठग को गिरफ्तार किया है।
ठग ने 'प्रधानमंत्री आवास योजना' के तहत धोखाधड़ी की।
आरोपी ने कई राज्यों में धोखाधड़ी की थी।
यह मामला समाज में बढ़ते धोखाधड़ी के मामलों को उजागर करता है।
सतर्क रहना और ऐसे मामलों की पहचान करना आवश्यक है।

इंदौर, 15 जून (राष्ट्र प्रेस)। इंदौर की क्राइम ब्रांच ने रविवार को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। 'प्रधानमंत्री आवास योजना' के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले 10,000 रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।

जानकारी के अनुसार, आरोपी ने विभिन्न राज्यों में लाखों रुपये की ठगी की और हाल ही में इंदौर में 82 लाख की धोखाधड़ी को अंजाम दिया था।

15 से अधिक फरियादियों ने क्राइम ब्रांच को शिकायत दर्ज कराई थी कि जतिन भाई मानिया नामक युवक ने इंदौर विकास प्राधिकरण के फ्लैट दिखाकर और 'प्रधानमंत्री आवास योजना' के तहत फ्लैट दिलवाने का वादा किया था। उसने लाखों रुपये लेने के बावजूद फ्लैट नहीं दिलवाया। इस आधार पर शिकायत दर्ज की गई थी और पूरे मामले की क्राइम ब्रांच जांच कर रही थी।

इंदौर क्राइम ब्रांच में तैनात डीसीपी राजेश त्रिपाठी ने बताया, "जांच में आरोपी की पहचान जतिन भाई के रूप में हुई है, जो गुजरात का निवासी है। वह लंबे समय से फरार था और इस पर क्राइम ब्रांच ने 10,000 रुपये का इनाम भी घोषित किया था। अब उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।"

उन्होंने कहा, "पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपना नाम और शहर बदल-बदलकर लोगों के साथ धोखाधड़ी करता था। वह ओएलएक्स के माध्यम से इंदौर में रूम किराए पर लेता था, फिर रूममेट और उनके परिजनों को धोखाधड़ी का शिकार बनाता था। धोखाधड़ी का शिकार बनाने वालों को वह बताता था कि उसकी 'द बिजनेस अंपायर' नाम की कंपनी है। आरोपी सस्ते दामों में 'प्रधानमंत्री आवास योजना' के तहत फ्लैट दिलाने का वादा करता था। लोग उसके विश्वास में आकर उसे पैसे देते थे। वह निर्माणाधीन 'प्रधानमंत्री आवास योजना' के फ्लैट दिखाकर ठगी करता था।"

इससे पहले आरोपी ने अहमदाबाद में आरटीओ अधिकारी बनकर लोगों के साथ 10 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी। उसने नौकरी दिलवाने के नाम पर भी 20 लाख रुपये की ठगी करने की बात स्वीकारी है।

आरोपी ने अहमदाबाद, मुंबई जैसे बड़े शहरों में धोखाधड़ी के कई मामले किए हैं। अब क्राइम ब्रांच की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ताकि ऐसे अपराधियों को सजा मिल सके।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरोपी ने कितनी ठगी की है?
आरोपी ने इंदौर में 82 लाख रुपये और अन्य राज्यों में लाखों रुपये की ठगी की है।
क्या आरोपी पहले भी पकड़ा गया था?
नहीं, आरोपी लंबे समय से फरार था और उसके खिलाफ पहले से इनाम घोषित किया गया था।
आरोपी ने किन शहरों में ठगी की है?
आरोपी ने अहमदाबाद, मुंबई और अन्य बड़े शहरों में धोखाधड़ी की है।
राष्ट्र प्रेस
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