25 जुलाई 2026
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बिहार बंद: समस्तीपुर-सीवान में चक्का जाम, पटना-जहानाबाद में भारी पुलिस तैनाती

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बिहार बंद: समस्तीपुर-सीवान में चक्का जाम, पटना-जहानाबाद में भारी पुलिस तैनाती

सारांश

वामपंथी छात्र संगठनों के 'बिहार बंद' ने 25 जुलाई को राज्य के कई जिलों को हिला दिया — समस्तीपुर और सीवान में चक्का जाम, पटना में अर्धसैनिक बल तैनात। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापसी की माँग इस आंदोलन की धुरी है।

मुख्य बातें

वामपंथी छात्र संगठनों आइसा और आरवाईए द्वारा बुलाए गए 'बिहार बंद' का 25 जुलाई को राज्यभर में असर दिखा।
समस्तीपुर और सीवान में प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर सड़कें जाम कीं और केंद्र सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की।
प्रमुख माँग: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा और छात्रों पर दर्ज मुकदमों की वापसी।
सीवान में पुलिस अधीक्षक पूरण कुमार झा ने स्वयं बल के साथ शहर का जायजा लिया।
पटना के इनकम टैक्स गोलंबर पर अर्धसैनिक बल तैनात; जहानाबाद में रेलवे पटरी और डीएम आवास पर पुलिस मार्च।

वामपंथी दलों की छात्र इकाइयों द्वारा बुलाए गए 'बिहार बंद' का शनिवार, 25 जुलाई को राज्य के कई जिलों में व्यापक असर देखा गया। समस्तीपुर और सीवान में प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम कर दीं और केंद्र सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। पटना से लेकर जहानाबाद तक प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए।

मुख्य घटनाक्रम

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर समस्तीपुर में शनिवार सुबह ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (आरवाईए) के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर रास्ते अवरुद्ध किए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए।

आइसा के जिला सचिव सुनील कुमार ने कहा, 'जिस तरह छात्रों का दमन और उन पर मुकदमे हुए हैं, उसके विरोध में आज बिहार बंद है। हमारी केंद्र सरकार से माँग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा कराया जाए और छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लिया जाए।'

आइसा से जुड़े एक अन्य कार्यकर्ता ने कहा, 'सरकार ने छात्रों को लाठी से कुचलने का प्रयास किया है। इसके विरोध में समस्तीपुर और बिहार के अन्य जिलों में चक्का जाम किया जा रहा है। हमारी सभी से अपील है कि वे बिहार बंद को समर्थन दें।'

सीवान में प्रदर्शन, SP ने संभाला मोर्चा

सीवान में भी वामपंथी दलों, विशेषकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के कार्यकर्ताओं ने बंद का समर्थन करते हुए शहर के विभिन्न इलाकों में जुलूस निकाला और सरकार विरोधी नारे लगाए। किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए सीवान के पुलिस अधीक्षक पूरण कुमार झा स्वयं पुलिस बल के साथ लगातार शहर का जायजा लेते रहे।

पटना और जहानाबाद में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

पटना में बंद के मद्देनजर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। इनकम टैक्स गोलंबर के निकट बड़े पैमाने पर अर्धसैनिक बलों और पुलिस की तैनाती की गई। जहानाबाद में भी पुलिसबल ने डीएम आवास, रेलवे पटरी और शहर के अन्य संवेदनशील स्थानों पर मार्च किया और सतर्कता बनाए रखी।

बंद की पृष्ठभूमि

यह बंद छात्रों पर कथित दमन और उनके विरुद्ध दर्ज मुकदमों के विरोध में बुलाया गया था। वामपंथी छात्र संगठनों का आरोप है कि केंद्र सरकार ने छात्र आंदोलन को बलपूर्वक दबाने की कोशिश की, जिसके चलते शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग तेज हो गई है। गौरतलब है कि बिहार में वामपंथी छात्र संगठनों का विश्वविद्यालय परिसरों में लंबे समय से सक्रिय प्रभाव रहा है।

आगे की स्थिति

प्रशासन की ओर से फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। बंद के दौरान किसी बड़ी हिंसक घटना की तत्काल कोई सूचना नहीं मिली। आने वाले दिनों में छात्र संगठनों के अगले कदम पर सबकी नजर रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि असली सवाल यह है कि छात्र आंदोलनों पर मुकदमे दर्ज करने की प्रवृत्ति कितनी व्यापक हो चुकी है। बिहार में आइसा और माले की जड़ें विश्वविद्यालय परिसरों में गहरी हैं, और इस तरह के बंद भविष्य के चुनावी समीकरणों को भी प्रभावित कर सकते हैं — यह पहलू अक्सर अनदेखा रह जाता है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार बंद 25 जुलाई को क्यों बुलाया गया था?
यह बंद वामपंथी दलों की छात्र इकाइयों — आइसा और आरवाईए — ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और छात्रों पर दर्ज मुकदमों की वापसी की माँग को लेकर बुलाया था। संगठनों का आरोप है कि सरकार ने छात्र आंदोलन को बलपूर्वक दबाने की कोशिश की।
बिहार बंद का किन जिलों में असर पड़ा?
समस्तीपुर और सीवान में प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम कीं। पटना में अर्धसैनिक बल तैनात किए गए और जहानाबाद में भी पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर मार्च किया।
समस्तीपुर में बंद के दौरान क्या हुआ?
समस्तीपुर में आइसा और आरवाईए कार्यकर्ताओं ने सुबह से सड़कों पर टायर जलाकर चक्का जाम किया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। आइसा के जिला सचिव सुनील कुमार ने बंद का नेतृत्व किया।
पटना में बंद के दौरान सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए?
पटना के इनकम टैक्स गोलंबर के पास बड़े पैमाने पर अर्धसैनिक बलों और पुलिस की तैनाती की गई। जहानाबाद में डीएम आवास और रेलवे पटरी समेत शहर के विभिन्न हिस्सों में पुलिसकर्मियों ने मार्च किया।
बिहार बंद के बाद आगे क्या होगा?
फिलहाल प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है और किसी बड़ी हिंसक घटना की सूचना नहीं है। छात्र संगठनों के अगले कदम — विशेषकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग पर सरकार की प्रतिक्रिया के आधार पर — आने वाले दिनों में स्पष्ट होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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