22 जुलाई 2026
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पटना में NEET पेपर लीक विरोध: राजभवन मार्च पर पुलिस का लाठीचार्ज, वॉटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल

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पटना में NEET पेपर लीक विरोध: राजभवन मार्च पर पुलिस का लाठीचार्ज, वॉटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल

सारांश

पटना में NEET पेपर लीक के खिलाफ हजारों छात्रों का राजभवन मार्च पुलिस से भिड़ंत में बदल गया — लाठीचार्ज, वॉटर कैनन और आंसू गैस के बावजूद छात्रों ने बैरिकेड तोड़े। यह घटना देशव्यापी छात्र आक्रोश की उस बड़ी लहर का हिस्सा है जो NTA और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रही है।

मुख्य बातें

22 जुलाई को पटना में NEET पेपर लीक के विरोध में हजारों छात्रों ने राजभवन मार्च निकाला।
पुलिस ने जेपी गोलंबर पर बैरिकेड लगाए और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन , आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया।
करीब 20 मिनट की झड़प के बाद प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़े; अनुमानित 7,000 छात्र डाकबंगला क्रॉसिंग पर जमा हुए।
एक पुलिस इंस्पेक्टर जनरल की एस्कॉर्ट गाड़ी पर कथित तौर पर हमला हुआ; BJP झंडे वाली कुछ गाड़ियाँ भी निशाना बनीं।
सीआरपीएफ और बीएसएफ के अतिरिक्त जवान तैनात किए गए।
घटना के तुरंत बाद चोट या गिरफ्तारी की कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं हुई।

पटना में 22 जुलाई को NEET पेपर लीक के विरोध में हजारों छात्रों ने राजभवन मार्च निकाला, जिसके दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखा टकराव हुआ। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर निकले इस मार्च को सुरक्षा बलों ने जेपी गोलंबर पर बैरिकेड लगाकर रोका और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लिया।

मुख्य घटनाक्रम

सुबह करीब 10:30 बजे छात्रों ने गांधी मैदान से राजभवन की ओर मार्च शुरू किया। करीब 11 बजे पुलिस ने जेपी गोलंबर पर बैरिकेड खड़े कर जुलूस को रोका और प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक वापस लौटने की अपील की।

जब छात्र आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे, तो पुलिस ने पहले वॉटर कैनन और आंसू गैस के गोले छोड़े और फिर लाठीचार्ज किया। लगभग 20 मिनट की झड़प के बाद प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़ने में सफल रहे और डाकबंगला क्रॉसिंग की ओर बढ़ गए।

पुलिस ने डाकबंगला क्रॉसिंग पर एक और सुरक्षा घेरा बनाया, जहाँ अनुमानित 7,000 छात्र जमा हो गए। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीआरपीएफ और बीएसएफ के अतिरिक्त जवानों को बुलाया गया और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर स्थिति की निगरानी करते देखे गए।

हिंसा और संपत्ति नुकसान

इस हंगामे के दौरान पुलिस के एक इंस्पेक्टर जनरल की एस्कॉर्ट गाड़ी पर कथित तौर पर हमला किया गया और उसे नुकसान पहुँचाया गया। अधिकारियों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) का झंडा लगी कुछ गाड़ियों को भी निशाना बनाया गया।

खबरों के अनुसार, डाकबंगला क्रॉसिंग से गुजर रहे एक BJP विधायक को प्रदर्शनकारियों के विरोध का सामना करना पड़ा और उन्हें वह जगह छोड़नी पड़ी।

प्रदर्शनकारियों की माँगें

छात्रों ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी कई माँगें रखीं। इनमें प्रमुख रूप से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, NEET पेपर लीक और परीक्षा में अन्य अनियमितताओं पर ठोस कार्रवाई, TRE-4 भर्ती से जुड़े मुद्दों का समाधान तथा परीक्षा प्रणाली में अधिक जवाबदेही शामिल थी।

प्रदर्शनकारी छात्रा राशि कुमारी ने कहा कि यह आंदोलन NEET सहित पेपर लीक के खिलाफ और TRE-4 नोटिफिकेशन पर स्पष्टता की माँग के लिए था। उन्होंने एनडीए सरकार पर छात्रों की चिंताओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।

पटना विश्वविद्यालय की छात्रा नुसरत परवीन ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में सुधार और परीक्षा से जुड़े तनाव से प्रभावित छात्रों के प्रति अधिक संवेदनशीलता की माँग कर रहे हैं।

सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी घंटों तक स्थिति पर नजर रखे रहे और प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील करते रहे। यह ऐसे समय में आया है जब NEET पेपर लीक विवाद पूरे देश में छात्र आक्रोश का केंद्र बन चुका है।

घटना के तुरंत बाद चोट लगने या गिरफ्तारी के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। गौरतलब है कि यह प्रदर्शन देशभर में उस व्यापक छात्र असंतोष की एक कड़ी है, जो NTA की कार्यप्रणाली और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर उठे सवालों से उपजा है।

आगे की स्थिति

कई घंटों तक हालात तनावपूर्ण बने रहे। सीआरपीएफ और बीएसएफ की अतिरिक्त तैनाती के साथ प्रशासन सतर्क था। छात्र आंदोलन की यह लहर आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है, यदि सरकार की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं आता।

संपादकीय दृष्टिकोण

SSC और अन्य भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताएँ सामने आती रही हैं। लाठीचार्ज से आंदोलन दबेगा नहीं — बल्कि जंतर-मंतर से पटना तक फैली यह लहर बताती है कि छात्र अब सिर्फ सड़क पर नहीं, बल्कि राजनीतिक एजेंडे पर भी जगह माँग रहे हैं। सरकार के लिए असली परीक्षा यह है कि वह NTA सुधार को कागज से ज़मीन पर उतारे — केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटना में राजभवन मार्च क्यों निकाला गया?
यह मार्च NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं के विरोध में निकाला गया था। छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, NTA में सुधार और TRE-4 भर्ती मुद्दों के समाधान की माँग कर रहे थे।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने पहले जेपी गोलंबर पर बैरिकेड लगाए, फिर वॉटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया और अंततः लाठीचार्ज किया। करीब 20 मिनट की झड़प के बाद भी छात्र डटे रहे और बैरिकेड तोड़ने में कामयाब रहे।
प्रदर्शन में कितने छात्र शामिल थे और क्या कोई घायल हुआ?
अनुमानित 7,000 छात्र डाकबंगला क्रॉसिंग पर जमा हुए। घटना के तुरंत बाद चोट लगने या गिरफ्तारी के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।
NEET पेपर लीक विवाद क्या है और इसका छात्रों पर क्या असर पड़ा?
NEET पेपर लीक विवाद में आरोप है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा का प्रश्नपत्र पहले से लीक हो गया था, जिससे लाखों ईमानदार अभ्यर्थियों के भविष्य पर सवाल खड़ा हो गया। इस मामले ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाए हैं और देशभर में छात्र आंदोलन को जन्म दिया है।
पटना प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीआरपीएफ और बीएसएफ के अतिरिक्त जवान तैनात किए गए। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर स्थिति की निगरानी करते रहे और प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की जाती रही।
राष्ट्र प्रेस
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