25 जुलाई 2026
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मायावती ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को बताया उचित, जंतर-मंतर लाठीचार्ज पर पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की माँग

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मायावती ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को बताया उचित, जंतर-मंतर लाठीचार्ज पर पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की माँग

सारांश

बसपा प्रमुख मायावती ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को देर से उठाया गया सही कदम बताया। जंतर-मंतर पर छात्राओं से कथित बदसलूकी करने वाले पुलिसकर्मियों पर आपराधिक मुकदमे, सभी एफआईआर वापसी और आंदोलन के राजनीतिकरण से बचने की उनकी तिहरी माँग इस संकट की गंभीरता को रेखांकित करती है।

मुख्य बातें

बसपा प्रमुख मायावती ने 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को 'उचित कदम' बताया, कहा — यह फैसला पहले ही होना चाहिए था।
जंतर-मंतर पर कथित लाठीचार्ज में दोषी पुलिसकर्मियों पर अनुशासनिक व आपराधिक कार्रवाई की माँग।
छात्राओं से कथित 'बेहूदा व शर्मनाक बदसलूकी' करने वाले पुरुष पुलिसकर्मियों को चिह्नित कर मुकदमा चलाने की अपील।
आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर और शिकायतें वापस लेने की माँग, ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे।
नीट-यूजी कथित पेपर लीक विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सरकार और सीजेपी के बीच तीसरे दौर की वार्ता से ठीक पहले आया।

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को 'उचित कदम' करार दिया और कहा कि यह निर्णय पहले ही ले लिया जाना चाहिए था। देशभर में नीट-यूजी कथित पेपर लीक को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच मायावती ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जाँच और दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की माँग की।

मायावती की मुख्य माँगें

बसपा प्रमुख ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिन पुलिसकर्मियों ने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे निहत्थे छात्र-छात्राओं पर बर्बरतापूर्वक लाठी-डंडे बरसाए, जिससे वे बड़ी संख्या में गंभीर रूप से घायल हुए, उन पर अनुशासनिक एवं आपराधिक मामले दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

मायावती ने विशेष रूप से उन पुरुष पुलिसकर्मियों का उल्लेख किया जिन्होंने कथित तौर पर छात्राओं के साथ 'बेहूदा व शर्मनाक बदसलूकी' की। उन्होंने माँग की कि ऐसे पुलिसकर्मियों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध आपराधिक मुकदमे चलाए जाएँ ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

एफआईआर वापसी और राजनीतिकरण पर चेतावनी

बसपा मुखिया ने सरकार से यह भी आग्रह किया कि आंदोलनकारी छात्रों व युवाओं के विरुद्ध दर्ज सभी एफआईआर और शिकायतें वापस ली जाएँ। उन्होंने तर्क दिया कि इन मुकदमों के चलते छात्रों को थानों और अदालतों के चक्कर काटने पड़ेंगे, जिससे उनका भविष्य प्रभावित होगा और देश का सौहार्दपूर्ण वातावरण बिगड़ेगा।

मायावती ने आंदोलनकारियों को भी सीधे संबोधित करते हुए कहा कि वे किसी भी राजनीतिक दल को इस संघर्ष का राजनीतिकरण न करने दें और अपने भविष्य को दाँव पर न लगाएँ।

नीट-यूजी विवाद और इस्तीफे की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी के कथित पेपर लीक मामले को लेकर पिछले कई सप्ताह से देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी थे। विभिन्न छात्र संगठनों तथा 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय करने और उनके इस्तीफे की माँग की थी।

इसी दबाव के बीच शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा सौंप दिया। यह इस्तीफा सरकार और सीजेपी के बीच प्रस्तावित तीसरे दौर की वार्ता से ठीक पहले आया, जिसे परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

आगे की राह

छात्र आंदोलन के नेताओं और सरकार के बीच बातचीत का अगला दौर निर्णायक माना जा रहा है। मायावती की माँगें — लाठीचार्ज की जाँच, एफआईआर वापसी और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई — अब इस वार्ता के एजेंडे में शामिल होने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह घटनाक्रम आने वाले समय में परीक्षा सुधार और पुलिस जवाबदेही के मुद्दों पर व्यापक बहस को और तेज़ कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पुलिस जवाबदेही और एफआईआर वापसी — जो सत्तारूढ़ दल के लिए एक राजनीतिक घेराबंदी है। उल्लेखनीय है कि बसपा आमतौर पर सड़क आंदोलनों से दूरी बनाए रखती है, इसलिए इस स्पष्ट समर्थन का राजनीतिक वज़न अनदेखा नहीं किया जा सकता। छात्राओं से बदसलूकी का विशेष उल्लेख बसपा के दलित-महिला मतदाता आधार को ध्यान में रखकर किया गया प्रतीत होता है। असली सवाल यह है कि क्या सरकार एफआईआर वापसी जैसे ठोस कदम उठाएगी, या यह मामला वार्ता की मेज़ पर ही ठंडा पड़ जाएगा।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मायावती ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर क्या कहा?
बसपा प्रमुख मायावती ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को 'उचित कदम' बताया और कहा कि यह निर्णय पहले ही ले लिया जाना चाहिए था। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर यह प्रतिक्रिया दी।
जंतर-मंतर लाठीचार्ज मामले में मायावती की क्या माँगें हैं?
मायावती ने माँग की है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों की निष्पक्ष जाँच हो और दोषियों पर अनुशासनिक व आपराधिक मुकदमे चलाए जाएँ। विशेष रूप से छात्राओं से बदसलूकी करने वाले पुरुष पुलिसकर्मियों को चिह्नित कर सख्त कार्रवाई की माँग की गई है।
नीट-यूजी पेपर लीक विवाद क्या है?
नीट-यूजी भारत की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, जिस पर कथित पेपर लीक के आरोप लगे हैं। इस विवाद को लेकर पिछले कई सप्ताह से देशभर में छात्र संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे थे और शिक्षा मंत्री की जवाबदेही की माँग उठा रहे थे।
धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा कब और किस संदर्भ में दिया?
धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपना इस्तीफा सौंपा, जो सरकार और 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के बीच प्रस्तावित तीसरे दौर की वार्ता से ठीक पहले आया। इसे परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मायावती ने आंदोलनकारी छात्रों को क्या सलाह दी?
मायावती ने आंदोलनकारियों से अपील की कि वे किसी भी राजनीतिक दल को इस संघर्ष का राजनीतिकरण न करने दें और अपने भविष्य को दाँव पर न लगाएँ। साथ ही उन्होंने सरकार से छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने की माँग की।
राष्ट्र प्रेस
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