पटना में NEET पेपर लीक विरोध: राजभवन मार्च पर पुलिस का लाठीचार्ज, वॉटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल
सारांश
मुख्य बातें
पटना में 22 जुलाई को NEET पेपर लीक के विरोध में हजारों छात्रों ने राजभवन मार्च निकाला, जिसके दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखा टकराव हुआ। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर निकले इस मार्च को सुरक्षा बलों ने जेपी गोलंबर पर बैरिकेड लगाकर रोका और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लिया।
मुख्य घटनाक्रम
सुबह करीब 10:30 बजे छात्रों ने गांधी मैदान से राजभवन की ओर मार्च शुरू किया। करीब 11 बजे पुलिस ने जेपी गोलंबर पर बैरिकेड खड़े कर जुलूस को रोका और प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक वापस लौटने की अपील की।
जब छात्र आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे, तो पुलिस ने पहले वॉटर कैनन और आंसू गैस के गोले छोड़े और फिर लाठीचार्ज किया। लगभग 20 मिनट की झड़प के बाद प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़ने में सफल रहे और डाकबंगला क्रॉसिंग की ओर बढ़ गए।
पुलिस ने डाकबंगला क्रॉसिंग पर एक और सुरक्षा घेरा बनाया, जहाँ अनुमानित 7,000 छात्र जमा हो गए। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीआरपीएफ और बीएसएफ के अतिरिक्त जवानों को बुलाया गया और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर स्थिति की निगरानी करते देखे गए।
हिंसा और संपत्ति नुकसान
इस हंगामे के दौरान पुलिस के एक इंस्पेक्टर जनरल की एस्कॉर्ट गाड़ी पर कथित तौर पर हमला किया गया और उसे नुकसान पहुँचाया गया। अधिकारियों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) का झंडा लगी कुछ गाड़ियों को भी निशाना बनाया गया।
खबरों के अनुसार, डाकबंगला क्रॉसिंग से गुजर रहे एक BJP विधायक को प्रदर्शनकारियों के विरोध का सामना करना पड़ा और उन्हें वह जगह छोड़नी पड़ी।
प्रदर्शनकारियों की माँगें
छात्रों ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी कई माँगें रखीं। इनमें प्रमुख रूप से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, NEET पेपर लीक और परीक्षा में अन्य अनियमितताओं पर ठोस कार्रवाई, TRE-4 भर्ती से जुड़े मुद्दों का समाधान तथा परीक्षा प्रणाली में अधिक जवाबदेही शामिल थी।
प्रदर्शनकारी छात्रा राशि कुमारी ने कहा कि यह आंदोलन NEET सहित पेपर लीक के खिलाफ और TRE-4 नोटिफिकेशन पर स्पष्टता की माँग के लिए था। उन्होंने एनडीए सरकार पर छात्रों की चिंताओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।
पटना विश्वविद्यालय की छात्रा नुसरत परवीन ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में सुधार और परीक्षा से जुड़े तनाव से प्रभावित छात्रों के प्रति अधिक संवेदनशीलता की माँग कर रहे हैं।
सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी घंटों तक स्थिति पर नजर रखे रहे और प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील करते रहे। यह ऐसे समय में आया है जब NEET पेपर लीक विवाद पूरे देश में छात्र आक्रोश का केंद्र बन चुका है।
घटना के तुरंत बाद चोट लगने या गिरफ्तारी के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। गौरतलब है कि यह प्रदर्शन देशभर में उस व्यापक छात्र असंतोष की एक कड़ी है, जो NTA की कार्यप्रणाली और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर उठे सवालों से उपजा है।
आगे की स्थिति
कई घंटों तक हालात तनावपूर्ण बने रहे। सीआरपीएफ और बीएसएफ की अतिरिक्त तैनाती के साथ प्रशासन सतर्क था। छात्र आंदोलन की यह लहर आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है, यदि सरकार की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं आता।