बिहार बंद: पटना में पथराव के बाद पुलिस का लाठीचार्ज, रामगुलाम चौक पर तनाव
सारांश
मुख्य बातें
पटना में 25 जुलाई को 'बिहार बंद' के दौरान रामगुलाम चौक और एग्जिबिशन रोड ओवरब्रिज के पास प्रदर्शन हिंसक हो गया, जब कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंके और इसके जवाब में पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्तिकेय शर्मा खुद बल के साथ मौके पर तैनात रहे।
मुख्य घटनाक्रम
बंद के दौरान रामगुलाम चौक पर कुछ प्रदर्शनकारी मोबाइल टावर पर चढ़ गए, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। इसके बाद कथित तौर पर पत्थरबाजी शुरू हुई। हालात बिगड़ते देख एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के नेतृत्व में पुलिस बल ने बल प्रयोग किया और अंततः भीड़ को काबू में कर लिया गया।
बंद का कारण
यह 'बिहार बंद' नीट पेपर लीक विवाद, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग और दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में बुलाया गया था। वामपंथी छात्र संगठन आइसा (AISA) और राष्ट्रीय युवा आंदोलन (RVEA) ने बंद का आह्वान किया था।
नेताओं की प्रतिक्रिया
जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव भी रामगुलाम चौक पर प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने कहा, 'छात्रों के साथ नाइंसाफी हो रही है। लोग इस सरकार से परेशान हो चुके हैं। सभी की माँग है कि धर्मेंद्र प्रधान को हटाया जाए।' भाकपा, माले सहित कई वामपंथी दलों के कार्यकर्ता भी सड़कों पर उतरे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
राज्यभर में विरोध प्रदर्शन
पटना के अलावा समस्तीपुर, छपरा, सीवान और जहानाबाद में भी विरोध प्रदर्शन हुए। बंद को देखते हुए राज्यभर में पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा — विभिन्न जिलों में पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती की गई और लगातार गश्ती अभियान चलाया गया।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब नीट विवाद पर देशभर में छात्र आंदोलन तेज हो रहे हैं और विपक्षी दल केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश में हैं। गौरतलब है कि पटना में हुई हिंसा की जाँच और आगे की कार्रवाई पर प्रशासन की प्रतिक्रिया अभी आनी बाकी है।