बिहार विधानसभा में लाठीचार्ज और NEET विवाद पर हंगामा, अध्यक्ष ने कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित की
सारांश
मुख्य बातें
बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन 23 जुलाई को पटना में छात्र प्रदर्शन पर हुए कथित लाठीचार्ज और NEET पेपर लीक विवाद को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी झड़प हुई। भारी हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
सदन में हंगामे की शुरुआत
सत्र आरंभ होने से पूर्व ही विपक्षी विधायक विधानसभा परिसर में बैनर और पोस्टर लेकर प्रदर्शन पर उतर आए। उन्होंने बुधवार को पटना में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज और राज्य सरकार की कार्यशैली के विरुद्ध नारेबाजी की। विपक्ष का आरोप था कि सरकार युवाओं की आवाज़ दबा रही है और उनके मुद्दों पर गंभीरता नहीं दिखा रही।
राजद विधायक का 'तानाशाही' का आरोप
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक बोगो सिंह ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में 'तानाशाही' चल रही है और न जनता की चिंता है, न युवाओं की। इसके बाद जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष ने जोरदार हंगामा खड़ा कर दिया।
सत्ता पक्ष का पलटवार — गाड़ी पर हमले का मुद्दा
इसी बीच सत्ता पक्ष के विधायक श्याम बाबू प्रसाद यादव ने बुधवार के प्रदर्शन के दौरान अपनी गाड़ी पर हमले का मामला सदन में उठाया। उन्होंने कहा, 'डाकबंगला चौराहे पर मेरी गाड़ी खड़ी थी। सैकड़ों की संख्या में हमलावर आए और गाड़ी पर हमला किया।' इस बयान के बाद दोनों पक्षों के सदस्यों के बीच तीखी बहस छिड़ गई और एक-दूसरे के विरुद्ध नारेबाजी शुरू हो गई। अध्यक्ष प्रेम कुमार के बार-बार शांत रहने की अपील के बावजूद हंगामा नहीं थमा, जिसके बाद उन्होंने कार्यवाही स्थगित कर दी।
सरकार की प्रतिक्रिया
बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि लोकतंत्र में आंदोलन का अधिकार सभी को है, लेकिन बुधवार की घटनाएँ छात्र आंदोलन नहीं बल्कि RJD और कांग्रेस के नेताओं द्वारा प्रायोजित गतिविधियाँ थीं। उन्होंने कहा कि पत्रकारों, पुलिसकर्मियों, आम नागरिकों और जनप्रतिनिधियों पर हमला करने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और दोषियों पर स्पीडी ट्रायल चलाया जाएगा।
आगे क्या होगा
मंत्री श्रवण कुमार ने स्पष्ट किया कि सरकार संवाद और समाधान में विश्वास रखती है, किंतु हिंसा किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। यह ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में NEET पेपर लीक को लेकर छात्र समुदाय में आक्रोश चरम पर है। सदन में दोपहर बाद कार्यवाही फिर शुरू होने पर इस मुद्दे पर और तीखी बहस की संभावना है।